प्रशिक्षण के क्षेत्र में इरिमी जमालपुर ने रचा इतिहास: जुलाई 2026 में प्रशिक्षु दिवस में दर्ज की गई तीन गुना वृद्धि; बिना किसी नए अवसंरचना विस्तार के हासिल हुई यह अभूतपूर्व उपलब्धि

जमालपुर / नई दिल्ली: भारतीय रेलवे के सबसे पुराने, गौरवशाली और प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थानों में शुमार भारतीय रेल यांत्रिक एवं विद्युत अभियंत्रण संस्थान (IRIEIM - इरिमी, जमालपुर) ने प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। संस्थान ने जुलाई 2026 के दौरान अपने 'प्रशिक्षु दिवस' (Trainee Days) के आंकड़ों में तीन गुना (300% से अधिक) की शानदार वृद्धि दर्ज करते हुए एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। सबसे बड़ी और गौर करने वाली बात यह है कि यह रिकॉर्डतोड़ सफलता बिना किसी नए बुनियादी ढांचे (Infrastructure Expansion) या अतिरिक्त भौतिक निर्माण के हासिल की गई है, जो संस्थान के कुशल प्रबंधन और प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है। यह पूरी सफलता महानिदेशक अनिमेष कुमार सिन्हा (Animesh Kumar Sinha) के दूरदर्शी और सशक्त नेतृत्व में प्राप्त हुई है।

बिना अवसंरचना विस्तार के कैसे हासिल हुई यह सफलता?

आम तौर पर किसी भी शिक्षण या प्रशिक्षण संस्थान में छात्रों या प्रशिक्षुओं की संख्या बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर नए भवनों, कक्षाओं, हॉस्टल और प्रयोगशालाओं के निर्माण की आवश्यकता समझी जाती है। लेकिन इरिमी जमालपुर ने इस स्थापित धारणा को बदलते हुए एक अनूठा उदाहरण पेश किया है।

संसाधनों का इष्टतम उपयोग (Optimal Utilization of Resources): इरिमी के डीन और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, उपलब्ध संसाधनों का बेहतरीन और सूझबूझ भरा इस्तेमाल किया गया। संकाय सदस्यों (Faculty Members) के बीच आपसी बेहतर समन्वय और कक्षाओं के चुस्त शेड्यूलिंग के जरिए कम समय और कम पाठ्यक्रमों में अधिक से अधिक रेलकर्मियों को उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यकुशलता में सुधार: महानिदेशक अनिमेष कुमार सिन्हा की अगुवाई में ट्रेनिंग मॉड्यूल को अधिक प्रभावी बनाया गया, जिससे समय की बर्बादी रुकी और प्रशिक्षण की क्षमता में तीन गुना तक का इजाफा दर्ज किया गया।

महानिदेशक अनिमेष कुमार सिन्हा और संकाय का दृष्टिकोण

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के हासिल होने पर संस्थान के महानिदेशक अनिमेष कुमार सिन्हा ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की और इसका पूरा श्रेय पूरी टीम को दिया।

मानव संसाधन का विकास: महानिदेशक ने अपने संबोधन में कहा कि इरिमी का मुख्य उद्देश्य भारतीय रेलवे को अधिक कुशल, सुरक्षित और तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध कराना है। रेलवे के आधुनिकीकरण के इस दौर में आधुनिक तकनीकों, सिम्युलेटर-आधारित ट्रेनिंग और आपातकालीन निर्णय क्षमता को बढ़ावा देना उनकी प्राथमिकता रही है

प्रशिक्षण का नया बेंचमार्क: संस्थान के संकाय सदस्यों का कहना है कि इस तीन गुना वृद्धि ने देशभर के अन्य रेलवे प्रशिक्षण संस्थानों के सामने भी एक मिसाल पेश की है कि सीमित संसाधनों में भी किस प्रकार बेहतरीन परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

भविष्य की योजनाएं: हाई-स्पीड रेल का 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' बन रहा इरिमी

138 वर्षों की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत समेटे जमालपुर का यह प्रतिष्ठित संस्थान अब भविष्य की जरूरतों के लिए पूरी तरह तैयार हो रहा है।

आधुनिक तकनीकों का समावेश: देश में बढ़ते हाई-स्पीड रेल नेटवर्क (High Speed Rail Network) और आधुनिक रोलिंग स्टॉक को ध्यान में रखते हुए इरिमी को एक अत्याधुनिक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया जा रहा है।

बड़ी विकास योजनाएं: हाल ही में संस्थान के समग्र विकास और तकनीकी प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय योजनाओं को गति दी गई है, जिससे लोको पायलटों, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों को अत्याधुनिक आपातकालीन और तकनीकी परिस्थितियों से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके।

इरिमी जमालपुर द्वारा जुलाई 2026 में प्रशिक्षु दिवस में दर्ज की गई यह तीन गुना वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि मजबूत इच्छाशक्ति, सही प्रशासनिक रणनीति और कुशल नेतृत्व के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। महानिदेशक अनिमेष कुमार सिन्हा के नेतृत्व में इरिमी ने न केवल अपनी कार्यक्षमता का लोहा मनवाया है, बल्कि भारतीय रेलवे की सुरक्षा और तकनीकी दक्षता को भी एक नई मजबूती प्रदान की है। यह उपलब्धि आने वाले दिनों में भारतीय रेलवे के मानव संसाधन विकास इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद रखी जाएगी।