सोशल मीडिया पर कट्टा लहराना पड़ा महंगा, फतुहा पुलिस ने रामएकबाल यादव को किया गिरफ्तार; हथियार बरामद, नेटवर्क की जांच तेज
पटना। बिहार की राजधानी पटना में सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में फतुहा थाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर देशी कट्टा लहराने वाले एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रामएकबाल यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक देशी कट्टा भी बरामद किया है। यह कार्रवाई शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार वायरल वीडियो सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया। वीडियो की जांच की गई और आरोपी की पहचान कर तत्काल गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया और उसके पास से अवैध हथियार बरामद कर लिया।
वायरल वीडियो से शुरू हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार शनिवार को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक युवक खुलेआम देशी कट्टा लहराते हुए दिखाई दे रहा था। वीडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई।
फतुहा थाना पुलिस ने वीडियो की सत्यता की जांच शुरू की और तकनीकी माध्यमों के साथ स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से आरोपी की पहचान रामएकबाल यादव के रूप में की। पहचान होने के बाद पुलिस टीम ने उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी।
आरोपी के पास से मिला देशी कट्टा
पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक देशी कट्टा बरामद किया गया। बरामद हथियार को जब्त कर लिया गया है और उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी के पास हथियार कहां से आया और क्या उसका संबंध किसी अवैध हथियार तस्कर या आपराधिक गिरोह से है।
हथियार के स्रोत की जांच
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ का मुख्य उद्देश्य हथियार की खरीद, सप्लाई चैन और उससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाना है।
यदि जांच में किसी संगठित गिरोह या अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी व्यापक कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन बना चिंता का विषय
हाल के वर्षों में सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ फोटो और वीडियो पोस्ट करने की घटनाएं बढ़ी हैं। पुलिस का मानना है कि इस तरह के वीडियो समाज में गलत संदेश देते हैं और युवाओं को भी प्रभावित कर सकते हैं।
इसी कारण बिहार पुलिस लगातार ऐसे मामलों पर निगरानी रख रही है। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल भी संदिग्ध पोस्ट और वायरल वीडियो पर नजर बनाए हुए है ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
कानून व्यवस्था से समझौता नहीं
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक रूप से हथियारों का प्रदर्शन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। चाहे वह वास्तविक हथियार हो या अवैध हथियार, ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया पर आपराधिक गतिविधियों का प्रचार करने वालों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
तकनीकी जांच भी जारी
जांच टीम वायरल वीडियो की तकनीकी जांच भी कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वीडियो कब बनाया गया, किस स्थान पर शूट किया गया और इसे सबसे पहले किस सोशल मीडिया अकाउंट से अपलोड किया गया।
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि वीडियो बनाने और वायरल करने में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
फतुहा पुलिस आरोपी रामएकबाल यादव के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि उसके खिलाफ पहले से कोई आपराधिक मामला दर्ज है या नहीं और उसका किन लोगों के साथ संपर्क रहा है।
पुलिस आसपास के थानों से भी जानकारी जुटा रही है ताकि आरोपी की गतिविधियों का पूरा रिकॉर्ड सामने आ सके।
आम लोगों से की गई अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि सोशल मीडिया पर कोई व्यक्ति अवैध हथियारों का प्रदर्शन करता हुआ दिखाई दे या किसी प्रकार की आपराधिक गतिविधि का वीडियो वायरल होता है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
अधिकारियों का कहना है कि आम नागरिकों के सहयोग से अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान जारी
बिहार पुलिस राज्यभर में अवैध हथियारों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चला रही है। समय-समय पर छापेमारी कर हथियारों की बरामदगी, तस्करों की गिरफ्तारी और आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए अपराध का महिमामंडन करने या हथियारों का प्रदर्शन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
जांच जारी, हो सकते हैं और खुलासे
रामएकबाल यादव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में अवैध हथियारों की सप्लाई और उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि कानून से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर की गई यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि बिहार पुलिस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी लगातार निगरानी रख रही है और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।