शाहकुंड प्रखंड मुख्यालय में जनगणना के क्षेत्रीय कर्मियों की एक दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक संपन्न; बीडीओ राजीव रंजन ने दिए सख्त निर्देश, सटीक आंकड़ा संग्रह पर जोर

भागलपुर, विशेष संवाददाता: बिहार के भागलपुर जिले के शाहकुंड प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में बुधवार को आगामी जनगणना कार्य की तैयारियों को लेकर क्षेत्रीय कर्मियों की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) राजीव रंजन की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक का मुख्य एजेंडा जनगणना के पहले चरण के तहत क्षेत्र में होने वाले मकान सूचीकरण और डेटा संकलन (Data Collection) की प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना था। बैठक में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों और वार्डों से आए प्रगणकों (Enumerators) और सुपरवाइजरों (Supervisors) ने हिस्सा लिया। प्रशासन का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सही आंकड़ों के आधार पर पहुंच सके।

बैठक का मुख्य उद्देश्य और प्रशासनिक निर्देश

बुधवार को आयोजित इस बैठक में बीडीओ राजीव रंजन ने सभी क्षेत्रीय कर्मियों को संबोधित करते हुए जनगणना कार्य की गंभीरता और संवेदनशीलता पर विस्तार से प्रकाश डाला:

सटीक और पारदर्शी डेटा संग्रह: बीडीओ ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि जनगणना के दौरान जुटाए जाने वाले आंकड़े पूरी तरह से वास्तविक और सटीक होने चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही या डेटा में मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

घर-घर जाकर सत्यापन: क्षेत्रीय कर्मियों को यह सख्त हिदायत दी गई कि वे अपने-הअपने आवंटित क्षेत्रों में प्रत्येक घर तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचे। केवल कागजी औपचारिकता पूरी करने के बजाय प्रत्येक परिवार के सदस्यों की सही संख्या, उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति और आवास की स्थिति का भौतिक सत्यापन किया जाए।

क्षेत्रीय कर्मियों को दिए गए विशेष दिशा-निर्देश

जनगणना प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रशासन द्वारा कर्मियों को कई व्यावहारिक और तकनीकी निर्देश दिए गए हैं:

नक्शे का सही मिलान: सभी प्रगणकों को उनके क्षेत्र के लिए जारी किए गए नक्शे (Maps) और ब्लॉक सीमाओं को अच्छी तरह से समझने और उनका मिलान करने को कहा गया है, ताकि कोई भी घर या परिवार सर्वेक्षण से छूटे नहीं।

ग्रामीणों के साथ सौहार्दपूर्ण संवाद: क्षेत्रीय कर्मियों को निर्देश दिया गया कि वे सर्वे के दौरान आम नागरिकों से शालीनता से पेश आएं। कई बार लोग अपनी व्यक्तिगत जानकारी देने में संकोच करते हैं, ऐसे में कर्मियों का दायित्व है कि वे उन्हें जनगणना के महत्व और डेटा की गोपनीयता के प्रति आश्वस्त करें।

समयबद्ध कार्य निष्पादन: कार्य को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए एक कार्ययोजना (Action Plan) तैयार की गई है। सभी कर्मियों को निर्देश दिया गया कि वे अपनी डायरी में रोजाना की प्रगति रिपोर्ट दर्ज करें और किसी भी तकनीकी समस्या आने पर तुरंत अपने सुपरवाइजर या प्रखंड कार्यालय से संपर्क करें।

जनगणना का महत्व और शासन की योजनाएं

बीडीओ राजीव रंजन ने बैठक के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया कि जनगणना केवल लोगों की गिनती का आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह देश और राज्य के विकास की नीतियों की नींव है:

योजनाओं का क्रियान्वयन: सरकार द्वारा चलाई जाने वाली कल्याणकारी योजनाएं, जैसे आवास योजना, राशन वितरण, स्वास्थ्य सेवाएं और बुनियादी ढांचा विकास, पूरी तरह से इन्हीं आंकड़ों पर निर्भर करती हैं। यदि आंकड़े सटीक होंगे, तो बजट और संसाधनों का आवंटन भी सही ढंग से हो सकेगा।

पारदर्शिता और डिजिटलीकरण: इस बार के जनगणना और हाउसलिस्टिंग कार्य में डिजिटल माध्यमों का भी बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है, जिससे काम में तेजी और पारदर्शिता दोनों आ रही हैं।

शाहकुंड प्रखंड मुख्यालय में हुई यह बैठक इस लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण थी कि यह जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को उनके दायित्वों के प्रति पूरी तरह मुस्तैद करती है। बीडीओ राजीव रंजन द्वारा दिए गए स्पष्ट निर्देशों और क्षेत्रीय कर्मियों के संकल्प से यह उम्मीद बंधती है कि शाहकुंड प्रखंड में जनगणना का यह कार्य पूरी निष्ठा, सटीकता और समयबद्धता के साथ संपन्न होगा, जो आगे चलकर क्षेत्र के विकास में एक मजबूत मार्गदर्शिका साबित होगा।