नौबतपुर में पुलिस चेकिंग का डर दिखाकर युवक से 35 हजार रुपये और सामान की ठगी, सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की तलाश
नौबतपुर (पटना), 16 जुलाई: बिहार की राजधानी पटना के नौबतपुर थाना क्षेत्र में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पंजाब से अपने घर लौट रहे एक युवक को शातिर ठगों ने पुलिस चेकिंग का भय दिखाकर करीब 35 हजार रुपये नकद और सामान से भरा डिब्बा ठग लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने नौबतपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अपराधी लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अजनबी की बातों में न आएं और पुलिस या सरकारी अधिकारी बताने वाले व्यक्तियों की पहचान की पुष्टि किए बिना उन पर भरोसा न करें।
पंजाब से घर लौट रहा था युवक
जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक पंजाब में नौकरी करता है और कुछ दिनों की छुट्टी लेकर अपने गांव लौट रहा था। वह अपने साथ करीब 35 हजार रुपये नकद, कपड़े और अन्य घरेलू सामान लेकर आया था।
जैसे ही वह नौबतपुर इलाके में पहुंचा, कुछ अज्ञात लोग उसके पास आए और बातचीत शुरू कर दी। उन्होंने खुद को स्थानीय जानकार बताते हुए कहा कि इलाके में पुलिस की सघन जांच चल रही है और यदि उसके पास इतनी नकदी और सामान मिला तो उसे परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
पुलिस चेकिंग का डर दिखाकर रची साजिश
ठगों ने बड़ी चालाकी से युवक को विश्वास में ले लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच से बचने के लिए वह कुछ समय के लिए अपना नकद और सामान उनके पास सुरक्षित रख दे। उनका दावा था कि जांच खत्म होने के बाद वे सारी चीजें उसे वापस कर देंगे।
अनजान लोगों की बातों पर भरोसा कर युवक ने अपनी नकदी और सामान उन्हें सौंप दिया। कुछ देर इंतजार करने के बाद जब आरोपी वापस नहीं लौटे, तब उसे एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुका है।
पीड़ित ने थाने में दर्ज कराई शिकायत
घटना का पता चलते ही पीड़ित सीधे नौबतपुर थाना पहुंचा और पूरी जानकारी पुलिस को दी। उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित से आरोपियों के हुलिए, बातचीत के तरीके और घटनास्थल की विस्तृत जानकारी ली। इसके बाद जांच टीम को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि आरोपी कैमरों में कैद हुए होंगे, जिससे उनकी पहचान करने में मदद मिलेगी।
तकनीकी टीम फुटेज का विश्लेषण कर संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिलेगी।
संगठित गिरोह होने की आशंका
जांच अधिकारियों का कहना है कि वारदात का तरीका किसी संगठित ठग गिरोह की ओर इशारा करता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने इससे पहले भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है।
यदि अन्य जिलों में भी इसी तरह के मामले सामने आए हैं, तो संबंधित थानों से जानकारी साझा कर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
यात्रियों को बनाया जा रहा निशाना
हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें बाहर से लौटने वाले यात्रियों को अपराधियों ने निशाना बनाया है। ठग पहले लोगों का विश्वास जीतते हैं और फिर पुलिस जांच, बैंक अधिकारी या सरकारी कर्मचारी का डर दिखाकर उनकी नकदी और सामान लेकर फरार हो जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी यात्रा से लौट रहे लोग अक्सर थके होते हैं, जिसका फायदा अपराधी उठाते हैं।
पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि—
- किसी भी अजनबी को अपनी नकदी या सामान न सौंपें।
- यदि कोई व्यक्ति पुलिस या सरकारी अधिकारी होने का दावा करे, तो उसकी पहचान अवश्य जांचें।
- केवल वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस हेल्पलाइन को दें।
- रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सावधानी बरतें।
तकनीकी जांच पर भरोसा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और सीसीटीवी कैमरों की मदद से अपराधियों तक पहुंचना पहले की तुलना में आसान हुआ है। जांच टीम मोबाइल सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी मदद ले रही है।
यदि फुटेज में आरोपियों की स्पष्ट तस्वीर मिलती है, तो उनकी पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जाएगी।
बढ़ रही हैं ठगी की घटनाएं
बिहार समेत देश के कई हिस्सों में ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। साइबर ठगी के साथ-साथ सड़क पर होने वाली धोखाधड़ी की घटनाएं भी चिंता का विषय बनी हुई हैं।
अपराधी लोगों के डर, जल्दबाजी और अनजान जगह पर होने का फायदा उठाकर उन्हें आसानी से अपना शिकार बना लेते हैं। इसलिए पुलिस लगातार लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चला रही है।
कानूनी कार्रवाई जारी
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान होते ही उनके खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
नौबतपुर में पुलिस चेकिंग का डर दिखाकर पंजाब से लौट रहे युवक से करीब 35 हजार रुपये नकद और सामान की ठगी की घटना ने लोगों को सतर्क रहने का संदेश दिया है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी अजनबी की बातों में आने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।