मदन अहल्या महिला महाविद्यालय में 'रेड रन मैराथन' का भव्य आयोजन, छात्राओं ने दिखाया उत्साह
नवगछिया (भागलपुर): स्वास्थ्य, जागरूकता और अनुशासन का संदेश देते हुए नवगछिया स्थित मदन अहल्या महिला महाविद्यालय में एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) इकाई के तत्वावधान में 'रेड रन मैराथन' का सफल आयोजन किया गया। इस दौड़ प्रतियोगिता में महाविद्यालय की छात्राओं ने पूरे उत्साह और जोश के साथ हिस्सा लिया। मैराथन का मुख्य उद्देश्य न केवल छात्राओं को शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करना था, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संचार करना भी था।
कार्यक्रम का आगाज: प्राचार्य की प्रेरणादायी उपस्थिति
मैराथन की औपचारिक शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अवधेश रजक ने हरी झंडी दिखाकर की। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि, "स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। आज की युवा पीढ़ी, विशेषकर छात्राओं के लिए खेलों और दौड़ जैसी गतिविधियों में भाग लेना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनें, बल्कि मानसिक रूप से भी ऊर्जावान रहें।"
प्राचार्य ने एनएसएस स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन छात्राओं में नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मैराथन का सफर: जोश और जुनून की मिसाल
महाविद्यालय परिसर से शुरू हुई यह 'रेड रन मैराथन' निर्धारित मार्ग से होती हुई पुनः महाविद्यालय प्रांगण में संपन्न हुई। रास्ते भर छात्राओं ने 'फिट इंडिया-हिट इंडिया', 'स्वस्थ रहो-मस्त रहो' जैसे नारे लगाकर पूरे वातावरण को ऊर्जावान बना दिया।
भारी भागीदारी: एनएसएस की सैकड़ों स्वयंसेविकाओं ने मैराथन में भाग लिया। हर धाविका की आंखों में जीत का संकल्प और चेहरे पर मुस्कान साफ देखी जा सकती थी।
अनुशासन: पूरी प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं ने अनुशासन का परिचय दिया। एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारियों ने दौड़ के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की कमान संभाल रखी थी।
उत्कृष्ट प्रदर्शन और सम्मान समारोह
दौड़ समाप्ति के बाद पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली धाविकाओं को प्राचार्य और अन्य शिक्षकों द्वारा मेडल और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
विजेताओं का हौसला: स्वर्ण पदक जीतने वाली छात्रा ने कहा, "यह जीत मेरे लिए व्यक्तिगत नहीं, बल्कि हमारे कॉलेज और एनएसएस की जीत है। दौड़ ने मुझे सिखाया है कि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर गति जरूरी है।"
प्रोत्साहन: केवल विजेताओं को ही नहीं, बल्कि दौड़ पूरी करने वाली सभी छात्राओं को उनके साहस और भागीदारी के लिए सराहा गया।
एनएसएस की भूमिका: राष्ट्र सेवा का संकल्प
मदन अहल्या महिला महाविद्यालय की एनएसएस इकाई इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से समय-समय पर सामाजिक जागरूकता फैलाती रही है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए एनएसएस पदाधिकारी ने कहा, "रेड रन मैराथन का उद्देश्य एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता फैलाना और युवाओं को नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करना है। हम चाहते हैं कि हमारी छात्राएं समाज की मुख्य धारा में अपनी फिटनेस और जागरूकता के साथ अग्रणी भूमिका निभाएं।"
महाविद्यालय में उत्सव का माहौल
मैराथन के कारण महाविद्यालय परिसर में एक अलग ही रौनक दिखाई दी। शिक्षकों, कर्मचारियों और अन्य छात्राओं ने तालियां बजाकर धाविकाओं का उत्साहवर्धन किया। कॉलेज के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी छात्राओं के इस प्रयास की सराहना की और भविष्य में ऐसे और भी कार्यक्रमों के आयोजन पर बल दिया।
फिटनेस की ओर बढ़ता कदम
मदन अहल्या महिला महाविद्यालय द्वारा आयोजित यह मैराथन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि यह स्वास्थ्य के प्रति एक गंभीर प्रतिबद्धता थी। नवगछिया जैसे क्षेत्र में छात्राओं द्वारा इस प्रकार की बड़े पैमाने पर दौड़ में भाग लेना यह दर्शाता है कि अब महिलाएं हर क्षेत्र में खुद को साबित करने के लिए तैयार हैं।
इस सफल आयोजन ने न केवल महाविद्यालय का मान बढ़ाया है, बल्कि समाज के अन्य वर्गों के लिए भी एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया है। आयोजन की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि सही मार्गदर्शन और मंच मिले, तो हमारे देश की बेटियां किसी भी लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर सकती हैं। आने वाले समय में महाविद्यालय प्रशासन ने खेल और स्वास्थ्य से जुड़े ऐसे और भी वृहद कार्यक्रमों की योजना बनाई है।
क्या आप जानना चाहेंगे कि राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) में शामिल होने के क्या लाभ होते हैं, या फिर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए दैनिक जीवन में कौन सी छोटी-छोटी शारीरिक गतिविधियां शामिल की जा सकती हैं?