सिल्क सिटी के ऐतिहासिक तिलकामांझी चौक का होगा कायाकल्प; 18.52 लाख की लागत से स्थापित होगा भव्य हाईमास्ट राष्ट्रीय ध्वज, नगर निगम ने जारी की निविदा
भागलपुर, विशेष संवाददाता: बिहार के रेशमी शहर भागलपुर की पहचान और उसकी ऐतिहासिक खूबसूरती में एक नया और गौरवशाली अध्याय जुड़ने जा रहा है। शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख चौराहों में शुमार तिलकामांझी चौक के सौंदर्यीकरण को लेकर नगर निगम प्रशासन ने एक बहुत बड़ी और सराहनीय पहल की है। प्रथम स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद बाबा तिलकामांझी की पावन स्मृति से जुड़े इस ऐतिहासिक चौक की सूरत बदलने के लिए व्यापक योजना तैयार की गई है, जिसके तहत यहां एक भव्य हाईमास्ट राष्ट्रीय ध्वज (High Mast National Flag) स्थापित किया जाएगा। इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 18.52 लाख रुपये (करीब 18.53 लाख) तय की गई है। इस महत्वाकांक्षी कार्य को धरातल पर उतारने के लिए नगर निगम द्वारा आधिकारिक निविदा (Tender) आमंत्रित कर दी गई है, जिसके तहत निर्माण एजेंसियों के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
क्या है पूरी परियोजना और क्यों चुनी गई यह जगह?
भागलपुर आने वाले और शहर के भीतर सफर करने वाले लाखों नागरिकों के लिए तिलकामांझी चौक एक मुख्य केंद्र बिंदु है। पिछले कुछ समय से इस चौराहे के व्यवस्थित विकास और सुंदरीकरण की मांग लगातार उठ रही थी। इसे ध्यान में रखते हुए नगर निगम प्रशासन ने शहर के प्रमुख चौराहों को आधुनिक लुक देने की जो विशेष रूपरेखा तैयार की है, उसमें तिलकामांझी चौक का विकास सर्वोपरि है।
राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक: चौक के बीचों-बीच एक बहुत ऊंचे पोल पर जब हमारा राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) शान से लहराएगा, तो यह न केवल इस क्षेत्र की सुंदरता को कई गुना बढ़ाएगा, बल्कि यहां से गुजरने वाले हर नागरिक के दिल में राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति की भावना को भी प्रज्वलित करेगा।
रेलवे स्टेशन की तर्ज पर डिजाइन: अधिकारियों के अनुसार, यह हाईमास्ट तिरंगा ठीक उसी तर्ज पर लगाया जाएगा जिस तरह भागलपुर रेलवे स्टेशन परिसर में स्थापित राष्ट्रीय ध्वज शहर की शान बढ़ा रहा है।
सुंदरीकरण परियोजना के अन्य प्रमुख आकर्षण और कार्य
महज हाईमास्ट झंडा लगाने तक ही यह योजना सीमित नहीं है, बल्कि नगर निगम इस पूरे चौराहे और इसके आसपास के परिसर का समग्र कायाकल्प करने जा रहा है:
वर्टिकल गार्डन का निर्माण: कंक्रीट के जंगल बनते शहर के बीच पर्यावरण संतुलन और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए चौक के पास एक आकर्षक वर्टिकल गार्डन (Vertical Garden) विकसित किया जाएगा, जो देखने में बेहद मनमोहक लगेगा।
आधुनिक लाइटिंग और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था: रात के समय इस पूरे चौक की खूबसूरती में चार चांद लगाने के लिए विशेष और आधुनिक लाइटिंग इफेक्ट्स लगाए जाएंगे। रोशनी की यह चकाचौंध इस क्षेत्र को शहर का एक नया और लोकप्रिय 'सेल्फी प्वाइंट' बना देगी।
शहीद तिलकामांझी स्मारक का जीर्णोद्धार: अमर शहीद बाबा तिलकामांझी की प्रतिमा और उनके स्मारक स्थल को आधुनिक डिजाइनों से सजाया जाएगा। इसके साथ ही पार्क परिसर की घेराबंदी, चेकर टाइल्स और सौंदर्यीकरण के अन्य कार्य भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं।
तारों और पोलों का सुव्यवस्थित रखरखाव: चौक के आसपास पसरे बिजली के बेतरतीब तारों और पोलों को हटाकर या व्यवस्थित कर रास्ते को पूरी तरह सुगम बनाया जाएगा ताकि यातायात में किसी प्रकार की बाधा न आए।
निविदा प्रक्रिया और समय-सीमा (Timeline)
इस परियोजना को लेकर भागलपुर नगर निगम के प्रशासनिक गलियारों में तेजी से काम चल रहा है।
निविदा और एजेंसी का चयन: हाईमास्ट फ्लैग की स्थापना और सिविल कार्यों को पूरा करने के लिए योग्य और अनुभवी निर्माण एजेंसियों से निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। निर्धारित समय-सीमा के भीतर टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर एजेंसी का चयन कर लिया जाएगा।
चार महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य: नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही चुनी गई एजेंसी को औपचारिक रूप से कार्यादेश (Work Order) जारी किया जाएगा, उसके बाद अधिकतम चार महीने के भीतर इस पूरे प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारकर मुकम्मल कर लिया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध जनों में खुशी की लहर
नगर निगम के इस कदम का स्वागत करते हुए भागलपुर के नागरिकों, व्यापारियों और युवाओं ने प्रसन्नता व्यक्त की है। लोगों का मानना है कि इस योजना के धरातल पर उतरने से न केवल तिलकामांझी चौक की वर्षों पुरानी समस्याएं दूर होंगी, बल्कि शहर की सुंदरता का स्तर भी राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उन्नत हो सकेगा। जब शाम के वक्त रंग-बिरंगी लाइटों के बीच ऊंचा तिरंगा लहराएगा, तो वह दृश्य वाकई अद्भुत होगा।
भागलपुर के तिलकामांझी चौक पर 18.52 लाख रुपये की लागत से स्थापित होने वाला हाईमास्ट राष्ट्रीय ध्वज और उससे जुड़ी सौंदर्यीकरण योजना सिल्क सिटी के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी। प्रशासनिक प्रतिबद्धता और जनता के सहयोग से शुरू होने जा रहा यह कार्य यह संदेश देता है कि भागलपुर अब आधुनिकता और अपनी ऐतिहासिक धरोहर को एक साथ लेकर आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।