दुबई से लौटे पति ने ससुराल में हंसिया से रेत दिया पत्नी का गला, खून से लथपथ देखकर सन्न रह गए लोग

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। विदेशों में रहकर परिवार के बेहतर भविष्य के सपने बुनने वाला एक शख्स जब महीनों बाद दुबई से अपने घर लौटा, तो उसके ही घर का सुकुन और प्यार खून में डूब गया। मुजफ्फरपुर जिले के राजेंद्रपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नवादा गांव में एक पति ने पारिवारिक कलह के बीच अपनी ही पत्नी की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी। इस जघन्य हत्याकांड में हथियार के तौर पर 'हंसिया' (धारदार कृषि उपकरण) का इस्तेमाल किया गया। इस सनसनीखेज घटना के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मचा हुआ है और हर कोई स्तब्ध है।

घटना की पृष्ठभूमि: दुबई से वापसी और शादियों की खुशियां

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान 26 वर्षीय रिंकू देवी के रूप में हुई है, जिसकी शादी करीब सात साल पहले मनोज कुमार के साथ हुई थी। इस दंपती के दो छोटे-छोटे बच्चे भी हैं। आरोपी पति मनोज कुमार काफी लंबे समय से दुबई में रहकर मजदूरी या निजी काम करता था।

घटना से ठीक पहले, यानी रविवार को ही मनोज कुमार दुबई से सीधे अपनी ससुराल (नवादा गांव) पहुंचा था। ससुराल में उसकी साली की शादी का कार्यक्रम तय था, जिसमें शामिल होने के लिए वह आया था। घर में मांगलिक कार्य का माहौल था, रिश्तेदार जुटे हुए थे और हर तरफ खुशियों का माहौल था, लेकिन किसी को नहीं पता था कि यह खुशी कुछ ही घंटों में मातम और खून-खराबे में बदल जाएगी।

गहनों की मांग और मध्यरात्रि का खौफनाक विवाद

रिंकू देवी की मां मीना देवी ने पुलिस को जो बयान दिया है, उसके मुताबिक रविवार को ससुराल पहुंचने के बाद मनोज ने अपनी पत्नी रिंकू से कहा कि वह शादी के लिए अपने सारे गहने (जेवर) निकालकर ले आए। चूंकि छोटी बहन की शादी थी, इसलिए रिंकू ने बिना किसी शक के अपने सारे आभूषण लाकर पति को दे दिए।

इसके बाद अचानक मनोज ने अपनी पत्नी से यह कहना शुरू कर दिया कि अब वह वापस दुबई नहीं जाएगा और यहीं रहेगा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अंदरखाने अनबन शुरू हुई। सोमवार की भोर में करीब 3 बजे अचानक मनोज और रिंकू के कमरे से तेज आवाजें और बहस की गूंज सुनाई दी। बेटी और दामाद के बीच झगड़ा होता देख मृतका की मां मीना देवी और उनकी छोटी बेटी तुरंत रिंकू के कमरे में पहुंचीं। दोनों ने बड़ी मुश्किल से पति-पत्नी को समझाया और मामला शांत कराया। स्थिति को सामान्य करने के लिए मां ने दोनों बच्चों को अपने साथ दूसरे कमरे में ले जाकर सुला दिया।

खूनी खेल: हंसिया से रेता गला और खिड़की तोड़कर फरार

किंतु, किसी को अंदेशा नहीं था कि गुस्से की आग अंदर ही अंदर सुलग रही थी। तड़के करीब 5 बजे रिंकू देवी का डेढ़ साल का मासूम बच्चा अचानक रोने लगा। बच्चे के लगातार रोने की आवाज सुनकर जब मां मीना देवी दोबारा रिंकू के कमरे की तरफ गईं और बेटी को आवाज दी, तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला।

शक गहराने पर परिजनों ने आसपास के लोगों को बुलाया और धक्का देकर कमरे का दरवाजा तोड़ा। अंदर का दृश्य देखकर सबकी चीख निकल गई। रिंकू देवी बिस्तर पर खून से लथपथ मृत पड़ी थीं और उनका गला एक धारदार हथियार यानी हंसिया से रेता गया था। कमरे में खून फैला हुआ था। क्रूरता को अंजाम देने के बाद आरोपी मनोज कुमार कमरे की खिड़की को तोड़कर या उसका शीशा/फ्रेम क्षतिग्रस्त कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो चुका था।

पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और फॉरेंसिक जांच

घटना की सूचना मिलते ही राजेंद्रपुर थाना अध्यक्ष (SHO) नीरज कुमार सिंह पुलिस बल के साथ फौरन मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और कागजी कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल भेज दिया।

हंसिया बरामद: पुलिस ने घटनास्थल की बारीकी से तलाशी ली और बिस्तर के पास से खून से सना वह हंसिया (धारदार हथियार) बरामद कर लिया, जिसका इस्तेमाल इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए किया गया था।

FSL टीम की एंट्री: साक्ष्यों से कोई छेड़छाड़ न हो और वैज्ञानिक तरीके से जांच आगे बढ़े, इसलिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की तकनीकी टीम को मौके पर मुआयना के लिए बुलाया गया। टीम ने कमरे से उंगलियों के निशान और खून के नमूने एकत्र किए हैं।

पिता के बयान पर FIR: मृतका के पिता राजेंद्र भगत के लिखित बयान के आधार पर स्थानीय थाने में हत्या की प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।

तलाश में जुटी पुलिस

घटना के बाद से आरोपी पति मनोज कुमार अपनी ससुराल और गांव से लगातार फरार चल रहा है। पुलिस उसकी धरपकड़ के लिए उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। इसके अलावा, आरोपी के मोबाइल फोन की लोकेशन को भी ट्रैक किया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द उसे कानून के शिकंजे में लाया जा सके। इस विभत्स घटना ने एक बार फिर रिश्तों की आड़ में छिपी दरिंदगी को बेनकाब कर दिया है, जहां कुछ ही पलों के गुस्से ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ कर रख दिया।