खान सर के कोचिंग सेंटर पर 'फायर रेड'! लगातार दूसरी बार पकड़ी गई बड़ी लापरवाही, अग्निशमन विभाग ने दिया सिर्फ 7 दिनों का अल्टीमेटम

 देश के सबसे चहेते और मशहूर शिक्षक खान सर (Khan Sir) की कोचिंग क्लास 'खान ग्लोबल स्टडीज' (KGS) एक बार फिर बड़े कानूनी पचड़े में फंस गई है। अपने अनूठे अंदाज और देसी स्टाइल से लाखों छात्रों का दिल जीतने वाले खान सर के पटना स्थित संस्थान पर अब प्रशासनिक गाज गिरने की नौबत आ गई है।

अग्निशमन विभाग (Fire Department) की हालिया जांच में खान सर के कोचिंग सेंटर पर लगातार दूसरी बार फायर सेफ्टी (आग से सुरक्षा) के नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया गया है। लगातार मिल रही लापरवाहियों से भड़के विभाग ने अब आर-पार का मूड बना लिया है और कोचिंग प्रबंधन को सिर्फ एक हफ्ते (7 दिन) की अंतिम मोहलत दी है। अगर समय रहते कमियां दूर नहीं हुईं, तो इस महा-संस्थान पर 'ताला' भी लटक सकता है!

 नो सेफ्टी, नो चांस: 'सुपरकॉप्स' की जांच में खुली पोल

पटना का मुसल्लहपुर हाट और नया टोला इलाका कोचिंग का 'गढ' माना जाता है, जहां खान सर की एक-एक क्लास में हजारों की भीड़ एक साथ बैठती है। दिल्ली के मुखर्जी नगर कोचिंग हादसे के बाद से प्रशासन वैसे ही हाई-अलर्ट पर है। ऐसे में जब अग्निशमन विभाग की टीम ने खान सर के सेंटर पर औचक छापा मारा, तो वहां की हकीकत देख अधिकारी दंग रह गए।

पहली चेतावनी को किया इग्नोर: विभाग ने कुछ समय पहले भी जांच कर खामियों की लिस्ट सौंपी थी और सुधार करने को कहा था।

दूसरी बार भी वही हाल: जब टीम दोबारा क्रॉस-चेक करने पहुंची, तो सुरक्षा के इंतजाम जस के तस मिले। न तो पर्याप्त फायर एनओसी (NOC) के कागजात दुरुस्त थे और न ही आपातकालीन निकास (Emergency Exit) के पुख्ता इंतजाम।

 'हजारों छात्रों की जान दांव पर'—आखिर कहां फंसा है पेंच?

खान सर की लोकप्रियता का आलम यह है कि उनके एक बैच में पैर रखने की जगह नहीं होती। इसी भीड़ को देखते हुए विभाग का सख्त होना लाजिमी है। जांच के मुताबिक, संस्थान में ये 4 बड़े खतरे मंडरा रहे हैं:

सिंगल एग्जिट का खतरा : इमरजेंसी की स्थिति में हजारों बच्चों के बाहर निकलने के लिए सिर्फ एक ही संकरा रास्ता है। खुदा-ना-खास्ता अगर कोई हादसा हुआ, तो भगदड़ मचना तय है।

शॉर्ट सर्किट का टाइम बम : हॉल में सैकड़ों लाइट्स, पंखे और बड़े-बड़े एसी (AC) चलते हैं, जिससे वायरिंग पर भारी लोड रहता है। इसके लिए तय मानकों के सेफ्टी गियर्स गायब मिले।

एक्सपायर्ड उपकरण : आग बुझाने वाले सिलेंडर या तो कम थे या फिर उनकी रीफिलिंग डेट खत्म हो चुकी थी।

 '7 डेज काउंटडाउन': सुधर जाओ, वरना हो जाएगा सील!

अग्निशमन विभाग ने साफ लफ्जों में कोचिंग के मालिकों को चेतावनी दे दी है कि कानून सबके लिए बराबर है, चाहे ब्रांड कितना भी बड़ा क्यों न हो।

विभाग का कड़ा रुख: > "छात्रों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खान ग्लोबल स्टडीज को 7 दिनों का फाइनल अल्टीमेटम दिया गया है। अगर इस एक हफ्ते के भीतर फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए और फायर एनओसी नहीं ली गई, तो संस्थान को पूरी तरह से सील (Seal) कर दिया जाएगा।"

 छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी धड़कनें

इस खबर के बाहर आते ही पटना में पढ़ रहे छात्रों और दूर-दराज के गांवों से उन्हें भेजने वाले पेरेंट्स की टेंशन बढ़ गई है।

पढ़ाई का नुकसान: छात्रों को डर सता रहा है कि अगर बीच सत्र में कोचिंग सील हो गई, तो उनके भविष्य और परीक्षा की तैयारियों का क्या होगा?

सुरक्षा सर्वोपरि: वहीं दूसरी तरफ, अभिभावकों का कहना है कि खान सर हमारे बच्चों के आदर्श हैं, उन्हें खुद आगे बढ़कर सबसे पहले बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।

 अब आगे क्या करेंगे खान सर?

इस विवाद से सम्मानपूर्वक बाहर निकलने के लिए 'खान ग्लोबल स्टडीज' के मैनेजमेंट को अब युद्ध स्तर पर काम करना होगा:

पूरे कैंपस में स्प्रिंकलर (Sprinklers) और स्मोक डिटेक्टर्स लगाने होंगे।

आपातकालीन स्थिति के लिए अतिरिक्त सीढ़ियों या रास्तों का इंतजाम करना होगा।

स्टाफ को फायर फाइटिंग की मॉक ड्रिल करानी होगी और विभाग से ग्रीन सिग्नल लेना होगा।

 खान सर हमेशा अपने वीडियोज में कानून और देशहित की बातें करते हैं, ऐसे में उनके अपने ही संस्थान में ऐसी लापरवाही उनके फैंस को थोड़ी निराश जरूर करती है। अब देखना यह है कि 'जीएस के किंग' कहे जाने वाले खान सर इस एक हफ्ते की मोहलत में प्रशासन को कैसे संतुष्ट करते हैं और अपने छात्रों को एक सुरक्षित माहौल दे पाते हैं या नहीं!