जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में शहरी विकास योजनाओं की समीक्षा, समयबद्ध कार्यान्वयन और जनसुविधाओं पर दिया विशेष जोर
भागलपुर/सहरसा। (रंजीत की रिपोर्ट) जिला प्रशासन की ओर से शहरी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने और नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में नगर निकायों के विकास कार्य, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल, सड़क निर्माण, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), अमृत योजना सहित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
बैठक के दौरान नगर निगम और अन्य शहरी निकायों के अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया। अधिकारियों ने बताया कि कई परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है, जबकि कुछ योजनाएं अंतिम चरण में हैं। जिन परियोजनाओं में तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से विलंब हो रहा है, उनके संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।
जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि बरसात के मौसम को देखते हुए जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए विशेष तैयारी की जाए। उन्होंने सभी नगर निकायों को नालों की नियमित सफाई कराने, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने तथा संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान किसी भी वार्ड में जलभराव की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सफाई कार्यों में तेजी लाने और प्रत्येक वार्ड में नियमित सफाई अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कचरे का समय पर उठाव, सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई तथा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से आम लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की अपील की।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों के लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन किया जाए और निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवास पूर्ण हो सकें।
पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि शहर के किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट नहीं होना चाहिए। जहां पाइपलाइन विस्तार या मरम्मत की आवश्यकता है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने जलापूर्ति से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान पर भी बल दिया।
बैठक में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन सड़कों की स्थिति खराब है, उनकी मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए और निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।
स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर उन्होंने निर्देश दिया कि खराब पड़ी सभी स्ट्रीट लाइटों की सूची तैयार कर शीघ्र मरम्मत कराई जाए। उन्होंने कहा कि रात के समय बेहतर प्रकाश व्यवस्था से न केवल लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।
बैठक में शहरी क्षेत्रों में चल रही अन्य विकास योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल समाधान निकालें। उन्होंने अधिकारियों से फील्ड विजिट बढ़ाने तथा कार्यों का भौतिक सत्यापन करने को भी कहा।
जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों को गंभीरता से लें और निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका निष्पादन सुनिश्चित करें। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि शहरी विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराना इसका मुख्य उद्देश्य है। इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करेंगे और जिले को स्वच्छ, सुंदर तथा सुविधायुक्त बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
बैठक में नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, अभियंता, नगर प्रबंधक तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन करते हुए विकास योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का आश्वासन दिया।