उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा भूचाल: महिला यौन शोषण आरोपों से बरी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह का अयोध्या से गोंडा तक भव्य शक्ति प्रदर्शन; 'दबदबा' अंदाज में निकला काफिला, नंदिनी कॉलेज में 'सत्यमेव जयते' रैली का आयोजन

अयोध्या/गोंडा: उत्तर प्रदेश की सियासत में अपनी मर्जी और दबंग राजनीतिक रसूख के लिए पहचाने जाने वाले बाहुबली नेता और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) ने एक बार फिर अपने चिर-परिचित 'दबदबा' अंदाज में जोरदार वापसी की है। महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के गंभीर आरोपों से अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद, बृजभूषण शरण सिंह ने अपने गृह क्षेत्र में एक विशाल और ऐतिहासिक शक्ति प्रदर्शन किया। अयोध्या से लेकर गोंडा तक उनके काफिले ने ऐसा रोड शो निकाला, जिसने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। हजारों समर्थकों की भीड़, बुलडोजर से होती फूलों की बारिश और 'शेर आया' के नारों के बीच उनका यह कारवां सीधे गोंडा के प्रसिद्ध नंदिनी नगर कॉलेज पहुंचा, जहां 'सत्यमेव जयते' शीर्षक के तहत एक भव्य अभिनंदन समारोह और जनसभा का आयोजन किया गया।

प्रकरण की पृष्ठभूमि: कानूनी लड़ाई और बरी होने का फैसला

यह पूरा घटनाक्रम उस लंबी और तनावपूर्ण कानूनी लड़ाई के बाद सामने आया है, जिसने देश के खेल और राजनीतिक जगत को लंबे समय तक झकझोर कर रखा था।

पहलवानों के गंभीर आरोप और जंतर-मंतर का धरना: वर्ष 2023 की शुरुआत में देश की नामचीन महिला पहलवानों ने कुश्ती महासंघ (WFI) के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबा और उग्र धरना-प्रदर्शन किया था। इस विवाद के बाद भाजपा ने उन्हें चुनावी राजनीति से थोड़ा दूर कर दिया था और मामला अदालत तक पहुंचा।

अदालत का फैसला और बाइज्जत बरी होना: दिल्ली की एक अदालत ने इस बहुचर्चित मामले की लंबी सुनवाई (करीब 127 से अधिक सुनवाइयों और गवाहों के परीक्षण) के बाद बृजभूषण शरण सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत से राहत मिलने के बाद यह उनका पहला गृह जनपद दौरा था, जिसे उन्होंने अपने शक्ति प्रदर्शन का मुख्य आधार बनाया।

अयोध्या से गोंडा तक शक्ति प्रदर्शन: फिल्मों जैसा भव्य स्वागत

बृजभूषण शरण सिंह का विमान जैसे ही अयोध्या एयरपोर्ट पर उतरा, वहां उनके समर्थकों का सैलाब उमड़ पड़ा। उनके इस स्वागत ने किसी बड़े सियासी जलसे या फिल्मई सीन को पीछे छोड़ दिया।

खुली जीप और गदा लहराते समर्थक: अयोध्या के चार्टर्ड एयरपोर्ट से निकलने के बाद बृजभूषण शरण सिंह एक खुली गाड़ी में सवार हुए। उनके साथ उनके बेटे और गोंडा सदर से विधायक प्रतीक भूषण सिंह भी मौजूद थे, जिन्होंने वाहन के सनरूफ पर खड़े होकर गदा लहराई और शक्ति का प्रदर्शन किया।

हनुमानगढ़ी में दर्शन और संतों का आशीर्वाद: अयोध्या में उन्होंने प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचकर बाहर से ही बजरंगबली के दर्शन किए और संतों का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके काफिले में सैकड़ों लग्जरी गाड़ियां, डीजे, ढोल-नगाड़े और हजारों की संख्या में उत्साही युवा शामिल रहे।

जेसीबी और बुलडोजर से फूलों की बारिश: अयोध्या से गोंडा की सीमा तक हाईवे पर जगह-जगह उनके स्वागत के लिए भव्य गेट बनाए गए थे। समर्थकों ने उनके काफिले पर बुलडोजर और जेसीबी मशीनों के जरिए फूलों की भारी वर्षा की और आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया।

नंदिनी कॉलेज में 'सत्यमेव जयते' रैली: तीखे तेवर और बयानबाजी

गोंडा पहुंचने के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने सबसे पहले नंदिनी गौमाता मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की और उसके बाद नंदिनी नगर कॉलेज के विशाल प्रांगण में आयोजित अभिनंदन समारोह 'सत्यमेव जयते' को संबोधित किया।

"मैंने किसी की साड़ी नहीं खींची": अपने चिर-परिचित आक्रामक तेवर में बोलते हुए बृजभूषण ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से राजनीतिक रूप से प्रेरित और झूठे थे। उन्होंने सफाई देते हुए कहा, "मैंने किसी की साड़ी नहीं खींची। पहलवानों के गले में पदक (Medal) पहनाने के दौरान शारीरिक संपर्क हो सकता है, जिसने एक बड़ा बवंडर खड़ा कर दिया। यह पूरा विवाद केवल 'गुड टच' और 'बैड टच' तक सीमित था, इसके अलावा कुछ नहीं था।"

कानूनों के दुरुपयोग पर सवाल: बृजभूषण ने अपने संबोधन में यह भी मांग उठाई कि देश में महिलाओं के खिलाफ बने कानूनों की समीक्षा की जानी चाहिए, क्योंकि इनका गलत इस्तेमाल भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि वह इस मामले में झुक जाते तो उनका चरित्र हमेशा के लिए धूमिल हो जाता, लेकिन अंततः सत्य की जीत हुई है।

राजनीतिक भविष्य के संकेत: इस विशाल जनसभा और लाखों की भीड़ जुटाकर उन्होंने यह संदेश देने की पूरी कोशिश की है कि तमाम कानूनी लड़ाइयां लड़ने के बाद भी क्षेत्रीय राजनीति में उनका जनाधार, रसूख और 'दबदबा' जरा भी कम नहीं हुआ है, बल्कि और अधिक मजबूत होकर उभरा है।

अदालत से बरी होने के तुरंत बाद बृजभूषण शरण सिंह द्वारा अयोध्या से गोंडा तक निकाला गया यह भव्य काफिला और नंदिनी कॉलेज का शक्ति प्रदर्शन उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा संदेश देता है। यह आयोजन न केवल उनके राजनीतिक वजूद और ताकत की नुमाइश थी, बल्कि यह भी साबित करने के लिए काफी था कि पूर्वांचल की राजनीति में उनका प्रभाव आज भी उतना ही बरकरार है। चाहे विरोधियों के लिए यह शक्ति प्रदर्शन चिंता का विषय हो, लेकिन उनके समर्थकों के लिए यह एक स्पष्ट संदेश है कि बृजभूषण शरण सिंह सियासी मैदान में पूरी ताकत के साथ वापस लौट आए हैं।