विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर रेलवे का बड़ा तोहफा; सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर कई प्रमुख एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का दिया गया अस्थायी ठहराव, कांवरियों और श्रद्धालुओं को मिलेगी भारी राहत

भागलपुर, कार्यालय संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर श्रावणी मेले के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ और शिवभक्तों (कांवरियों) की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पूर्व रेलवे और मालदा डिवीजन प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मेला अवधि के दौरान देश के विभिन्न कोनों से सुल्तानगंज पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित आवागमन प्रदान करने के लिए कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का सुल्तानगंज स्टेशन पर दो मिनट का अस्थायी ठहराव (Stoppage) प्रदान किया गया है। रेलवे के इस कदम से न केवल यात्रियों को यात्रा करने में सहूलियत होगी, बल्कि भागलपुर-किउल रेलखंड पर बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने में भी बड़ी मदद मिलेगी।

मेले की महत्ता और रेलवे की विशेष तैयारियां

प्रत्येक वर्ष श्रावणी मेले के दौरान झारखंड के देवघर (बाबा बैद्यनाथ धाम) और दुमका (बासुकीनाथ) जाने वाले करोड़ों कांवरिया सुल्तानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा तट से जल भरकर अपनी पैदल यात्रा शुरू करते हैं। इस दौरान देश के कोने-कोने से ट्रेन के माध्यम से हजारों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन सुल्तानगंज स्टेशन पर उतरते हैं।

यात्री दबाव को कम करने की पहल: पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार रेलवे प्रशासन ने मेला शुरू होने से पहले ही व्यापक ट्रैफिक और ट्रेन प्रबंधन योजना तैयार कर ली थी। इसी योजना के तहत लंबी दूरी की कई एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग पूरी की गई है, जिससे यात्रियों को ट्रेनों बदलने या भागलपुर जंक्शन पर उतरकर अतिरिक्त सफर करने की परेशानी से मुक्ति मिल सकेगी।

किन-किन प्रमुख ट्रेनों को मिला सुल्तानगंज में ठहराव?

रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, श्रावणी मेले के मद्देनजर जिन प्रमुख ट्रेनों का ठहराव सुल्तानगंज स्टेशन पर सुनिश्चित किया गया है, उनमें निम्नलिखित गाड़ियां शामिल हैं:

एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें: विभिन्न जोनों से परिचालित होने वाली कई महत्वपूर्ण मेल व एक्सप्रेस ट्रेनें अब सुल्तानगंज स्टेशन पर रुकेंगी। इनमें भागलपुर-दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस, गया-हावड़ा एक्सप्रेस, और मालदा टाउन-किउल क्षेत्र से गुजरने वाली चुनिंदा एक्सप्रेस गाड़ियां शामिल हैं।

मेमू और स्पेशल ट्रेनें: कांवरियों की संख्या में अचानक होने वाले भारी इजाफे को देखते हुए रेलवे ने कई विशेष श्रावणी मेला स्पेशल मेमू (MEMU) और डेमू (DEMU) ट्रेनों का संचालन भी शुरू किया है, जो भागलपुर, जमालपुर, किउल, साहिबगंज और झाझा के बीच फेरे लगाएंगी और सुल्तानगंज स्टेशन पर उनका अनिवार्य ठहराव होगा।

सुल्तानगंज स्टेशन पर यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं और सुरक्षा प्रबंध

ट्रेनों के ठहराव के साथ-साथ सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं:

विशाल अस्थायी यात्री शेड: मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को धूप और बारिश से बचाने के लिए स्टेशन परिसर के बाहर और प्लेटफॉर्म पर बड़े-बड़े वाटर-प्रूफ पंडाल और शेड बनाए गए हैं।

पेयजल और चिकित्सा शिविर: रेलवे ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से स्टेशन परिसर में 24 घंटे कार्यरत रहने वाला एक आपातकालीन चिकित्सा शिविर (Medical Camp) स्थापित किया है, जहां डॉक्टरों की टीम और जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा शुद्ध पेयजल के लिए अतिरिक्त टैंकर और वाटर कियोस्क लगाए गए हैं।

यात्री सहायता केंद्र और उद्घोषणा प्रणाली: श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हिंदी, अंग्रेजी और स्थानीय भाषाओं में लगातार ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान की घोषणा करने के साथ-साथ 'हेल्प डेस्क' बनाए गए हैं, जहां से खोए-पाए बच्चों या अन्य जानकारियों की घोषणा की जा रही है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और आरपीएफ (RPF) की तैनाती

लाखों की संख्या में उमड़ने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है:

सीसीटीवी निगरानी: प्लेटफॉर्मों, फुटओवर ब्रिज और टिकट काउंटरों की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए हाई-डिफ़िनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिन्हें कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है।

क्राउड मैनेजमेंट (भीड़ नियंत्रण): भगदड़ या अव्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए बैरिकेडिंग की गई है ताकि यात्री कतारबद्ध होकर ही ट्रेनों में चढ़ सकें।

सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर कई प्रमुख ट्रेनों का यह अस्थायी ठहराव और की गई व्यापक प्रशासनिक तैयारियां इस बात का प्रमाण हैं कि रेलवे प्रशासन शिवभक्तों की सुगम और सुरक्षित यात्रा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इन पुख्ता प्रबंधों और अतिरिक्त ट्रेनों के परिचालन से इस वर्ष के श्रावणी मेले में आने वाले कांवरियों को आवागमन में अभूतपूर्व राहत मिली है, जिससे उनकी यह पावन यात्रा और अधिक मंगलमय सिद्ध हो रही है।