लहेरियासराय पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 952 बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप के साथ तस्कर गिरफ्तार
बिहार में शराबबंदी के बाद से नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित दवाओं (नशा के रूप में उपयोग होने वाली कफ सिरप) की तस्करी एक गंभीर चुनौती बन गई है। इसी कड़ी में, दरभंगा जिले के लहेरियासराय नगर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। हराही पोखर के समीप सघन वाहन जांच के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप की खेप के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नशीले पदार्थों के खिलाफ पुलिस की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को दर्शाती है।
घटना का विवरण
शुक्रवार की देर रात, लहेरियासराय नगर थाना पुलिस की टीम क्षेत्र में शांति व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के लिए नियमित वाहन जांच (Vehicle Checking) अभियान चला रही थी। इसी दौरान, पुलिस को एक संदिग्ध वाहन आता दिखाई दिया।
जांच का दौर: पुलिस ने जब उक्त वाहन को रुकने का इशारा किया, तो चालक घबरा गया और गाड़ी रोकने के बजाय उसे तेजी से निकालने का प्रयास करने लगा। पुलिस जवानों ने तत्परता दिखाते हुए वाहन को घेर लिया और तलाशी ली।
बरामदगी: तलाशी के दौरान वाहन के अंदर से 952 बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद की गई। बाजार में इन बोतलों की कीमत लाखों रुपये आंकी गई है। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से कफ सिरप और वाहन को जब्त कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान
पकड़े गए आरोपी की पहचान सुनील कुमार दास के रूप में हुई है, जो दिलावरपुर कोरिया टोला, दरभंगा का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, सुनील लंबे समय से इस क्षेत्र में नशे का अवैध कारोबार कर रहा था और पुलिस की नजरों से बचकर इन खेपों को शहर के विभिन्न इलाकों में सप्लाई करता था।
पुलिसिया पूछताछ और जांच का दायरा
गिरफ्तारी के बाद सुनील कुमार दास को नगर थाने लाया गया, जहां उससे पुलिस की विशेष टीम पूछताछ कर रही है। एसएसपी के निर्देशानुसार, जांच का दायरा काफी विस्तृत किया गया है:
नेटवर्क का खुलासा: पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में कफ सिरप की खेप कहां से लाई गई थी और इसका अंतिम गंतव्य (Destination) क्या था।
मास्टरमाइंड की तलाश: पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या सुनील इस कारोबार में अकेला है या इसके पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है।
सप्लाई चेन: कफ सिरप को किन-किन इलाकों में और किन लोगों को बेचा जाना था, इसका डेटा खंगाला जा रहा है। पकड़े गए आरोपी के मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) को भी खंगाला जा रहा है।
नशीले पदार्थों के खिलाफ पुलिस का कड़ा रुख
नगर थाना प्रभारी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस किसी भी कीमत पर शहर को नशे का केंद्र नहीं बनने देगी। उन्होंने कहा:
"प्रतिबंधित कफ सिरप युवाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। हम न केवल तस्करों को पकड़ रहे हैं, बल्कि इस पूरी सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सुनील कुमार दास की गिरफ्तारी इस नेटवर्क को भेदने में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है।"
स्थानीय प्रशासन की भूमिका और चुनौती
दरभंगा जैसे शैक्षणिक और व्यावसायिक हब में नशीले पदार्थों का बढ़ता चलन प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। लहेरियासराय पुलिस की इस कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी वाहन जांच के दौरान इस तरह की सख्ती जारी रहेगी।
निष्कर्ष
लहेरियासराय पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है। 952 बोतलों का पकड़ा जाना यह स्पष्ट करता है कि दरभंगा में नशा माफिया पूरी तरह सक्रिय हैं, जिसे समय रहते रोकना अत्यंत आवश्यक है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस की पूछताछ में आरोपी सुनील कुमार दास और कौन-कौन से बड़े नामों का खुलासा करता है।
पुलिस ने आगे कहा है कि मामले में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।