डीएमसीएच में 'इंज्यूरी सेल' का गठन, जख्म प्रतिवेदन (Injury Report) प्रक्रिया होगी अब तेज
दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (DMCH) प्रशासन ने चिकित्सा-कानूनी मामलों (Medico-Legal Cases) के निष्पादन में तेजी लाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है। अस्पताल में अब एक समर्पित 'इंज्यूरी सेल' (Injury Cell) का गठन किया गया है। यह निर्णय विशेष रूप से पुलिस और अदालती कार्यवाही के लिए अनिवार्य 'जख्म प्रतिवेदन' (Injury Report) की प्रक्रिया में हो रही देरी को समाप्त करने के उद्देश्य से लिया गया है।
इंज्यूरी सेल के गठन की आवश्यकता
डीएमसीएच में अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं जहाँ दुर्घटना, मारपीट या अन्य आपराधिक घटनाओं के बाद पीड़ितों को मेडिकल जांच के लिए लाया जाता है। पूर्व में, जख्म प्रतिवेदन तैयार करने की प्रक्रिया में देरी होने के कारण पुलिस जांच और अदालती मामलों में काफी समय लग जाता था, जिसका सीधा असर न्याय की प्रक्रिया पर पड़ता था। अस्पताल अधीक्षक के संज्ञान में यह बात आई कि कागजी कार्यवाही और समन्वय की कमी के कारण मरीजों और पुलिस दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
डॉ. कमरुद्दीन अंसारी नोडल पदाधिकारी नियुक्त
प्रशासनिक दक्षता सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल अधीक्षक ने डॉ. कमरुद्दीन अंसारी को इस नवगठित 'इंज्यूरी सेल' का नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया है।
जिम्मेदारी: डॉ. अंसारी अब जख्म प्रतिवेदन से संबंधित सभी फाइलों, मेडिकल रिपोर्ट्स के संकलन और समय पर पुलिस को प्रतिवेदन भेजने की पूरी निगरानी करेंगे।
समन्वय: नोडल पदाधिकारी के रूप में वे अस्पताल के आपातकालीन विभाग, फोरेंसिक विभाग और स्थानीय थाना के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करेंगे।
इंज्यूरी सेल के मुख्य कार्य और उद्देश्य
इस सेल के गठन के बाद डीएमसीएच में निम्नलिखित प्रणालियों में बदलाव किए गए हैं:
समयबद्ध निष्पादन: जख्म प्रतिवेदन तैयार करने के लिए एक निश्चित समय सीमा निर्धारित की गई है, ताकि किसी भी मामले की रिपोर्ट लंबित न रहे।
डिजिटल रिकॉर्ड-कीपिंग: रिपोर्ट को सुरक्षित और सुलभ बनाने के लिए डिजिटल डेटाबेस का उपयोग किया जाएगा।
पारदर्शिता: डॉक्टर और पुलिस के बीच बेहतर संवाद के माध्यम से रिपोर्ट में त्रुटियों की संभावना को कम करना।
त्वरित प्रेषण: रिपोर्ट तैयार होने के तुरंत बाद संबंधित पुलिस अधिकारियों को उसे भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करना।
मरीजों और पुलिस को होने वाले लाभ
इस बदलाव से प्रशासन ने दोतरफा लाभ की अपेक्षा की है:
| हितधारक | लाभ |
|---|---|
| मरीज/पीड़ित | मेडिकल रिपोर्ट के लिए बार-बार चक्कर लगाने से मुक्ति और त्वरित न्याय में सहायता। |
| पुलिस प्रशासन | केस की जांच में तेजी आएगी, जिससे अपराधियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया सुदृढ़ होगी। |
| अस्पताल | अनावश्यक भीड़ कम होगी और प्रशासनिक जवाबदेही तय होगी। |
प्रशासनिक दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता
अस्पताल अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि इंज्यूरी सेल का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ कानूनी दायित्वों का भी निष्ठापूर्वक निर्वहन करना है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे नोडल पदाधिकारी डॉ. कमरुद्दीन अंसारी के साथ पूरा सहयोग करें।