बैजानी में 12वां गांधी उत्सव 2 से 4 अक्टूबर तक, महात्मा गांधी के भागलपुर आगमन की शताब्दी पर होगा विशेष आयोजन गांधीवादी विचारक राजगोपाल पीवी करेंगे उद्घाटन, देशभर से विचारक, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता होंगे शामिल
भागलपुर : महात्मा गांधी के भागलपुर आगमन की शताब्दी वर्ष के अवसर पर बैजानी में 12वें गांधी उत्सव का आयोजन 2 से 4 अक्टूबर तक किया जाएगा। तीन दिवसीय इस आयोजन में गांधी के विचारों, उनके जीवन दर्शन और वर्तमान समय में गांधीवादी मूल्यों की प्रासंगिकता पर व्यापक चर्चा होगी। उत्सव का उद्घाटन प्रसिद्ध गांधीवादी विचारक राजगोपाल पीवी करेंगे।
आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से गांधीवादी विचारक, लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद और गांधी दर्शन से जुड़े लोग भाग लेंगे। आयोजकों के अनुसार, यह महोत्सव केवल स्मृति आयोजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समाज के सामने मौजूद समकालीन चुनौतियों के संदर्भ में गांधी के विचारों पर गंभीर विमर्श का मंच बनेगा।
शताब्दी वर्ष पर विशेष महत्व
महात्मा गांधी का भागलपुर आगमन क्षेत्र के इतिहास में महत्वपूर्ण माना जाता है। उनके आगमन की शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित गांधी उत्सव को इस वर्ष विशेष रूप से व्यापक स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है।
आयोजकों का कहना है कि गांधी के विचार आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। सत्य, अहिंसा, स्वावलंबन, स्वच्छता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय मूल्यों जैसे विषयों पर युवाओं और आम लोगों के बीच चर्चा को बढ़ावा दिया जाएगा।
राजगोपाल पीवी करेंगे उद्घाटन
12वें गांधी उत्सव का उद्घाटन गांधीवादी विचारक राजगोपाल पीवी करेंगे। उद्घाटन समारोह में गांधी दर्शन के विभिन्न पहलुओं और उसके समकालीन महत्व पर प्रकाश डाला जाएगा।
आयोजन समिति का मानना है कि देशभर से आने वाले विशेषज्ञों और विचारकों की भागीदारी से संवाद और विमर्श को नई दिशा मिलेगी। विभिन्न सत्रों में सामाजिक परिवर्तन, लोकतांत्रिक मूल्य, ग्राम स्वराज और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जा सकता है।
देशभर से आएंगे विचारक और लेखक
गांधी उत्सव में विभिन्न राज्यों से गांधीवादी चिंतक, लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद भाग लेंगे। आयोजन के दौरान विचार गोष्ठी, संवाद सत्र, व्याख्यान और परिचर्चा जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इन कार्यक्रमों में गांधी के जीवन और विचारों के साथ-साथ वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों में उनकी प्रासंगिकता पर चर्चा होगी। लेखक और विचारक अपनी रचनाओं और अनुभवों के माध्यम से समाज के सामने मौजूद विभिन्न चुनौतियों पर विचार रखेंगे।
युवा पीढ़ी को गांधी विचार से जोड़ने का प्रयास
गांधी उत्सव का एक प्रमुख उद्देश्य नई पीढ़ी को गांधीवादी विचारों से परिचित कराना है। आयोजन के दौरान युवाओं और विद्यार्थियों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।
आयोजकों का कहना है कि आज के दौर में युवाओं को केवल ऐतिहासिक जानकारी ही नहीं, बल्कि गांधी के विचारों को व्यवहारिक जीवन से जोड़कर समझने की आवश्यकता है। सत्य, अहिंसा और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्य युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम भी होंगे
तीन दिवसीय गांधी उत्सव के दौरान विचार-विमर्श के साथ सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। गांधी के जीवन, भारतीय समाज और लोक संस्कृति से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों को महोत्सव का हिस्सा बनाया जा सकता है।
स्थानीय लोगों की भागीदारी भी उत्सव की विशेषता होगी। बैजानी और आसपास के क्षेत्रों में कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं।
गांधी दर्शन की प्रासंगिकता पर होगा मंथन
महोत्सव में गांधी के विचारों को वर्तमान परिस्थितियों के संदर्भ में समझने पर विशेष जोर दिया जाएगा। बढ़ती सामाजिक असमानता, हिंसा, पर्यावरणीय चुनौतियों और सामाजिक तनाव जैसे मुद्दों पर गांधीवादी दृष्टिकोण से विचार किया जाएगा।
आयोजकों का मानना है कि गांधी का दर्शन केवल अतीत की विरासत नहीं है, बल्कि वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों को समझने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है।