भागलपुर में कर्ण सेना ने आयोजित किया ‘झूम के आया सावन’ कार्यक्रम विधायक रोहित पांडेय ने किया उद्घाटन, कवियों और गायकों ने सावन की फुहारों से सजाया सांस्कृतिक मंच
भागलपुर : भागलपुर में कर्ण सेना की ओर से ‘झूम के आया सावन’ नामक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन विधायक रोहित पांडेय और अन्य गणमान्य अतिथियों ने किया। सावन के मौसम, प्रकृति, लोक संस्कृति और भारतीय परंपराओं को समर्पित इस आयोजन में कवियों, गायकों और सांस्कृतिक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम स्थल पर सावन की फुहारों जैसी सांस्कृतिक रंगत देखने को मिली। आयोजकों ने मंच को आकर्षक ढंग से सजाया था और बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम का आनंद लेने पहुंचे। उद्घाटन के बाद अतिथियों ने सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन को समाज और नई पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण बताया।
विधायक रोहित पांडेय ने किया उद्घाटन
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन विधायक रोहित पांडेय और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने किया। इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत किया गया और आयोजन के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
अतिथियों ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सावन का महीना विशेष महत्व रखता है। यह महीना प्रकृति की हरियाली, वर्षा, लोकगीतों और धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। सावन के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम लोगों को अपनी परंपराओं और लोक संस्कृति से जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
कवियों ने रचनाओं से बांधा समां
कार्यक्रम में शामिल कवियों ने सावन, बारिश, प्रकृति और जीवन के विभिन्न रंगों पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कीं। कविता पाठ के माध्यम से सावन की हरियाली, वर्षा की बूंदों और ग्रामीण जीवन की सुंदरता को शब्दों में पिरोया गया।
श्रोताओं ने कवियों की प्रस्तुतियों का तालियों के साथ उत्साहपूर्वक स्वागत किया। कई कविताओं में प्रेम, प्रकृति, सामाजिक सरोकार और भारतीय परंपराओं के अलग-अलग पहलुओं को भी प्रस्तुत किया गया।
गायकों की प्रस्तुतियों ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में गायकों ने भी सावन से जुड़े गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से माहौल को जीवंत बना दिया। लोकगीतों और पारंपरिक गीतों पर उपस्थित लोगों ने जमकर आनंद लिया।
सावन की बारिश, झूले, हरियाली और लोक जीवन से जुड़े गीतों ने लोगों को भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं की याद दिलाई। कई श्रोताओं ने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की।
लोक संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास
आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भारतीय लोक संस्कृति, साहित्य और संगीत को बढ़ावा देना भी है। ऐसे आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराते हैं और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराते हैं।
कर्ण सेना के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम की तैयारियों और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों से जुड़े लोग भी उपस्थित रहे।
सावन की संस्कृति और परंपरा पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सावन महीने की सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं पर भी अपने विचार रखे। सावन को प्रकृति के उत्सव के रूप में देखते हुए लोगों से पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने की अपील की गई।
वक्ताओं ने कहा कि बारिश और हरियाली से जुड़े लोक पर्व और सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी जुड़ाव को बढ़ावा देते हैं।
दर्शकों ने लिया सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद
कार्यक्रम में शहर के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया। कविता और संगीत की प्रस्तुतियों के साथ पूरा माहौल सांस्कृतिक रंग में रंगा नजर आया। उपस्थित लोगों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और आयोजन की सराहना की।