पीरपैंती प्रखंड कार्यालय में डीसीएचबी (DCHB) को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित
पीरपैंती (संवाद सूत्र): बिहार के भागलपुर जिले के अंतर्गत आने वाले पीरपैंती प्रखंड मुख्यालय में आगामी जनगणना 2027 के प्रशासनिक और तकनीकी पूर्वाभ्यास को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। जिला जनगणना कार्य और जिला जनगणना हैंडबुक (DCHB - District Census Handbook) के संकलन व कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए बुलाई गई इस बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) अभिमन्यु कुमार ने की। बैठक के दौरान जनगणना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और क्षेत्र में सुचारू रूप से कार्य संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के सभी संबंधित प्रगणक, सुपरवाइजर और प्रशासनिक कर्मी उपस्थित रहे।
जनगणना 2027 और DCHB का महत्व
भारत में हर दस साल पर होने वाली जनगणना देश की विकास योजनाओं की रीढ़ मानी जाती है। इसी कड़ी में वर्ष 2027 की जनगणना और उससे संबंधित जिला जनगणना हैंडबुक (DCHB) तैयार करने का कार्य अभी से चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दिया गया है:
डेटा संकलन और भौगोलिक विवरण: डीसीएचबी (District Census Handbook) में प्रत्येक राजस्व गांव की जनसांख्यिकीय विशेषताओं, बुनियादी सुविधाओं (जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और सड़क संपर्क) का विस्तृत विवरण दर्ज किया जाता है।
नीति निर्माण में सहायक: बीडीओ अभिमन्यु कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना का यह कार्य केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि सरकार की भावी नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं के निर्धारण का आधार है। इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
37 कर्मी संभालेंगे 110 राजस्व गांवों की कमान
बैठक का मुख्य एजेंडा पीरपैंती प्रखंड के तहत आने वाले सभी राजस्व गांवों में कार्यबल का सटीक आवंटन और उनकी तैयारियों की समीक्षा करना था:
विस्तृत क्षेत्र का कवरेज: प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, पीरपैंती प्रखंड के अंतर्गत कुल 110 राजस्व गांव आते हैं, जिनकी भौगोलिक सीमाएं और सामाजिक संरचना काफी विस्तृत है।
कर्मियों की तैनाती: इन सभी 110 राजस्व गांवों में सुचारू रूप से सर्वेक्षण और डेटा जुटाने के लिए कुल 37 प्रशिक्षित कर्मियों (प्रगणकों और पर्यवेक्षकों) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैठक में इन सभी कर्मियों के क्षेत्रवार कार्यों का निर्धारण किया गया।
बीडीओ अभिमन्यु कुमार के कड़े निर्देश और कार्ययोजना
बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी अभिमन्यु कुमार ने सभी नियुक्त कर्मियों को पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का निर्देश दिया:
फील्ड वर्क में पारदर्शिता: बीडीओ ने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी कर्मी अपने-अपने आवंटित 110 राजस्व गांवों में घर-घर जाकर वास्तविक आंकड़ों का संकलन करें। किसी भी स्तर पर खानापूर्ति या फर्जी आंकड़े स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
प्रशिक्षण और तकनीकी पहलुओं पर जोर: डिजिटल जनगणना के दौर में तकनीकी त्रुटियों से बचने के लिए कर्मियों को विशेष हिदायत दी गई कि वे आधुनिक उपकरणों और ऐप्स का सही ढंग से उपयोग करें। यदि किसी कर्मी को मैपिंग या डेटा एंट्री में कोई तकनीकी समस्या आती है, तो वे तुरंत प्रखंड कार्यालय के तकनीकी सेल से संपर्क करें।
प्रशासनिक सतर्कता और आगामी चरण
पीरपैंती प्रखंड कार्यालय में हुई इस बैठक से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रशासन जनगणना 2027 को लेकर पूरी तरह गंभीर और सक्रिय है:
समयसीमा का पालन: बीडीओ ने सभी 37 कर्मियों को चेतावनी दी है कि वे तय की गई समयसीमा के भीतर अपने क्षेत्रों का कार्य पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर कार्यों का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा।
जनसहयोग की अपील: प्रशासन ने क्षेत्र के आम नागरिकों से भी अपील की है कि जब जनगणना या मैपिंग से जुड़े कर्मी उनके गांवों या घरों में आएं, तो उन्हें सही और सटीक जानकारी दें ताकि देश और समाज के विकास के लिए एक प्रामाणिक दस्तावेज तैयार किया जा सके।
पीरपैंती प्रखंड कार्यालय में बीडीओ अभिमन्यु कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई यह बैठक आगामी जनगणना 2027 के सफल क्रियान्वयन की दिशा में एक ठोस कदम है। 37 प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा 110 राजस्व गांवों में किए जाने वाले इस वृहद कार्य से न केवल प्रशासनिक डेटाबेस मजबूत होगा, बल्कि पीरपैंती के ग्रामीण विकास की योजनाओं को नई दिशा मिलेगी। समय पर और सटीक आंकड़ों का संकलन ही इस पूरी प्रक्रिया की सबसे बड़ी सफलता होगी।