केदारनाथ हेलीकॉप्टर टिकट के नाम पर 72 हजार की साइबर ठगी, फर्जी टिकट भेजकर परिवार को बनाया शिकार; एफआईआर दर्ज
मुजफ्फरपुर: धार्मिक यात्राओं के बढ़ते चलन के साथ-साथ साइबर अपराधियों की सक्रियता भी लगातार बढ़ती जा रही है। अब ठग श्रद्धालुओं की आस्था को निशाना बनाकर ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से सामने आया है, जहां केदारनाथ यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर टिकट बुक कराने के नाम पर एक परिवार से 72 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली गई।
इतना ही नहीं, ठगों ने विश्वास जीतने और धोखाधड़ी को असली दिखाने के लिए पीड़ित परिवार को फर्जी हेलीकॉप्टर टिकट भी भेज दिए। जब परिवार को टिकटों की वास्तविकता का पता चला, तब तक साइबर अपराधी पैसे लेकर फरार हो चुके थे।
पीड़ित दीपक कुमार चौधरी, जो राम कृष्णा नगर, पोखरिया पीर के निवासी हैं, ने काजीमोहम्मदपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। शिकायत में तीन मोबाइल नंबर धारकों सहित अज्ञात साइबर अपराधियों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
धार्मिक यात्रा की तैयारी बनी ठगी का कारण
जानकारी के अनुसार, दीपक कुमार चौधरी अपने परिवार के साथ उत्तराखंड स्थित केदारनाथ धाम की यात्रा की योजना बना रहे थे। यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए उन्होंने हेलीकॉप्टर टिकट ऑनलाइन बुक कराने का निर्णय लिया।
इंटरनेट पर टिकट बुकिंग से संबंधित जानकारी खोजने के दौरान उनका संपर्क कथित टिकट एजेंटों से हुआ, जिन्होंने स्वयं को अधिकृत सेवा प्रदाता बताकर भरोसा दिलाया कि वे निश्चित तिथि पर हेलीकॉप्टर टिकट उपलब्ध करा देंगे।
72 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर
आरोप है कि कथित एजेंटों ने टिकट बुकिंग, पंजीकरण और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर चरणबद्ध तरीके से 72 हजार रुपये ऑनलाइन जमा करा लिए।
भुगतान के बाद पीड़ित को व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल माध्यमों से हेलीकॉप्टर टिकट भेजे गए, जिन्हें देखकर शुरुआत में सब कुछ सामान्य प्रतीत हुआ।
फर्जी टिकट भेजकर किया गुमराह
परिवार ने यात्रा की तैयारी शुरू कर दी, लेकिन बाद में टिकटों की जांच के दौरान उन्हें संदेह हुआ।
संबंधित स्रोतों से जानकारी लेने पर पता चला कि भेजे गए टिकट पूरी तरह फर्जी थे और किसी भी अधिकृत बुकिंग प्रणाली में उनका कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं था।
इसके बाद पीड़ित ने दोबारा कथित एजेंटों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनके मोबाइल फोन बंद मिले या किसी प्रकार का जवाब नहीं मिला।
पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
ठगी का एहसास होने के बाद दीपक कुमार चौधरी ने काजीमोहम्मदपुर थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
एफआईआर में तीन मोबाइल नंबरों का उल्लेख करते हुए अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर अपराध की विभिन्न धाराओं के तहत जांच शुरू कर दी है।
मोबाइल नंबर और बैंक खातों की होगी जांच
जांच अधिकारियों के अनुसार, शिकायत में दिए गए मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल भुगतान के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
साइबर सेल की सहायता से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि धनराशि किन खातों में गई और अपराधियों की लोकेशन कहां थी।
यदि आवश्यकता हुई तो बैंकिंग लेन-देन, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी।
साइबर अपराधियों का नया तरीका
विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक यात्राओं के मौसम में साइबर अपराधी नकली वेबसाइट, फर्जी सोशल मीडिया पेज और व्हाट्सएप नंबरों के माध्यम से श्रद्धालुओं को निशाना बना रहे हैं।
वे कम कीमत, तत्काल कन्फर्म टिकट और विशेष सुविधा का लालच देकर लोगों से ऑनलाइन भुगतान करवा लेते हैं।
इसके बाद फर्जी टिकट भेजकर संपर्क तोड़ देते हैं।
पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी धार्मिक यात्रा या हेलीकॉप्टर टिकट की बुकिंग केवल अधिकृत वेबसाइटों और सरकारी मान्यता प्राप्त पोर्टलों के माध्यम से ही करें।
किसी अनजान व्यक्ति, सोशल मीडिया लिंक या व्हाट्सएप नंबर पर भरोसा कर ऑनलाइन भुगतान करने से बचें।
यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें।
डिजिटल भुगतान से पहले करें जांच
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि ऑनलाइन भुगतान करने से पहले संबंधित वेबसाइट की प्रामाणिकता, ग्राहक समीक्षाएं और आधिकारिक संपर्क विवरण की जांच अवश्य करें।
बुकिंग की पुष्टि केवल आधिकारिक पोर्टल से ही करें और किसी भी परिस्थिति में बिना सत्यापन के बड़ी राशि ट्रांसफर न करें।
साइबर जागरूकता की बढ़ी आवश्यकता
बढ़ते डिजिटल लेन-देन के दौर में साइबर जागरूकता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर ऐसी अधिकांश ऑनलाइन ठगी से बचा जा सकता है।
सरकारी एजेंसियां भी समय-समय पर लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की सलाह देती रहती हैं।
मुजफ्फरपुर के काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र में केदारनाथ यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर टिकट बुक कराने के नाम पर 72 हजार रुपये की साइबर ठगी का मामला ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे को उजागर करता है। फर्जी टिकट भेजकर श्रद्धालुओं को ठगने वाले अपराधियों की तलाश पुलिस ने शुरू कर दी है। शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की जांच की जा रही है। यह घटना एक बार फिर लोगों को सावधानी बरतने और केवल अधिकृत माध्यमों से ही ऑनलाइन बुकिंग करने की आवश्यकता की याद दिलाती है।