पूर्णिया में सांसद पप्पू यादव की पहल पर भव्य रोजगार मेले का सफल आयोजन: 6 हजार युवाओं का हुआ चयन, 50 से अधिक कंपनियों ने लिया हिस्सा और 40 प्रतिशत महिला अभ्यर्थी रहीं सफल

 बिहार के पूर्णिया जिले में बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे युवाओं के लिए एक बड़ी और उम्मीद की किरण जगाने वाली खबर सामने आई है। स्थानीय सांसद पप्पू यादव (राजेश रंजन) की विशेष पहल और दूरगामी सोच के तहत पूर्णिया में एक विशाल रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस महा-रोजगार मेले में देश और राज्य की 50 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों ने हिस्सा लिया, जहाँ विभिन्न क्षेत्रों के लिए युवाओं के साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया पूरी की गई। इस वृहद आयोजन के दौरान कुल 6,000 युवाओं का विभिन्न पदों के लिए चयन किया गया, जो क्षेत्र के युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस मेले की एक और सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें कुल चयनित अभ्यर्थियों में 40 प्रतिशत महिलाएँ शामिल रहीं, जो महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। आइए इस विस्तृत रिपोर्ट के माध्यम से जानते हैं इस रोजगार मेले की पूरी रूपरेखा, कंपनियों की सहभागिता, सांसद पप्पू यादव के संकल्प और पूर्णिया के युवाओं में उमड़े भारी उत्साह के बारे में।

सांसद पप्पू यादव की पहल और रोजगार मेले का भव्य आयोजन

पूर्णिया और आसपास के सीमांचल इलाकों में युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की भारी कमी लंबे समय से एक गंभीर मुद्दा रही है। इसी चुनौती से पार पाने के लिए सांसद पप्पू यादव ने निजी और कॉर्पोरेट सेक्टर की कंपनियों को पूर्णिया लाकर युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने का बीड़ा उठाया।

विशाल स्तर पर आयोजन: पूर्णिया में आयोजित इस मेगा जॉब फेयर (Mega Job Fair) में शिरकत करने के लिए सुबह से ही हजारों की संख्या में दूर-दराज के जिलों से भी युवा और युवतियां पहुँचने लगे थे। मेले के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन और सांसद के कार्यालय द्वारा व्यापक तैयारियाँ की गई थीं।

युवाओं में भारी उत्साह: रोजगार मेले के प्रति युवाओं का क्रेज इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि रजिस्ट्रेशन काउंटर से लेकर विभिन्न कंपनियों के स्टॉल तक युवाओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। हर युवा के चेहरे पर एक अच्छी नौकरी पाने की उम्मीद साफ झलक रही थी।

 50 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों की सहभागिता और 6 हजार का चयन

इस रोजगार मेले की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि इसमें देश की कई नामचीन कंपनियों ने भाग लिया और अपनी जरूरत के अनुसार योग्य उम्मीदवारों का चयन किया।

विभिन्न सेक्टरों में मौके: बैंकिंग, बीमा, ऑटोमोबाइल, रिटेल, मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, और फार्मास्यूटिकल्स जैसे 50 से अधिक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय (MNC) समूहों ने इस मेले में अपने स्टॉल लगाए थे।

6 हजार युवाओं का चयन: ऑन-द-spot (मौके पर ही) इंटरव्यू और लिखित परीक्षा के आधार पर विभिन्न कंपनियों ने कुल 6,000 युवाओं को शॉर्टलिस्ट और चयनित किया। चयनित होने वाले युवाओं को ऑफर लेटर मिलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जिससे सफल उम्मीदवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

महिला सशक्तिकरण की मिसाल: 40% महिला अभ्यर्थियों का चयन

इस रोजगार मेले का सबसे प्रेरणादायक पहलू यह रहा कि इसमें बेटियों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और शानदार सफलता हासिल की।

बड़ी संख्या में युवतियों की सफलता: नियोजनालय और कंपनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस पूरे रोजगार मेले में कुल चयनित अभ्यर्थियों में से 40 प्रतिशत महिला अभ्यर्थी थीं।

आर्थिक स्वावलंबन: सुदूर ग्रामीण इलाकों से आई युवतियों का कॉर्पोरेट और सेवा क्षेत्र में चुना जाना इस बात का प्रमाण है कि सीमांचल की बेटियां अब शिक्षा और कौशल के बल पर अपने पैरों पर खड़े होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

सांसद पप्पू यादव का संकल्प: पलायन रोकने के लिए लगातार उठेंगे कदम

रोजगार मेले के सफल समापन के बाद सांसद पप्पू यादव ने उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए एक मजबूत संकल्प दोहराया।

पलायन पर चिंता और समाधान: सांसद ने कहा कि बिहार के युवाओं को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में जाकर अपमानित होना पड़ता है या कम वेतन पर काम करना पड़ता है, यह स्थिति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संकल्प लिया कि पूर्णिया और सीमांचल क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए वे भविष्य में भी इस तरह के बड़े रोजगार मेलों का आयोजन लगातार करते रहेंगे।

कौशल विकास पर जोर: उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी योग्यता और कौशल (Skills) को लगातार बढ़ाएं, ताकि आने वाले समय में और भी बड़ी कंपनियों को पूर्णिया में लाकर स्थानीय युवाओं को उनके घर के पास ही बेहतर पैकेज पर नौकरियां दिलाई जा सकें।

पूर्णिया में सांसद पप्पू यादव की पहल पर आयोजित यह रोजगार मेला सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के जीवन में उजाला लाने वाला एक सफल प्रयास साबित हुआ है। 50 से अधिक कंपनियों की मौजूदगी, 6 हजार युवाओं का चयन और 40% महिलाओं की सफलता यह दर्शाती है कि यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं, तो युवाओं की बेरोजगारी की समस्या को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सकता है।