विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में खान-पान और प्रसाद की दरों का हुआ निर्धारण; फुल थाली की कीमत 70 से बढ़कर हुई 75 रुपये, हाफ प्लेट और बच्चों की थाली की दरें यथावत
भागलपुर, विशेष संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर के सुल्तानगंज में शुरू हुए विश्व प्रसिद्ध और ऐतिहासिक श्रावणी मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों शिवभक्तों (कांवरियों) की जेब और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने खाद्य सामग्रियों, भोजन और प्रसिद्ध प्रसाद (पेड़ा) की दरों की नई सूची जारी कर दी है। इस वर्ष मेले में महंगाई का हल्का असर देखने को मिला है, जिसके तहत भोजन की फुल थाली की कीमत 70 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये कर दी गई है। हालांकि, आम श्रद्धालुओं और कांवरियों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने अधिकांश वस्तुओं के दामों में बेतहाशा वृद्धि करने से परहेज किया है और कई जरूरी चीजों की कीमतें पुरानी दरों पर ही स्थिर रखी हैं।
सदर एसडीओ द्वारा दरों की आधिकारिक घोषणा
श्रावणी मेले के सुचारू संचालन और बाजार में मुनाफाखोरी व मनमानी कीमत वसूली पर लगाम लगाने के लिए भागलपुर के सदर एसडीओ विकास कुमार ने मेला क्षेत्र के दुकानदारों, होटल संचालकों और समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर नई मूल्य सूची (Rate Chart) तय की है। एसडीआरएफ, पुलिस प्रशासन और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मेला क्षेत्र के सभी भोजनालयों, होटलों और ठिकानों पर इस निर्धारित मूल्य सूची को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए, ताकि किसी भी कांवरिया या पर्यटक से अधिक राशि न वसूली जा सके।
भोजन की दरों में आंशिक बदलाव: फुल थाली 75 रुपये
मेले के दौरान कांवरियों और राहगीरों के लिए भोजन की व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण होती है। प्रशासन द्वारा तय की गई नई दरों के अनुसार:
फुल थाली (Full Thali): पिछले वर्षों में जो भोजन थाली 70 रुपये में उपलब्ध कराई जाती थी, उसकी कीमत में 5 रुपये की आंशिक बढ़ोतरी करते हुए अब इसे 75 रुपये कर दिया गया है। इस थाली में सात्विक और गुणवत्तापूर्ण भोजन, दाल, चावल, सब्जी और रोटी तय मात्रा में उपलब्ध कराई जाएगी।
हाफ प्लेट और बच्चों की थाली: राहत की बात यह है कि कम मात्रा में भोजन करने वालों या बच्चों के लिए दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है। हाफ प्लेट भोजन 40 रुपये तथा बच्चों की थाली 50 रुपये की पुरानी निर्धारित कीमत पर ही उपलब्ध होगी।
प्रसिद्ध पेड़े की कीमत में भी हल्की वृद्धि
सुल्तानगंज और देवघर आने वाले कांवरियों के बीच यहां का स्थानीय पेड़ा अत्यंत लोकप्रिय है और इसे भगवान भोलेनाथ के प्रसाद के रूप में खरीदा जाता है।
पेड़े की नई कीमत: महंगाई और दूध की लागत में आए अंतर को देखते हुए पेड़े के मूल्य में भी आंशिक संशोधन किया गया है। अब तक जो पेड़ा 360 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा था, उसकी कीमत को बढ़ाकर 380 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है।
शुद्धता की गारंटी: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बढ़े हुए दामों के बावजूद पेड़े की गुणवत्ता और शुद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें लगातार दुकानों की औचक जांच कर रही हैं ताकि मिलावटखोरों पर शिकंजा कसा जा सके।
दुकानदारों और होटल संचालकों के लिए सख्त निर्देश
जिला प्रशासन ने मेला क्षेत्र में संचालित होने वाले सभी छोटे-बड़े भोजनालयों, होटलों, मिष्ठान्न दुकानों और पानी के स्टॉल संचालकों को कड़े निर्देश जारी किए हैं:
मूल्य सूची चस्पा करना अनिवार्य: हर दुकान के बाहर बड़े अक्षरों में रेट चार्ट चस्पा होना चाहिए, जिसमें फुल थाली, हाफ प्लेट और पेड़े के दाम स्पष्ट रूप से लिखे हों।
शिकायत निवारण तंत्र: यदि कोई दुकानदार निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत लाइसेंस रद्द करने और कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। इसके लिए मेला नियंत्रण कक्ष में एक विशेष शिकायत काउंटर भी बनाया गया है।
श्रावणी मेले के दौरान फुल थाली की कीमत 70 से बढ़कर 75 रुपये होना और पेड़े के दाम में आंशिक इजाफा भले ही महंगाई का अहसास कराता हो, लेकिन हाफ प्लेट व बच्चों की थाली की कीमतों को स्थिर रखना प्रशासन की एक संतुलित सोच को दर्शाता है। इन पारदर्शी व्यवस्थाओं और निर्धारित दरों के कारण इस वर्ष कांवरियों को उचित मूल्य पर शुद्ध भोजन और प्रसाद मिल सकेगा, जिससे उनकी यह पावन यात्रा और अधिक सुविधाजनक और सुगम बनेगी।