गया इंजीनियरिंग कॉलेज में भव्य इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन: प्रोफेसर राहुल कुमार ने छात्रों को पाठ पढ़ाया कि तकनीक के साथ नैतिकता और मानवीय मूल्य भी हैं जरूरी; नए छात्रों का हुआ गर्मजोशी से स्वागत
गया: तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके प्रतिष्ठित संस्थान गया इंजीनियरिंग कॉलेज (Gaya College of Engineering - GCE) में बुधवार को एक भव्य और प्रेरणादायी इंडक्शन प्रोग्राम (Induction Programme) का आयोजन किया गया। बीटेक (B.Tech) के प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले नए विद्यार्थियों का कॉलेज परिसर में शानदार स्वागत किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नव-प्रवेशी छात्रों को कॉलेज के शैक्षणिक माहौल, तकनीकी संस्कृति और जीवन के वास्तविक मूल्यों से रूबरू कराना था। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के प्रतिष्ठित शिक्षक और वक्ता प्रोफेसर राहुल कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण और सारगर्भित संदेश दिया। उन्होंने अपने संबोधन में आधुनिक युग में तकनीक (Technology) के साथ-साथ मानवता के मूल्यों (Human Values) के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण: प्रोफेसर राहुल कुमार का प्रेरणादायी संबोधन
गया इंजीनियरिंग कॉलेज के सभागार में आयोजित इस इंडक्शन कार्यक्रम में जब प्रोफेसर राहुल कुमार ने मंच संभाला, तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने नए विद्यार्थियों से संवाद करते हुए इंजीनियरिंग और तकनीक की दुनिया से परे जाकर एक बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा दी।
तकनीक और नैतिकता का अनूठा तालमेल: प्रोफेसर राहुल कुमार ने छात्रों को समझाते हुए कहा कि आज का युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और अत्याधुनिक तकनीक का युग है। एक इंजीनियर के तौर पर आप नई-नई मशीनों, सॉफ्टवेयर और संरचनाओं का निर्माण करेंगे, लेकिन इस बात हमेशा गांठ बांध लें कि तकनीक के सही और सुरक्षित उपयोग के लिए नैतिकता (Ethics) और जिम्मेदारी (Responsibility) का होना सबसे ज्यादा आवश्यक है।
मानवीय मूल्यों का महत्व: उन्होंने कहा कि केवलता किताबी ज्ञान और तकनीकी डिग्रियां हासिल कर लेना ही एक सफल इंजीनियर की पहचान नहीं है। जब तक आपके भीतर समाज के प्रति संवेदना, जरूरतमंदों के प्रति सहानुभूति और मानवता के प्रति प्रेम नहीं होगा, तब तक आपका तकनीकी ज्ञान अधूरा है। एक जिम्मेदार इंजीनियर वही है जो अपनी तकनीक का इस्तेमाल समाज के कल्याण और भलाई के लिए करे, न कि उसके विनाश के लिए।
नव-प्रवेशी विद्यार्थियों के लिए अकादमिक जीवन की नई शुरुआत
इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश पाना हर छात्र और उसके माता-पिता का एक बड़ा सपना होता है। स्कूल की दहलीज पार करके कॉलेज की स्वतंत्र और रचनात्मक दुनिया में कदम रखने वाले इन युवा मस्तिष्कों के लिए यह इंडक्शन प्रोग्राम एक मार्गदर्शक (Guidance) साबित हुआ।
कॉलेज के नियमों और संस्कृति से परिचय: कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के अन्य वरिष्ठ प्रोफेसरों और विभागाध्यक्षों ने भी छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कॉलेज की प्रयोगशालाओं (Labs), पुस्तकालय (Library), हॉस्टल के नियमों और पठन-पाठन की प्रणालियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
तनाव मुक्त और सकारात्मक माहौल: नए माहौल में आने वाले छात्रों के मन में अक्सर एक अज्ञात डर या संकोच रहता है। इस तरह के इंडक्शन कार्यक्रमों से छात्रों का झिझक दूर होता है और वे कॉलेज के सीनियर छात्रों, शिक्षकों और पूरे प्रशासनिक ढांचे के साथ सहज महसूस करने लगते हैं।
छात्रों में दिखा गजब का उत्साह और ऊर्जा
गया इंजीनियरिंग कॉलेज के इस इंडक्शन कार्यक्रम में भाग ले रहे प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं के चेहरों पर एक अलग ही चमक और आत्मविश्वास देखने को मिला।
संकल्प लेने का अवसर: प्रोफेसर राहुल कुमार और अन्य वक्ताओं के उद्बोधन को सुनकर छात्रों ने यह संकल्प लिया कि वे आगामी चार वर्षों तक कड़ी मेहनत करेंगे और अपनी तकनीकी शिक्षा का उपयोग देश और समाज के उत्थान के लिए करेंगे।
प्रश्न-उत्तर सत्र (Interactive Session): कार्यक्रम के अंत में एक इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने अपनी जिज्ञासाओं और शंकाओं को शिक्षकों के सामने रखा। प्रोफेसरों ने बेहद सरल और प्रेरणादायक तरीके से छात्रों के सवालों के जवाब दिए, जिससे उनका मार्गदर्शन हुआ।
गया इंजीनियरिंग कॉलेज में बुधवार को आयोजित यह इंडक्शन कार्यक्रम केवल एक औपचारिक स्वागत समारोह नहीं था, बल्कि यह भावी इंजीनियरों के चरित्र निर्माण और नैतिक मार्गदर्शन का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। प्रोफेसर राहुल कुमार द्वारा दी गई यह सीख कि "तकनीक के उपयोग के लिए नैतिकता और जिम्मेदारी आवश्यक है" आने वाले समय में इन छात्रों के करियर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। गया इंजीनियरिंग कॉलेज ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह केवल अच्छे इंजीनियर ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायी और संवेदनशील नागरिक भी तैयार कर रहा है।