अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज (ANMMCH) परीक्षा धांधली मामले में बड़ी कार्रवाई; कांटी का 'विवेक' निकला सॉल्वर
गया: अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (ANMMCH) में आयोजित परीक्षाओं में सेंधमारी और सॉल्वर गैंग की सक्रियता को लेकर कॉलेज प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। परीक्षा के दौरान धांधली की सूचना पर की गई सघन जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। भगवानपुर केंद्र पर परीक्षा के दौरान एक सॉल्वर को पकड़ा गया है, जिसकी पहचान कांटी (मुजफ्फरपुर) निवासी विवेक कुमार के रूप में हुई है। इस खुलासे के बाद पूरे परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज में चल रही परीक्षाओं के दौरान कॉलेज प्रशासन को सूचना मिली थी कि कुछ अभ्यर्थी अनुचित साधनों का उपयोग कर रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर भगवानपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर तैनात विशेष उड़नदस्ता टीम ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम को एक परीक्षार्थी पर संदेह हुआ, जो काफी घबराहट में था। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसकी पोल खुल गई।
पकड़ा गया युवक, जिसका नाम विवेक कुमार है, मूल रूप से मुजफ्फरपुर जिले के कांटी का रहने वाला है। वह किसी दूसरे वास्तविक परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा में शामिल हो रहा था। उसके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन की सख्त कार्रवाई
घटना के तुरंत बाद कॉलेज के प्राचार्य और परीक्षा नियंत्रक ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। कॉलेज प्रशासन ने बिना किसी देरी के मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सॉल्वर विवेक को हिरासत में ले लिया है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने कहा कि, "शैक्षणिक शुचिता बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। इस प्रकार की धांधली को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी इसमें शामिल है, उसे बख्शा नहीं जाएगा।"
सॉल्वर गैंग का बड़ा नेटवर्क होने की आशंका
प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि विवेक किसी बड़े सॉल्वर गैंग का हिस्सा है। उसके पास से बरामद मोबाइल और कागजात से कई अन्य संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। यह माना जा रहा है कि यह गिरोह राज्य के विभिन्न मेडिकल और सरकारी परीक्षाओं में फर्जी अभ्यर्थियों को बैठाकर मोटी रकम ऐंठता है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवेक के तार किन-किन बड़े गिरोहों से जुड़े हैं और अब तक उसने कितने परीक्षाओं में सॉल्वर के रूप में भाग लिया है।
पुलिस की छापेमारी और आगे की राह
भगवानपुर थाने की पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सॉल्वर के पकड़े जाने से इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होने की पूरी उम्मीद है। कॉलेज प्रशासन ने भी अब अपनी निगरानी व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया है। आगामी सभी परीक्षाओं में अब बायोमेट्रिक मिलान के साथ-साथ गहन जांच के निर्देश जारी किए गए हैं।
इस घटना के बाद परीक्षार्थियों में भी चर्चा है कि आखिर किस तरह से सॉल्वर गिरोह परीक्षा केंद्रों के इतने करीब तक पहुंच जाते हैं। कॉलेज के छात्र संगठन और स्थानीय अभिभावकों ने भी मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो ताकि भविष्य में परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहे।