मुर्तजा अली दरगाह किला घाट पर सेंट्रल मुहर्रम कमेटी की उच्चस्तरीय बैठक; चेहल्लुम की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक समन्वय और रूट चार्ट पर मंथन, 5 अगस्त को मोहल्लों से निकलेंगे अखाड़े
भागलपुर, विशेष संवाददाता: हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की शहादत की याद में मनाए जाने वाले पारंपरिक और गमगीन पर्व 'चेहल्लुम' (Chehlum) को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और अनुशासन के साथ संपन्न कराने के लिए सिल्क सिटी भागलपुर में प्रशासनिक और सामाजिक तैयारियां जोरों पर शुरू हो चुकी हैं। इसी सिलसिले में भागलपुर के ऐतिहासिक मुर्तजा अली दरगाह, किला घाट के प्रांगण में सेंट्रल मुहर्रम कमेटी की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यापक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शहर के विभिन्न मोहल्लों से आने वाले अखाड़ों के अध्यक्ष, सचिव, कमेटियों के प्रतिनिधि और शहर के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। बैठक की मुख्य अध्यक्षता कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा की गई, जिसमें चेहल्लुम के दौरान निकलने वाले जुलूसों के मार्ग (रूट चार्ट), साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, जलापूर्ति और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि आगामी 5 अगस्त को शहर के विभिन्न मोहल्लों से पारंपरिक अखाड़े और जुलूस अपने तय मार्गों से होते हुए निकलेंगे।
चेहल्लुम पर्व का महत्व और बैठक का मुख्य उद्देश्य
इस्लामी कैलेंडर के अनुसार मुहर्रम के चालीसवें दिन यानी चेहल्लुम के मौके पर हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों के बलिदान को शिद्दत से याद किया जाता है। भागलपुर में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते हुए हर साल इस पर्व को बेहद शांति और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जाता है।
कमेटी की पहल: चेहल्लुम के जुलूसों के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा या कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए सेंट्रल मुहर्रम कमेटी ने समय रहते प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर अपनी तैयारियां पुख्ता करनी शुरू कर दी हैं।
मुर्तजा अली दरगाह पर मंथन: किला घाट स्थित मुर्तजा अली दरगाह परिसर में हुई इस बैठक में सभी अखाड़ा कमेटियों को हिदायत दी गई कि वे जुलूस के दौरान प्रशासनिक नियमों, तय समय-सीमा और शांति व्यवस्था का पूर्ण पालन करें।
5 अगस्त को निकलेंगे विभिन्न मोहल्लों से अखाड़े
बैठक में लिए गए निर्णयानुसार, चेहल्लुम के मुख्य आयोजनों के तहत 5 अगस्त को शहर के तमाम हिस्सों से अखाड़े अपने-अपने पारंपरिक हथियारों के करतब (लाठी, तलवार, डंडा आदि) और नौहा-मातम के साथ सड़कों पर उतरेंगे।
रूट और अनुशासन: अखाड़ों के रूट चार्ट को लेकर पुलिस प्रशासन के साथ पूर्व में हुई बैठकों के बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। यह सुनिश्चित किया गया कि जुलूस तय समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचे और यातायात बाधित न हो।
युवाओं की सहभागिता: कमेटियों ने युवाओं से अपील की है कि वे जुलूस के दौरान पूरी तरह अनुशासित रहें और डीजे या भड़काऊ नारों के बजाय पारंपरिक मर्सिया और नौहाख्वानी को प्राथमिकता दें, जिससे शहर की शांति और भाईचारा बरकरार रहे।
साफ-सफाई, पेयजल और बिजली व्यवस्था पर जोर
जुलूस और अखाड़ों के गुजरने वाले मार्गों पर व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए बैठक में विशेष मांगें उठाई गईं:
साफ-सफाई (Sanitation): किला घाट, मुर्तजा अली दरगाह मार्ग और शहर के मुख्य मार्गों से गुजरने वाले अखाड़ा मार्गों पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और नियमित कचरा उठाव सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम से विशेष आग्रह किया गया है।
पेयजल और रोशनी: जुलूस में शामिल होने वाले जायरीन और अखाड़े के सदस्यों के लिए रास्ते में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने और खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तुरंत ठीक कराने पर जोर दिया गया ताकि रात के समय अंधेरे की समस्या न हो।
चिकित्सा दल और एम्बुलेंस: आपात स्थिति से निपटने के लिए जुलूस मार्ग पर चिकित्सा शिविर और एम्बुलेंस की तैनाती की मांग भी प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रखने का निर्णय लिया गया।
शांति और आपसी भाईचारे का संदेश
सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के पदाधिकारियों ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भागलपुर की पहचान हमेशा से आपसी सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की रही है। उन्होंने सभी समुदायों के लोगों से अपील की कि वे इस पर्व को आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ मनाएं। पुलिस और प्रशासन भी पूरी मुस्तैदी के साथ शहर की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहा है, ताकि किसी भी उपद्रवी तत्व को माहौल खराब करने का मौका न मिल सके।
मुर्तजा अली दरगाह किला घाट पर आयोजित सेंट्रल मुहर्रम कमेटी की यह बैठक इस बात का प्रमाण है कि भागलपुर में चेहल्लुम के आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी गंभीरता से की जा रही हैं। 5 अगस्त को निकलने वाले अखाड़ों और जुलूसों को लेकर रूपरेखा तय कर ली गई है। प्रशासनिक सहयोग और कमेटियों की सक्रियता से यह उम्मीद जताई जा रही है कि इस वर्ष भी चेहल्लुम का यह पर्व शांति, सुरक्षा और पूरी भव्यता के साथ संपन्न होगा।