श्रीरामपुर घाट किनारे मिला मासूम का शव: नाथनगर के लालूचक में पसरा मातम, इलाके में सनसनी
नाथनगर (भागलपुर): भागलपुर के नाथनगर थाना अंतर्गत श्रीरामपुर घाट के किनारे बुधवार की सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई। गंगा नदी के किनारे एक बच्चे का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई। घटना की खबर पाकर पहुंची नाथनगर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल भेज दिया है।
घटना का विवरण: सुबह की सैर बनी मौत की खबर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार की सुबह जब स्थानीय ग्रामीण और मछुआरे श्रीरामपुर घाट के पास से गुजर रहे थे, तभी उनकी नजर पानी के किनारे पड़े बच्चे के शव पर पड़ी। शव को देखते ही उन्होंने शोर मचाना शुरू किया, जिससे आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। देखते ही देखते खबर आग की तरह पूरे इलाके और आसपास के गांवों में फैल गई। शव की स्थिति को देखते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा था कि बच्चा पिछले 24 से 48 घंटों से लापता था और संभवतः नदी की लहरों के साथ बहकर यहां पहुंचा है।
लालूचक से जुड़ा मामला, लापता था बच्चा
प्रारंभिक जांच और ग्रामीणों द्वारा की गई पहचान के आधार पर पता चला है कि मृतक बच्चा नाथनगर के लालूचक इलाके का रहने वाला था। परिवार के सदस्यों ने बताया कि बच्चा पिछले कुछ दिनों से घर से लापता था। परिजनों ने उसे खोजने की काफी कोशिश की थी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। शव मिलने की सूचना मिलने के बाद परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। बच्चे के शव को देखकर परिजनों का क्रंदन पूरे घाट पर गूंज उठा। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है, और उनके लिए इस वज्रपात को सहन करना कठिन हो गया है।
जांच में जुटी पुलिस
नाथनगर पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच कर रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला डूबने का प्रतीत होता है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बच्चा अकेले घाट पर कैसे पहुंचा या क्या वह किसी दुर्घटना का शिकार हुआ है। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और क्षेत्र में लोगों से पूछताछ की जा रही है।
इलाके में आक्रोश और सुरक्षा के सवाल
इस घटना के बाद लालूचक और आसपास के निवासियों में गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि गंगा के तटवर्ती इलाकों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। घाटों के आसपास न तो बैरिकेडिंग है और न ही किसी तरह की निगरानी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील घाटों पर सुरक्षा बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
परिजनों का टूटा सब्र
परिजनों ने पुलिस के समक्ष रोते हुए कहा कि उन्होंने अपने बच्चे को खो दिया है। वे इस बात से भी सदमे में हैं कि आखिर बच्चा घर से निकलकर इतनी दूर घाट तक कैसे पहुंचा। स्थानीय समाज के लोग परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं, लेकिन बच्चे की असामयिक मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मायागंज अस्पताल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि वे हर संदिग्ध एंगल से मामले को देख रहे हैं। क्या यह केवल डूबने का हादसा है या इसके पीछे कोई और कारण है, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद होगा। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि यदि मामले में कोई आपराधिक तत्व पाया गया, तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।