सावन में बदलेगी अजगैवीनाथ मंदिर की जलार्पण व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन ने शुरू की तैयारी
भागलपुर | निज संवाददाता
भागलपुर जिले के सुल्तानगंज स्थित विश्वप्रसिद्ध अजगैवीनाथ धाम में आगामी श्रावणी मेले को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष सावन के दौरान भगवान शिव पर जलार्पण की व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जाने की योजना है। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु दर्शन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नई कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को कम समय में सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से बाबा अजगैवीनाथ का जलाभिषेक कराने की सुविधा उपलब्ध कराना है।
हर वर्ष सावन के महीने में देश के विभिन्न राज्यों से लाखों कांवरिया और श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंचते हैं। यहां उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर श्रद्धालु देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना होते हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहले अजगैवीनाथ मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक भी करते हैं। इसी कारण सावन के दौरान मंदिर परिसर में भारी भीड़ रहती है।
जलार्पण व्यवस्था में होगा बदलाव
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस बार जलार्पण व्यवस्था को पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित बनाया जाएगा। श्रद्धालुओं की लंबी कतारों को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग निर्धारित किए जाएंगे। इससे भीड़ का दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग को और मजबूत किया जाएगा ताकि कतारें व्यवस्थित बनी रहें। आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त स्वयंसेवकों और पुलिस बल की भी तैनाती की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा होगी प्राथमिकता
प्रशासन का कहना है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। मंदिर परिसर और आसपास पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सहायता, विश्राम स्थल तथा सूचना केंद्र जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा।
गर्मी और उमस को देखते हुए कतारों में खड़े श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और एंबुलेंस भी उपलब्ध रहेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था होगी सख्त
श्रावणी मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की तैयारी की जा रही है। मंदिर परिसर, प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे मंदिर परिसर की निगरानी की जाएगी। नियंत्रण कक्ष से सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान
सावन में सुल्तानगंज आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में पहुंच जाती है। इसे देखते हुए ट्रैफिक प्रबंधन की भी विशेष योजना तैयार की जा रही है।
वाहनों के लिए अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए जाएंगे। प्रमुख मार्गों पर यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि श्रद्धालुओं को जाम की समस्या का सामना न करना पड़े।
सफाई और स्वच्छता अभियान
मंदिर परिसर और गंगा घाटों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। नगर परिषद और संबंधित विभागों को नियमित सफाई, कचरा निष्पादन और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रद्धालुओं से भी अपील की जाएगी कि वे परिसर को स्वच्छ रखें और प्लास्टिक सहित अन्य कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालें।
स्वास्थ्य सेवाओं को किया जाएगा मजबूत
श्रावणी मेले के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से अतिरिक्त डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की जाएगी। आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए एंबुलेंस चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी।
हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने के लिए विशेष चिकित्सा शिविर भी लगाए जा सकते हैं।
स्थानीय व्यापारियों को भी मिलेगी सुविधा
श्रावणी मेले के दौरान स्थानीय व्यापारियों और छोटे दुकानदारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। प्रशासन दुकानों के लिए निर्धारित स्थान तय करेगा ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही बाधित न हो और व्यापार भी सुचारु रूप से चलता रहे।
व्यापारियों से भी निर्धारित नियमों का पालन करने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की जाएगी।
प्रशासन ने शुरू की तैयारियां
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न विभागों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। पुलिस, स्वास्थ्य, नगर परिषद, बिजली, जलापूर्ति और आपदा प्रबंधन विभाग को अपनी-अपनी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।
अधिकारियों का कहना है कि समय रहते सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी ताकि सावन के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, निर्धारित कतारों में ही जलार्पण करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
श्रद्धालुओं से यह भी अनुरोध किया गया है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस, स्वयंसेवकों या नियंत्रण कक्ष को सूचना दें।
विश्वप्रसिद्ध अजगैवीनाथ धाम में इस वर्ष सावन के दौरान जलार्पण व्यवस्था को पहले की तुलना में अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं, सुरक्षित वातावरण और सुगम दर्शन उपलब्ध कराना है। यदि सभी तैयारियां समय पर पूरी हो जाती हैं और श्रद्धालु भी प्रशासन का सहयोग करते हैं, तो इस वर्ष का श्रावणी मेला अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और सफल होने की उम्मीद है।