पूर्णिया में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 516 ग्राम स्मैक के साथ 2 अंतरजिला तस्कर गिरफ्तार, टाटा नेक्सॉन और नेपाली करेंसी भी जब्त
पूर्णिया: बिहार में नशीले पदार्थों के काले कारोबार और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान को पूर्णिया पुलिस ने एक बड़ी सफलता में बदल दिया है। जिले की पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अंतरजिला स्तर पर सक्रिय दो बड़े नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है।
तलाशी के दौरान पुलिस ने इन तस्करों के पास से 516 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली स्मैक (स्मैक/ब्राउन शुगर) बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। इसके साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक चमचमाती टाटा नेक्सॉन कार, चार एंड्रॉइड मोबाइल फोन और 4,000 रुपये नेपाली करेंसी (नेपाली रुपये) भी जब्त की गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। आइए जानते हैं इस पूरी कार्रवाई का एक-एक विवरण।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल: कैसे हत्थे चढ़े तस्कर?
पूर्णिया के पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देशन में जिले में नशा तस्करों पर पैनी नजर रखी जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस को एक सटीक और गोपनीय सूचना मिली थी कि नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप को एक लग्जरी कार के जरिए दूसरे जिलों से पूर्णिया के रास्ते सप्लाई करने की योजना बनाई जा रही है।
घेराबंदी और चेकिंग अभियान: सूचना के मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और जिला सूचना इकाई (DIU) की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने चिन्हित मार्ग और चेकपोस्ट पर त्वरित रूप से सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया।
टाटा नेक्सॉन कार को रोका गया: जांच के दौरान एक संदिग्ध टाटा नेक्सॉन (Tata Nexon) कार को आता देख पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया। पुलिस बल को देखकर कार सवारों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन चौकस पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए वाहन को चारों तरफ से घेर लिया और उसमें सवार दोनों व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया।
तस्करों की पहचान और जब्त किए गए सामानों का ब्योरा
गाड़ी की गहन तलाशी लेने पर पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। कार के अंदर छिपाकर रखी गई आधा किलो से अधिक स्मैक बरामद की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
इमरोज – निवासी (अंतरजिला तस्कर)
नसर – निवासी (अंतरजिला तस्कर)
ये दोनों आरोपी लंबे समय से विभिन्न जिलों में स्मैक की खरीद-बिक्री और सप्लाई नेटवर्क में शामिल थे।
पुलिस द्वारा की गई कुल जब्ती (Seizure List):
स्मैक (Smack/Brown Sugar): 516 ग्राम (आधा किलोग्राम से अधिक)
वाहन: 1 टाटा नेक्सॉन कार (तस्करी में प्रयुक्त)
मोबाइल फोन: 4 प्रीमियम एंड्रॉइड स्मार्टफोन (तस्करी नेटवर्क से जुड़े)
विदेशी मुद्रा: 4,000 नेपाली रुपये (नेपाल कनेक्शन की ओर इशारा)
अंतर्राष्ट्रीय व अंतरजिला कनेक्शन: नेपाल से भी जुड़े तार?
बरामदगी की सूची में 4,000 नेपाली रुपये का मिलना इस बात की ओर मजबूती से इशारा करता है कि तस्करों का नेटवर्क केवल बिहार के जिलों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार सीमावर्ती देश नेपाल से भी जुड़े हो सकते हैं।
नेपाल सीमा का फायदा: पूर्णिया और आसपास के सीमावर्ती जिले नेपाल से सटे होने के कारण नशा तस्करों के लिए मुफीद कॉरिडोर बनते रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या स्मैक की यह खेप नेपाल से सीमा पार कराकर लाई गई थी या फिर इसे नेपाल भेजने की तैयारी थी।
अंतरजिला गिरोह: गिरफ्तार इमरोज और नसर के तार राज्य के अन्य जिलों के बड़े ड्रग पैडलर्स से जुड़े हुए हैं। वे लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल इसलिए करते थे ताकि पुलिस चेकिंग से आसानी से बचा जा सके और किसी को शक न हो।
एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत प्राथमिक दर्ज
पुलिस ने बरामद स्मैक को विधिवत जप्त कर लिया है और दोनों आरोपियों—इमरोज तथा नसर—के खिलाफ स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (NDPS Act) की सुसंगत और गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
कड़ी कानूनी कार्रवाई: 516 ग्राम स्मैक 'व्यावसायिक मात्रा' (Commercial Quantity) के दायरे के करीब आती है, जिसके तहत आरोपियों को कड़ी सजा और लंबे समय तक जेल होने का प्रावधान है।
फॉरेंसिक जांच: जब्त की गई स्मैक के सैंपल को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) में जांच के लिए भेजा जा रहा है ताकि उसकी गुणवत्ता और वैज्ञानिक प्रमाण को अदालत में पेश किया जा सके।
पुलिस की आगे की रणनीति: फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की जांच
इस बड़ी सफलता के बाद पूर्णिया पुलिस केवल इन दो तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहने वाली है। पुलिस प्रशासन अब इस नेटवर्क की पूरी कुंडली खंगालने में जुट गया है।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच: जब्त किए गए 4 मोबाइल फोन के जरिए तस्करों की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। इससे यह स्पष्ट होगा कि वे किसके संपर्क में थे, माल किससे खरीदा गया था और किसे डिलीवरी दी जानी थी।
संपत्ति की जांच: नशा तस्करी के जरिए अर्जित की गई चल-अचल संपत्ति और बैंक खातों की भी जांच की जा रही है, ताकि गैर-कानूनी तरीके से बनाई गई संपत्ति को जब्त किया जा सके।
अन्य सहयोगियों पर शिकंजा: पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है ताकि इस गिरोह के बाकी सदस्यों को भी जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
पूर्णिया में 516 ग्राम स्मैक, टाटा नेक्सॉन कार और नेपाली करेंसी के साथ दो शातिर अंतरजिला तस्करों इमरोज और नसर की गिरफ्तारी पूर्णिया पुलिस की एक शानदार और सराहनीय उपलब्धि है। इस कार्रवाई से न सिर्फ शहर में नशे के अवैध कारोबार पर करारा प्रहार हुआ है, बल्कि युवाओं को गर्त में धकेलने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश भी हुआ है। पुलिस की इस तत्परता से स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध वर्ग ने राहत की सांस ली है।