बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने उठाए सवाल, पुलिस कार्रवाई पर जताई नाराजगी
मुजफ्फरपुर: जिले में हाल ही में हुए 'भरत तिवारी एनकाउंटर' का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहाँ पुलिस इसे बड़ी सफलता मान रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर इस पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इस विवाद में अब बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने भी एंट्री कर ली है, जिन्होंने इस एनकाउंटर को संदिग्ध और गलत करार दिया है।
एनकाउंटर पर खड़े किए सवाल
मैथिली ठाकुर ने मीडिया से बातचीत करते हुए साफ तौर पर कहा कि भरत तिवारी एनकाउंटर की परिस्थितियों पर यकीन करना मुश्किल है। उन्होंने दावा किया कि प्राथमिक जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से यह मामला 'फेक एनकाउंटर' की ओर इशारा करता है। विधायक ने कहा, "किसी की जान लेना आसान है, लेकिन कानून का राज होने के नाते पुलिस को हर कदम पर जवाबदेही तय करनी चाहिए। भरत तिवारी के मामले में पुलिस की कार्यशैली पर जो प्रश्नचिह्न लगे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच होनी अनिवार्य है।"
पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
बीजेपी विधायक ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की गलती पाई जाती है, तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच हो और यदि एनकाउंटर फर्जी साबित होता है, तो दोषी अधिकारियों और जवानों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मैथिली ठाकुर ने यह भी स्पष्ट किया कि वे कानून-व्यवस्था के साथ हैं, लेकिन 'कानून हाथ में लेकर न्याय करने' की पुलिसिया पद्धति को किसी भी सूरत में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा
विधायक ने भरत तिवारी के शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और उन्हें पूरी मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार के साथ जो अन्याय हुआ है, उसे वे हर मंच पर उठाएंगी। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो इस मामले को लेकर वे बिहार के गृह विभाग और उच्चाधिकारियों से मिलकर ज्ञापन भी सौंपेंगी।
पुलिस महकमे में हलचल
एक सत्ताधारी दल की विधायक द्वारा ही एनकाउंटर पर सवाल उठाए जाने से जिला पुलिस प्रशासन बैकफुट पर नजर आ रहा है। जहां पुलिस का दावा है कि आत्मरक्षा में गोली चलाई गई, वहीं अब इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी शुरू होने से मामले की जांच का दायरा बढ़ सकता है। सूत्रों के अनुसार, एनकाउंटर के बाद से ही क्षेत्र में तनाव का माहौल है और स्थानीय जनता लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है।
क्या अब होगी न्यायिक जांच?
मैथिली ठाकुर के इस बयान ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या जिला प्रशासन इस मामले में कोई विशेष जांच टीम (SIT) गठित करता है या फिर मामला शांत होने तक इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। विधायक ने स्पष्ट कर दिया है कि वे तब तक चैन से नहीं बैठेंगी जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता।
यह घटना मुजफ्फरपुर में पुलिस और जनता के बीच के भरोसे को प्रभावित कर रही है, और विधायक का यह हस्तक्षेप इस मामले में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।