सौरबाजार में बिजली तार चोरी के खिलाफ पुलिस का बड़ा एक्शन: जिला आसूचना इकाई के सहयोग से आधा दर्जन संदिग्ध हिरासत में; सरगनाओं की तलाश में जुटी पुलिस, इलाके में मचा हड़कंप

सौरबाजार: बिहार के सहरसा जिले के सौरबाजार थाना क्षेत्र में पिछले कुछ समय से सक्रिय बिजली तार चोर गिरोह के खिलाफ स्थानीय पुलिस ने एक बहुत बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। हाल के दिनों में क्षेत्र में बिजली के तारों की चोरी की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गई थी, जिसके कारण न केवल विद्युत आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही थी बल्कि आम जनता और विभाग को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। इस गंभीर समस्या पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जिला आसूचना इकाई (DIU) के सहयोग से एक गुप्त और व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। इस साहसिक कार्रवाई के दौरान पुलिस ने विभिन्न ठिकानों से आधा दर्जन (6) संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से इलाके के चोरों और अवैध स्क्रैप कारोबारियों में भारी हड़कंप मच गया है।

क्यों पड़ी इस बड़ी कार्रवाई की जरूरत? बढ़ते मामलों से त्रस्त था क्षेत्र

सौरबाजार और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ हफ्तों से रात के अंधेरे में बिजली के तार काटे जाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं।

अंधेरे में डूबते गांव और कृषि संकट: चोरों द्वारा ट्रांसफार्मर और मुख्य लाइनों के तांबे व एल्युमिनियम के तार चुरा लिए जाने के कारण पूरे-पूरे गांव कई-कयों दिनों तक अंधेर में डूबे रहते थे। किसानों को खेतों की सिंचाई करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, जिससे उनकी फसलें सूखने की कगार पर पहुँच गई थीं।

विद्युत विभाग की शिकायतें: बिजली कंपनी के अधिकारियों द्वारा लगातार सौरबाजार थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही थी। चोर गिरोह की धमक इतनी बढ़ गई थी कि पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गया था कि इस संगठित अपराध का पर्दाफाश कैसे किया जाए।

जिला आसूचना इकाई (DIU) और सौरबाजार पुलिस की संयुक्त रेड

बढ़ती आपराधिक वारदातों को गंभीरता से लेते हुए जिला पुलिस के उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार एक विशेष जांच और छापेमारी टीम का गठन किया गया था।

गोपनीय सूचना पर शिकंजा: जिला आसूचना इकाई (DIU) को सौरबाजार क्षेत्र में सक्रिय तार चोर गिरोह के ठिकाने और उनके सहयोगियों के बारे में पुख्ता तकनीकी और मानवीय इनपुट (Inputs) मिले थे। इन्हीं जानकारियों के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया।

आधा दर्जन संदिग्ध हिरासत में: बीती रात पुलिस बलों ने सौरबाजार थाना क्षेत्र के कई संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ अचानक छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने मौके से आधा दर्जन से अधिक संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया। उनके पास से चोरी किए गए तार, काटने के औजार और अन्य संदिग्ध सामग्रियां भी बरामद किए जाने की सूचना है। फिलहाल पुलिस उन्हें अज्ञात सुरक्षित स्थान पर रखकर गहन पूछताछ कर रही है।

चोरी के पूरे नेटवर्क और कबाड़ तस्करों की तलाश जारी

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सौरबाजार में पकड़े गए ये संदिग्ध किसी छुटभैया गिरोह का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा है, जिसके तार आसपास के जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं।

कबाड़ कारोबारियों की संलिप्तता की जांच: बिजली के तारों को काटकर उन्हें गलाने और बेचने के लिए एक अवैध बाजार की आवश्यकता होती है। पुलिस अब उन स्थानीय कबाड़ दुकानदारों और बिचौलियों की तलाश कर रही है जो चोरी का यह महंगा सामान कम दामों में खरीदते थे।

जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा: पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ के दौरान कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह के मुख्य सरगना (Mastermind) और अन्य फरार सदस्यों को भी बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा, जिससे इस पूरे अवैध धंधे का स्थायी रूप से पर्दाफाश हो सके।

सौरबाजार में बिजली तार चोरी के खिलाफ पुलिस और जिला आसूचना इकाई द्वारा की गई यह कार्रवाई बेहद सराहनीय और समयचित है। इस प्रकार के संगठित अपराध न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाते हैं, बल्कि आम जनजीवन को भी बुरी तरह प्रभावित करते हैं। पुलिस की इस दबिश से अपराधियों केौसले पस्त हुए हैं और उम्मीद की जानी चाहिए कि इस नेटवर्क के पूरी तरह ध्वस्त होने से क्षेत्र में शांति व्यवस्था और निर्बाध विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकेगी।