उच्च न्यायालय खंडपीठ (भागलपुर हाई कोर्ट बेंच स्थापना संघर्ष समिति/मंच) द्वारा पिस्ता चौक पर कांवरियों की सेवा का संकल्प; हर रविवार को लगेगा 'डाक बम' निःशुल्क सेवा शिविर, बांटे जाएंगे फल, शरबत, स्प्रे और ठंडा तेल
भागलपुर, कार्यालय संवाददाता: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के इस पावन अवसर पर अंग क्षेत्र की सांस्कृतिक राजधानी भागलपुर में सेवा और समर्पण की एक अनूठी और प्रेरणादायी मिसाल देखने को मिल रही है। बाबा बैद्यनाथ धाम की कठिन और पवित्र यात्रा पर निकलने वाले शिवभक्तों, विशेषकर तेज गति से यात्रा पूरी करने वाले 'डाक बम' कांवरियों की सेवा के लिए शहर के सामाजिक और प्रबुद्ध वर्ग आगे आए हैं। इसी कड़ी में भागलपुर के उच्च न्यायालय खंडपीठ की स्थापना के लिए संघर्षरत और सक्रिय मंच/समितियों के तत्वावधान में शहर के प्रमुख मार्ग स्थित पिस्ता चौक पर कांवरियों के लिए एक विशेष निःशुल्क सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर के माध्यम से सुदूर राज्यों से आने वाले शिवभक्तों को उनकी इस कठिन यात्रा के दौरान आवश्यक राहत और ऊर्जा प्रदान करने का बीड़ा उठाया गया है, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है।
पिस्ता चौक पर हर रविवार को सजेगा सेवा शिविर
आयोजकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रावणी मेले के दौरान कांवरियों की बढ़ती संख्या और उनकी शारीरिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस शिविर का समय और स्वरूप तय किया गया है:
नियत समय और दिन: यह निःशुल्क सेवा शिविर प्रत्येक रविवार को दोपहर 2:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक सुचारू रूप से संचालित किया जाएगा। रविवार के दिन कांवरियों और विशेष रूप से डाक बमों की भीड़ अपने चरम पर होती है, इसलिए इस दिन का चयन विशेष रूप से किया गया है।
रणनीतिक स्थान: पिस्ता चौक एक ऐसा महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्ग है जहाँ से कांवरियों का जत्था गुजरता है। ऐसे में इस स्थान पर शिविर लगने से यात्रियों को अपनी यात्रा रोके बिना आसानी से चिकित्सीय और ऊर्जावर्धक सामग्रियां प्राप्त हो सकेंगी।
'डाक बमों' के लिए विशेष सुविधाएं: क्या-क्या मिलेगा शिविर में?
डाक बम वे शिवभक्त होते हैं जो बिना रुके, लगातार दौड़ते या तेज गति से चलकर तय समय (आमतौर पर 24 से 48 घंटे) के भीतर सुल्तानगंज से जल लेकर देवघर पहुंचते हैं। उनकी शारीरिक स्थिति और थकान को ध्यान में रखते हुए शिविर में विशेष इंतजाम किए गए हैं:
ऊर्जावान पेय (शरबत और ग्लूकोज): लगातार दौड़ने और चलने के कारण डाक बमों को डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसे दूर करने के लिए शिविर में ताजा और ठंडा शरबत, ओआरएस और ग्लूकोज निरंतर उपलब्ध कराया जाएगा।
मौसमी फल: कांवरियों को त्वरित ऊर्जा प्रदान करने के लिए ताजे और पौष्टिक फलों का वितरण किया जाएगा, ताकि वे अपनी आगे की कठिन यात्रा तरोताजा होकर जारी रख सकें।
दर्द निवारक स्प्रे और बाम: लगातार दौड़ने के कारण कांवरियों की टांगों, घुटनों और मांसपेशियों में तीव्र खिंचाव और दर्द होने लगता है। इसके लिए शिविर में पेन-रिलीवर स्प्रे, मूव और बाम की पर्याप्त व्यवस्था रहेगी, जिसे स्वयंसेवक अपने हाथों से कांवरियों की मांसपेशियों पर लगाएंगे।
ठंडा तेल और मालिश की सुविधा: पैरों की थकान मिटाने और राहत पहुँचाने के लिए ठंडे तेल की मालिश तथा प्राथमिक उपचार की तुरंत सहायता दी जाएगी, ताकि शरीर की ऐंठन दूर हो सके।
सेवा ही सच्ची भक्ति: आयोजकों का उद्देश्य
उच्च न्यायालय खंडपीठ से जुड़े प्रबुद्धजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस सेवा शिविर के पीछे की सोच को स्पष्ट करते हुए कहा कि भगवान शिव की सच्ची आराधना जीवों की सेवा में निहित है:
सामाजिक उत्तरदायित्व: आयोजकों ने कहा कि भागलपुर की धरती हमेशा से आतिथ्य और सेवा भाव के लिए जानी जाती है। जब देश के कोने-कोने से शिवभक्त हमारे क्षेत्र से गुजरते हैं, तो उनकी सेवा करना हमारा नैतिक और सांस्कृतिक कर्तव्य बन जाता है।
डाक बमों के लिए वरदान: चूँकि डाक बम कांवरियों के पास रुकने का समय बहुत कम होता है, इसलिए यह शिविर इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि वे चलते-फिरते या कुछ ही पलों में अपनी जरूरत की सामग्रियां प्राप्त कर सकें और अपनी यात्रा बिना किसी बाधा के पूरी कर सकें।
शिवभक्तों में उत्साह और स्थानीय लोगों का सहयोग
इस पहल की सूचना मिलते ही कांवरियों और स्थानीय नागरिकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है:
श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया: कई अनुभवी कांवरियों ने बताया कि रास्ते में इस प्रकार की त्वरित सेवा और राहत सामग्रियां मिल जाने से उनका मनोबल कई गुना बढ़ जाता है। विशेष रूप से धूप और उमस भरे मौसम में ठंडा शरबत और स्प्रे किसी वरदान से कम नहीं है।
स्थानीय युवाओं की भागीदारी: भागलपुर के युवा स्वयंसेवक इस शिविर को सफल बनाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। वे सेवा भाव के साथ कांवरियों की अगवानी करने और उनकी हर संभव सहायता करने के लिए अपनी ड्यूटियां संभाल चुके हैं।
भागलपुर के उच्च न्यायालय खंडपीठ मंच द्वारा पिस्ता चौक पर हर रविवार को आयोजित होने वाला यह निःशुल्क सेवा शिविर सामाजिक सरोकार और धार्मिक आस्था का एक अनूठा संगम है। यह पहल न केवल 'डाक बम' कांवरियों की कठिन यात्रा को सुगम बनाएगी, बल्कि भागलपुर की सांस्कृतिक गरिमा को भी वैश्विक पटल पर और अधिक ऊंचाइयां प्रदान करेगी। सेवा, समर्पण और भाईचारे का यह सिलसिला पूरे श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार अनुभव साबित होगा।