तरैया के मंझोपुर में गंडक नहर का बांध टूटा, प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से मिली राहत

सारण (तरैया): बिहार के सारण जिले के तरैया प्रखंड अंतर्गत मंझोपुर में बुधवार की सुबह गंडक नहर का बांध अचानक टूट जाने से हड़कंप मच गया। स्टेट हाईवे 104 के किनारे स्थित इस बांध के ध्वस्त होने से सैकड़ों एकड़ खेतों में पानी फैल गया और कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया। हालांकि, खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बांध की मरम्मत कर दी है, जिससे स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है।

घटना का विवरण और कारण

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, मंझोपुर स्थित गंडक नहर के बांध के नीचे पानी निकासी के लिए काफी समय पहले ह्यूम पाइप लगाया गया था। इस पाइप के पास से पिछले कई दिनों से लगातार पानी का रिसाव हो रहा था, जिससे बांध अंदर से खोखला और कमजोर हो गया था। बुधवार सुबह रिसाव का रूप इतना विकराल हो गया कि बांध का एक बड़ा हिस्सा ढह गया।

बांध टूटने के कारण परौना, भटगाई, मोलनापुर, टीकमपुर और संग्रामपुर समेत कई गांवों का सड़क संपर्क बाधित हो गया था। मंझोपुर स्थित गंडक नहर पुल से होकर गुजरने वाला यह मार्ग इन गांवों के लिए लाइफलाइन माना जाता है। पानी के बहाव से किसानों के खेतों में लगी धान की फसल (बिचड़े) भी जलमग्न हो गई थी, जिससे किसानों में भारी चिंता देखी गई।

प्रशासनिक सक्रियता और मरम्मत

घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय मुखिया ओम प्रकाश कुमार, पूर्व बीडीसी नागेंद्र प्रसाद और ग्रामीणों ने तुरंत गंडक परियोजना विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया। ग्रामीणों ने अपने स्तर से प्रयास करते हुए घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित नहर के किवाड़ (स्लूस गेट) को बंद कराया, जिससे पानी का दबाव कम हुआ।

इसके बाद, मरहौरा गंडक परियोजना के जूनियर इंजीनियर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी मशीन की मदद से युद्धस्तर पर बांध की भराई और मरम्मत का कार्य शुरू किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रशासन की इस सक्रियता के चलते बुधवार देर शाम तक बांध को काफी हद तक दुरुस्त कर दिया गया, जिससे यातायात बहाल हो गया।

ग्रामीणों में आक्रोश और सुरक्षा व्यवस्था

ग्रामीणों का कहना है कि यह नहर का बांध लंबे समय से जर्जर स्थिति में है और अक्सर छोटी-मोटी दरारें आती रहती हैं, लेकिन विभाग द्वारा समय रहते पक्की मरम्मत न कराने के कारण अक्सर ऐसी घटनाएं होती हैं। ग्रामीणों ने भविष्य में किसी बड़े हादसे को टालने के लिए बांध के सुदृढ़ीकरण की मांग की है।

प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई ने फिलहाल एक बड़ी आपदा को रोक दिया है, लेकिन स्थानीय लोग अब भी सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन से सतर्कता बरतने की अपील कर रहे हैं ताकि दोबारा ऐसी समस्या उत्पन्न न हो।