पूर्णिया एयरपोर्ट तक बने फोर लेन; एयरफोर्स स्टेशन के बर्म (बमडम) से सटी प्रस्तावित सड़क पर अंडरपास निर्माण का लिया गया अहम निर्णय

बिहार के सीमांचल और पूर्णिया वासियों के बहुप्रतीक्षित सपनों में से एक है—पूर्णिया से विमान सेवा का शुरू होना। पूर्णिया एयरफोर्स स्टेशन से सिविल उड़ानों (Civil Flights) के संचालन की दिशा में लगातार प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर कवायद तेज हो चुकी है। इसी बीच, दैनिक 'हिन्दुस्तान' अखबार द्वारा चलाए जा रहे जनहित अभियान "एयरपोर्ट तक बने फोर लेन" के तहत एक और अहम सफलता सामने आई है। एयरपोर्ट तक पहुँचने वाले मार्ग को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए एयरफोर्स स्टेशन के बर्म से सटी प्रस्तावित सड़क पर अंडरपास के निर्माण का निर्णय लिया गया है।

क्या है पूरी योजना और अंडरपास निर्माण की जरूरत?

पूर्णिया एयरपोर्ट के चालू होने के बाद यहाँ यात्रियों की भारी आवाजाही होगी। भारी वाहनों, कैब, बसों और निजी वाहनों के दबाव को संभालने के लिए वर्तमान सड़कें नाकाफी साबित हो सकती हैं। इसे देखते हुए 'हिन्दुस्तान' अखबार ने प्रमुखता से यह मुद्दा उठाया था कि एयरपोर्ट तक पहुँचने के लिए एक चौड़ी (फोर लेन) सड़क का होना अति आवश्यक है।

प्रस्तावित सड़क के एलाइनमेंट (Alignment) के दौरान यह बात सामने आई कि मार्ग कुछ संवेदनशील रक्षा क्षेत्रों यानी एयरफोर्स स्टेशन के बर्म के करीब से गुजरता है। सुरक्षा और रणनीतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यह जरूरी था कि ऐसा रास्ता तैयार किया जाए जिससे सैन्य सुरक्षा भी बनी रहे और आम नागरिकों का आवागमन भी बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चलता रहे। इसी तकनीकी समस्या का समाधान निकालते हुए बर्म से सटी सड़क पर अंडरपास बनाने पर सहमति बनी है।

प्रशासनिक बैठक और मंथन

हाल ही में जिला प्रशासन, सड़क निर्माण विभाग (RCD), एनएचएआई (NHAI) और वायुसेना के अधिकारियों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठकों में इस बात पर गहन मंथन किया गया।

सुरक्षा और सुगमता का संतुलन: अंडरपास के निर्माण से एक ओर जहाँ एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित रहेगी, वहीं दूसरी ओर आम जनता और यात्रियों को बाईपास या लंबे चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।

यातायात का दबाव कम करना: इस फोर लेन और अंडरपास प्रोजेक्ट के पूरा हो जाने से शहर के भीतर ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। यात्री सीधे कम समय में एयरपोर्ट परिसर तक पहुँच सकेंगे।

स्थानीय लोगों और व्यवसायियों में उत्साह

'हिन्दुस्तान' अभियान के इस मुकाम पर पहुँचने से पूर्णिया के आम नागरिकों, व्यापारियों और युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि पूर्णिया में एयरपोर्ट का सपना अब धरातल पर उतरता दिख रहा है और उसके साथ बुनियादी सड़क ढांचे का मजबूत होना विकास की रफ्तार को कई गुना बढ़ा देगा। फोर लेन सड़क और अंडरपास बन जाने से पूर्णिया न केवल सिलीगुड़ी, नेपाल और बंगाल के अन्य हिस्सों से जुड़ेगा, बल्कि एक बड़े एविएशन हब के रूप में भी उभरेगा।

मुख्य निष्कर्ष (Key Takeaways)

अभियान की सार्थकता: 'हिन्दुस्तान' का "एयरपोर्ट तक बने फोर लेन" अभियान जनहित की वास्तविक मांगों को सरकार और प्रशासन तक पहुँचाने में बेहद असरदार साबित हो रहा है।

रणनीतिक और सुगम ढांचा: एयरफोर्स स्टेशन के बर्म के पास अंडरपास का निर्माण सामरिक सुरक्षा और आधुनिक शहरी यातायात के बीच बेहतरीन तालमेल का उदाहरण है।

उज्ज्वल भविष्य: पूर्णिया एयरपोर्ट के लिए मजबूत सड़क नेटवर्क तैयार होने से यहाँ के आर्थिक, व्यावसायिक और पर्यटन विकास को पंख लगेंगे।