बिना गर्भधारण के दूध देने लगी 20 माह की बछिया, गांव में उमड़ी लोगों की भीड़; पशु चिकित्सकों ने बताई वैज्ञानिक वजह

संवाददाता,
प्रखंड के ठोरी पांडेयपुर गांव में इन दिनों एक अनोखी घटना लोगों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। यहां एक लगभग 18 से 20 माह की बछिया बिना गर्भधारण किए ही दूध देने लगी है। इस असामान्य घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग बछिया को देखने के लिए पहुंच रहे हैं। कई ग्रामीण इसे दैवीय चमत्कार मान रहे हैं, जबकि पशु चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि यह हार्मोन असंतुलन के कारण होने वाली एक दुर्लभ चिकित्सकीय स्थिति हो सकती है।

गांव के पशुपालक संतोष यादव ने बताया कि उनकी बछिया ने अब तक न तो गर्भधारण किया है और न ही किसी बछड़े को जन्म दिया है। इसके बावजूद पिछले तीन से चार दिनों से उसके थनों से लगातार दूध निकल रहा है। शुरुआत में परिवार के लोगों ने इसे सामान्य घटना समझकर अधिक ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब दूध लगातार निकलता रहा तो इसकी चर्चा पूरे गांव और फिर आसपास के इलाकों में फैल गई।

देखने के लिए जुट रही लोगों की भीड़

घटना की खबर फैलते ही ठोरी पांडेयपुर गांव में लोगों का तांता लग गया। आसपास के कई गांवों से महिलाएं, बुजुर्ग और युवा बछिया को देखने पहुंच रहे हैं। कई लोग इसे ईश्वर की विशेष कृपा और चमत्कार मान रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने बछिया को कामधेनु का स्वरूप बताते हुए उसकी पूजा-अर्चना भी शुरू कर दी है। कई श्रद्धालु उसके माथे पर तिलक लगा रहे हैं, फूल-माला चढ़ा रहे हैं और उसकी परिक्रमा कर मनोकामना मांग रहे हैं।

गांव के बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में इस तरह की घटना पहली बार देखी है। लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक आस्था से जोड़ रहे हैं तो कुछ इसे प्रकृति का अनोखा रहस्य बता रहे हैं।

सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही घटना

स्थानीय लोगों ने बछिया के दूध देने का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर दी हैं। देखते ही देखते यह खबर आसपास के जिलों तक पहुंच गई। कई लोग केवल वीडियो देखकर ही गांव पहुंच रहे हैं ताकि इस अनोखी घटना को अपनी आंखों से देख सकें।

ग्रामीणों का कहना है कि सुबह से शाम तक लोगों का आना-जाना लगा रहता है। इससे गांव में मेले जैसा माहौल बन गया है। हालांकि पशुपालक परिवार लोगों से अपील कर रहा है कि बछिया के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ न करें, ताकि उसे कोई परेशानी न हो।

पशुपालक भी हैरान

बछिया के मालिक संतोष यादव ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी बछिया इस तरह दूध देने लगेगी। उन्होंने कहा कि शुरुआत में जब थनों से दूध निकलना शुरू हुआ तो परिवार के लोगों को विश्वास नहीं हुआ। लेकिन लगातार दूध निकलने पर उन्होंने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि प्रतिदिन थोड़ी मात्रा में दूध निकल रहा है। परिवार ने बछिया के स्वास्थ्य को देखते हुए तुरंत पशु चिकित्सकों से संपर्क किया, ताकि किसी प्रकार की बीमारी या अन्य समस्या का समय पर इलाज कराया जा सके।

पशु चिकित्सकों ने बताई वैज्ञानिक वजह

इस मामले में पशु चिकित्सकों का कहना है कि बिना गर्भधारण के दूध आना सामान्य घटना नहीं है, लेकिन चिकित्सा विज्ञान में ऐसे मामले बहुत दुर्लभ रूप से देखने को मिलते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में हार्मोन के असंतुलन, विशेष रूप से प्रोलैक्टिन और अन्य अंतःस्रावी हार्मोनों के प्रभाव के कारण कभी-कभी ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

चिकित्सकों ने बताया कि कुछ मामलों में आनुवंशिक कारण, हार्मोनल परिवर्तन या अंतःस्रावी ग्रंथियों की असामान्य गतिविधि के कारण भी पशुओं में बिना गर्भधारण के दुग्ध स्राव शुरू हो सकता है। हालांकि ऐसी घटनाएं अत्यंत कम होती हैं और प्रत्येक मामले की चिकित्सकीय जांच आवश्यक होती है।

जांच की तैयारी

पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यदि आवश्यकता हुई तो बछिया की विस्तृत चिकित्सकीय जांच कराई जाएगी। इसके लिए हार्मोन संबंधी परीक्षण, स्वास्थ्य परीक्षण और अन्य आवश्यक जांच की जा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बछिया पूरी तरह स्वस्थ दिखाई दे रही है, लेकिन लगातार निगरानी जरूरी है।

अंधविश्वास से बचने की अपील

पशु चिकित्सा विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि इस घटना को अंधविश्वास से जोड़ने के बजाय वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें। उनका कहना है कि यह एक दुर्लभ जैविक स्थिति हो सकती है, जिसका चिकित्सा विज्ञान में स्पष्ट आधार मौजूद है। यदि किसी पशु में इस प्रकार के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

गांव में बना चर्चा का केंद्र

फिलहाल ठोरी पांडेयपुर गांव की यह बछिया पूरे इलाके में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। जहां एक ओर श्रद्धालु इसे चमत्कार मानकर पूजा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पशु चिकित्सक इसे विज्ञान और हार्मोनल परिवर्तन से जुड़ी एक असामान्य लेकिन संभावित चिकित्सकीय घटना बता रहे हैं।

ग्रामीणों के बीच इस घटना को लेकर उत्सुकता लगातार बनी हुई है। लोग बड़ी संख्या में गांव पहुंचकर बछिया को देख रहे हैं और इस अनोखी घटना पर अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं। आने वाले दिनों में चिकित्सकीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बिना गर्भधारण के दूध आने के पीछे वास्तविक कारण क्या है।