30 जुलाई को होगा मतदान, 6 जुलाई से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया
पटना: बिहार की राजधानी की सबसे चर्चित और महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में शुमार 'बांकीपुर' में चुनावी हलचल तेज हो गई है। भारतीय निर्वाचन आयोग ने बुधवार को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की आधिकारिक घोषणा कर दी है, जिसके साथ ही राज्य की राजनीति का पारा चढ़ गया है। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, इस सीट के लिए आगामी 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा।
उपचुनाव का कार्यक्रम: एक नजर में
निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया का पूरा खाका इस प्रकार है:
नामांकन की शुरुआत: 6 जुलाई, 2026
नामांकन की अंतिम तिथि: 13 जुलाई, 2026
नामांकन पत्रों की समीक्षा (Scrutiny): 14 जुलाई, 2026
नाम वापसी की अंतिम तिथि: 16 जुलाई, 2026
मतदान की तारीख: 30 जुलाई, 2026
परिणाम की घोषणा: मतगणना के दिन घोषित किए जाएंगे।
क्यों हो रहा है उपचुनाव?
बांकीपुर सीट पर यह उपचुनाव पूर्व विधायक के इस्तीफे/पद त्याग के कारण रिक्त हुई सीट को भरने के लिए कराया जा रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इस सीट पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई थी। अब इस रिक्त सीट पर फिर से कब्जा जमाने के लिए सत्ताधारी गठबंधन (NDA) और विपक्षी दलों (INDIA ब्लॉक) के बीच कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है।
चुनावी तैयारियों और आचार संहिता
उपचुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में 'आदर्श आचार संहिता' (Model Code of Conduct) तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। जिला प्रशासन अब इस क्षेत्र में किसी भी नई सरकारी योजना की घोषणा या उद्घाटन पर रोक सुनिश्चित करेगा। पटना के जिलाधिकारी ने कहा है कि चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं और सीसीटीवी निगरानी के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
इस उपचुनाव को 2026 के राजनीतिक परिदृश्य में एक 'सेमीफाइनल' के तौर पर देखा जा रहा है। जहां एक ओर एनडीए खेमा अपनी पुरानी जीत को दोहराने की रणनीति बना रहा है, वहीं विपक्षी दल इस सीट को अपने पाले में करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। स्थानीय मुद्दों जैसे जलजमाव, बुनियादी ढांचा और युवाओं के लिए रोजगार इस उपचुनाव में मुख्य चुनावी एजेंडे हो सकते हैं।
प्रशांत किशोर की 'जन सुराज' जैसे नए राजनीतिक दलों के प्रवेश से इस बार मुकाबला त्रिकोणीय या उससे अधिक रोमांचक होने के कयास लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर की जनता का मिजाज बिहार की आगामी राजनीति के लिए एक बड़े संकेत के रूप में देखा जाएगा।
मतदाताओं से अपील
प्रशासन ने सभी योग्य मतदाताओं से आग्रह किया है कि वे 30 जुलाई को अधिक से अधिक संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें। मतदान के दिन क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्य दल अपने किन प्रत्याशियों को मैदान में उतारते हैं। नामांकन प्रक्रिया के शुरू होते ही टिकट के दावेदारों की दौड़ और बैठकों का दौर शुरू हो जाएगा।