13 अगस्त को होगा फाइनल रिहर्सल, समारोह में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत नहीं होने पर संबंधित स्कूलों पर होगी कड़ी कार्रवाई
कहलगांव (संवाद सूत्र): आगामी 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को ऐतिहासिक, अनुशासनबद्ध और पूरी गरिमा के साथ मनाने के लिए प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं। इसी सिलसिले में भागलपुर जिले के कहलगांव अनुमंडल में प्रशासनिक सख्ती देखने को मिली है। स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) कृष्ण चंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि राष्ट्रीय पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने घोषणा की है कि आगामी 13 अगस्त को मुख्य समारोह स्थल पर फुल ड्रेस फाइनल रिहर्सल किया जाएगा, वहीं स्वतंत्रता दिवस के मुख्य कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का गायन अनिवार्य होगा। नियमों की अनदेखी करने या राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत का आयोजन नहीं करने वाले संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई (प्राथमिकी दर्ज) की जाएगी।
शारदा पाठशाला के मैदान में होगा मुख्य समारोह, तय हुआ झंडोत्तोलन का समय
समीक्षा बैठक के दौरान 15 अगस्त के मुख्य आयोजन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई और अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं:
मुख्य आयोजन स्थल: इस वर्ष कहलगांव का मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह ऐतिहासिक शारदा पाठशाला के खेल मैदान में आयोजित किया जाएगा।
ध्वजारोहण का समय: तय कार्यक्रम के अनुसार, मुख्य समारोह स्थल पर सुबह ठीक 9:30 बजे अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा झंडोत्तोलन किया जाएगा। इसके अलावा क्षेत्र के अन्य सरकारी, अर्धसरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी झंडोत्तोलन के समय और प्रोटोकॉल तय कर दिए गए हैं।
सांस्कृतिक और परेड कार्यक्रम: समारोह को आकर्षक बनाने के लिए स्थानीय स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, परेड और पीटी शो का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसके पूर्वाभ्यास (रिहर्सल) की मॉनिटरिंग प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जाएगी।
13 अगस्त को होगा फाइनल रिहर्सल: सुरक्षा और व्यवस्था की होगी परखा
मुख्य समारोह के सफल संचालन के लिए प्रशासन ने रिहर्सल की तारीख तय कर दी है:
फुल ड्रेस रिहर्सल: आगामी 13 अगस्त को मुख्य समारोह स्थल पर फाइनल रिहर्सल (Full Dress Rehearsal) आयोजित किया जाएगा। इसमें सभी भाग लेने वाले स्कूलों के छात्र-छात्राएं, स्काउट्स-गाइड्स और सुरक्षा बलों के जवान अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
कमियों को दूर करने का निर्देश: एसडीओ ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 13 अगस्त के रिहर्सल के दौरान ही सभी व्यवस्थाओं—जैसे मंच की सजावट, बैठने की व्यवस्था, लाउडस्पीकर, पेयजल और साफ-सफाई—की बारीकी से जांच कर ली जाए, ताकि 15 अगस्त के दिन किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर सख्त निर्देश: लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई
बैठक का सबसे कड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा स्कूलों में राष्ट्रीय प्रतीकों और गीतों के सम्मान से जुड़ा रहा:
गायनाें की अनिवार्यता: प्रशासन ने क्षेत्र के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी विद्यालयों को कड़ी हिदायत दी है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण के उपरांत राष्ट्रगान (जन गण मन) और राष्ट्रगीत (वंदे मातरम्) का सामूहिक गायन अनिवार्य रूप से कराया जाए।
प्राथमिकी और विधिसम्मत कार्रवाई की चेतावनी: एसडीओ कृष्ण चंद्र गुप्ता ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जिन विद्यालयों या संस्थानों में स्वतंत्रता दिवस के दिन राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत का आयोजन नहीं पाया जाएगा, उनके प्रबंधन को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे संस्थानों के विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। इस कड़े निर्देश से क्षेत्र के स्कूल प्रबंधकों और संचालकों में हड़कंप मच गया है।
सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात पर विशेष फोकस
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर शहर में कानून-व्यवस्था और यातायात नियंत्रण को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं:
याचतायात डायवर्जन: मुख्य समारोह के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पुलिस बल तैनात किए जाएंगे।
स्वच्छता अभियान: समारोह स्थल और उसके आसपास के रास्तों पर विशेष साफ-सफाई अभियान चलाने के लिए नगर प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं।
कहलगांव प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम यह स्पष्ट करता है कि राष्ट्रीय पर्वों की गरिमा, अनुशासन और नियमों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। 13 अगस्त के फाइनल रिहर्सल के जरिए जहां एक ओर सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा, वहीं राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत की अनिवार्यता संबंधी कड़े निर्देश ने शिक्षण संस्थानों को अपनी जिम्मेदारी के प्रति पूरी तरह सतर्क कर दिया है। यह पहल आने वाले दिनों में राष्ट्रीय पर्वों के दौरान अनुशासन और देशभक्ति की भावना को और अधिक मजबूत करने का काम करेगी।