अफवाह फैलाने और भड़काऊ कंटेंट पर पटना पुलिस का बड़ा एक्शन, 12 कंटेंट क्रिएटर्स पर साइबर थाने में केस दर्ज

पटना न्यूज।
भरत तिवारी के कथित पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद अब यह मामला एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर फैलाई गई कथित अफवाहों और भड़काऊ कंटेंट को लेकर पटना पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में 12 कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की है।

पुलिस के अनुसार, इन कंटेंट क्रिएटर्स पर आरोप है कि उन्होंने घटना से जुड़ी अपुष्ट और भ्रामक जानकारियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया, जिससे लोगों के बीच तनाव और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे पोस्टों के कारण कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई थी।

सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों पर पुलिस की नजर

घटना के बाद विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर कई तरह के दावे और वीडियो वायरल हुए थे। इनमें से कई पोस्टों में बिना पुष्टि के आरोप लगाए गए और भड़काऊ टिप्पणियां भी की गईं।

पटना पुलिस की साइबर सेल ने इन गतिविधियों पर नजर रखते हुए जांच शुरू की और पाया कि कुछ कंटेंट क्रिएटर्स लगातार ऐसी सामग्री प्रसारित कर रहे थे, जिससे माहौल बिगड़ सकता था।

साइबर थाने में दर्ज हुआ केस

पुलिस ने इस मामले में साइबर थाने में औपचारिक रूप से केस दर्ज किया है। दर्ज प्राथमिकी में 12 कंटेंट क्रिएटर्स को नामजद किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल साक्ष्यों को एकत्र किया जा रहा है और सभी आरोपितों के सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, इन सभी लोगों से पूछताछ की जाएगी और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।

पुलिस का सख्त संदेश

पटना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी घटना को लेकर अफवाह फैलाना या भड़काऊ सामग्री साझा करना कानूनन अपराध है। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में बिना पुष्टि के जानकारी साझा करना समाज में तनाव पैदा कर सकता है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी बढ़ी

इस कार्रवाई के बाद साइबर सेल ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी और तेज कर दी है। पुलिस अब उन सभी अकाउंट्स की जांच कर रही है जो इस मामले से संबंधित सामग्री फैला रहे थे।

सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में और भी लोगों पर कार्रवाई हो सकती है यदि उनके खिलाफ साक्ष्य मिलते हैं।

आम जनता से अपील

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे साझा करें। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी जानकारी को केवल आधिकारिक स्रोतों से ही सत्यापित करना चाहिए।

इसके साथ ही लोगों से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की गई है।

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी पुलिस की सख्ती बढ़ गई है। पटना पुलिस द्वारा 12 कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ केस दर्ज करना इस बात का संकेत है कि प्रशासन अफवाहों और भड़काऊ सामग्री को लेकर गंभीर है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।