प्राथमिक विद्यालय की प्रधान शिक्षिका भावना कुमारी 'शिक्षा सारथी' सम्मान से सम्मानित
गोपालगंज: जिले के शिक्षा जगत के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। कुचायकोट प्रखंड अंतर्गत भितभेरवा स्थित इंदिरा आवास प्राथमिक विद्यालय की प्रधान शिक्षिका भावना कुमारी को प्रतिष्ठित 'शिक्षा सारथी ई-पत्रिका' द्वारा 'शैक्षणिक उत्कृष्टता और रचनात्मक प्रस्तुति' के लिए सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान उनकी नवाचारी शिक्षण पद्धति और 'हंसते चेहरे, सीखते बच्चे' (Learning with Smiles) अभियान के तहत किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया गया है।
नवाचार और रचनात्मकता का अनूठा संगम
प्रधान शिक्षिका भावना कुमारी ने अपने विद्यालय में शिक्षण को बोझ न बनाकर एक आनंदमयी प्रक्रिया में बदल दिया है। 'हंसते चेहरे, सीखते बच्चे' कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्कूल के प्रति रुचि पैदा करना और खेल-खेल में उन्हें जटिल विषयों को सिखाना है।
अपनी शिक्षण शैली के बारे में बताते हुए भावना कुमारी कहती हैं, "शिक्षा का अर्थ केवल पाठ्यक्रम को पूरा करना नहीं, बल्कि बच्चों की नैसर्गिक प्रतिभा को निखारना है। जब बच्चा हंसते-मुस्कुराते हुए सीखता है, तो उसका मानसिक विकास अधिक तेजी से होता है।" उनकी इस अनूठी पहल के कारण न केवल विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति में वृद्धि हुई है, बल्कि उनके सीखने के स्तर (Learning Outcome) में भी उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।
ई-पत्रिका ने की कार्यों की सराहना
'शिक्षा सारथी ई-पत्रिका' ने अपने अंक में भावना कुमारी के कार्यों की विस्तार से चर्चा की है। पत्रिका के अनुसार, भावना कुमारी ने संसाधनों के अभाव के बावजूद अपने विद्यालय को एक मॉडल के रूप में विकसित किया है। टीएलएम (TLM - Teaching Learning Material) का प्रभावी उपयोग, बच्चों के बीच कहानी सुनाने की प्रतियोगिता, चित्रकारी के जरिए अक्षर ज्ञान और समूह चर्चा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर उन्होंने जिस तरह से कार्य किया है, वह राज्य के अन्य शिक्षकों के लिए एक प्रेरणा है।
शिक्षकों और अभिभावकों में खुशी की लहर
भावना कुमारी को मिले इस सम्मान से न केवल विद्यालय परिवार, बल्कि पूरे गोपालगंज जिले के शिक्षा विभाग में खुशी का माहौल है। विद्यालय के अभिभावकों का कहना है कि भावना मैम के आने के बाद से उनके बच्चों के व्यवहार और उनकी जिज्ञासा में काफी सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने न केवल छात्रों को शिक्षित किया है, बल्कि उन्हें एक बेहतर नागरिक बनाने की दिशा में भी काम कर रही हैं।
भविष्य की राह: प्रेरणास्रोत बनीं भावना
इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए भावना कुमारी ने कहा, "यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि मेरे उन सभी नन्हे बच्चों का है जो रोज विद्यालय में नई उमंग के साथ आते हैं। यह सम्मान मुझे और भी अधिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।"
शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी प्रधान शिक्षिका के इस प्रयास की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि राज्य के अन्य शिक्षक भी इसी प्रकार के नवाचार अपनाकर शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। भितभेरवा के इंदिरा आवास प्राथमिक विद्यालय की यह सफलता कहानी आज जिले के लिए मिसाल बन गई है।