बरहद गांव में ताजिया देखने जा रहे परिवार पर जानलेवा हमला!
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां थाना क्षेत्र के बरहद गांव से एक बेहद ही संवेदनहीन और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। गुरुवार की शाम जहां एक तरफ इलाके में त्योहार का माहौल था और लोग ताजिया देखने की तैयारी में थे, वहीं दूसरी तरफ आपसी रंजिश या पूर्व नियोजित साजिश के तहत एक ही परिवार के लोगों पर जानलेवा हमला बोल दिया गया।
इस हिंसक झड़प में दो महिलाओं समेत एक ही परिवार के चार लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत नजदीकी बोचहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस मामले में पीड़ित पक्ष की महिला ने हिम्मत दिखाते हुए बोचहां थाने में गांव के ही सात नामजद आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
कैसे हुई वारदात? रास्ते में घेरकर बरसाईं लाठियां
स्थानीय सूत्रों और थाने में दी गई प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, घटना गुरुवार शाम की है। बरहद गांव का रहने वाला एक परिवार शाम के समय अपने घर से पास में ही निकलने वाले ताजिया जुलूस और मेले की रौनक देखने के लिए निकला था। परिवार अभी गांव के रास्ते पर कुछ ही दूर आगे बढ़ा था कि अचानक पहले से घात लगाए बैठे दबंगों ने उन्हें घेर लिया।
अचानक हमला: बिना किसी चेतावनी के आरोपियों ने परिवार पर लाठी, डंडे, लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से हमला बोल दिया।
महिलाओं को भी नहीं बख्शा: जब परिवार की महिलाओं ने अपने पुरुषों को बचाने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उन पर भी बेरहमी से वार किया।
मचा हाहाकार: शाम के अंधेरे में चीख-पुकार सुनकर जब तक आसपास के ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे, तब तक हमलावर पीड़ित परिवार को लहुलूहान कर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो चुके थे।
अस्पताल में मची चीख-पुकार, घायलों की हालत गंभीर
घटना के तुरंत बाद खून से लथपथ चारों घायलों को ग्रामीणों और परिजनों के सहयोग से बोचहां अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए सभी का प्राथमिक उपचार शुरू किया।
घायलों की सूची और स्थिति:
महिला मरीज (1): सिर पर गहरे जख्म और अत्यधिक खून बहने की शिकायत।
महिला मरीज (2): हाथ और पीठ पर लाठियों के गंभीर निशान, अंदरूनी चोटें।
पुरुष मरीज (1): धारदार हथियार के वार से शरीर पर कई जगह कटने के निशान।
पुरुष मरीज (2): लाठी-डंडे की मार से पैर में फ्रैक्चर की आशंका।
अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, सभी घायलों को निगरानी में रखा गया है। दो की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए मुजफ्फरपुर के SKMCH (मेडिकल कॉलेज) रेफर करने पर विचार किया जा रहा है।
थाने पहुंची पीड़िता: 7 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज
अस्पताल में प्राथमिक उपचार मिलने के बाद, पीड़ित परिवार की एक महिला ने हौसला दिखाया और सीधे बोचहां थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई। पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने लिखित आवेदन में गांव के ही सात लोगों को मुख्य आरोपी बनाया है।
शिकायत के मुख्य बिंदु:
पूर्व नियोजित हमला: आवेदन में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों से उनका पुराना विवाद चल रहा था, जिसका बदला लेने के लिए उन्होंने त्योहार के दिन को चुना जब परिवार के लोग निहत्थे बाहर निकलेंगे।
लूटपाट का भी आरोप: पीड़िता ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान महिलाओं के गले से सोने की चेन और कान के झुमके भी झपट लिए गए।
जान से मारने की धमकी: आरोपियों ने जाते-जाते धमकी दी कि अगर पुलिस के पास गए तो पूरे परिवार को जान से मार देंगे।
एक नज़र में: बरहद गांव की वारदात
| विवरण | मुख्य तथ्य |
|---|---|
| घटनास्थल | बरहद गांव, बोचहां (मुजफ्फरपुर) |
| समय | गुरुवार शाम (ताजिया जुलूस के दौरान) |
| कुल घायल | 4 लोग (2 महिलाएं, 2 पुरुष) |
| प्राथमिक उपचार | बोचहां सामुदायिक अस्पताल |
| आरोपियों की संख्या | 7 नामजद (लिखित शिकायत दर्ज) |
पुलिस एक्शन मोड में: छावनी में बदला गांव
त्योहार के मौके पर दो पक्षों के बीच हुई इस हिंसक घटना के बाद बोचहां थाना पुलिस तुरंत हरकत में आ गई है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में तनाव न फैले, इसके लिए पुलिस बल ने बरहद गांव में गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ा दी है।
बोचहां थाना प्रभारी का बयान:
"पीड़िता की ओर से सात लोगों के खिलाफ आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केस दर्ज कर लिया है। घटनास्थल का मुआयना किया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। किसी को भी कानून हाथ में लेने और शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।"
ग्रामीणों में आक्रोश, शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील
इस कायरतापूर्ण हमले के बाद बरहद गांव के आम नागरिकों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि त्योहार के पवित्र मौके पर इस तरह की हिंसक वारदात समाज को शर्मसार करने वाली है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल जाना और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि 24 घंटे के भीतर सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। पुलिस ने स्थानीय लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
मुजफ्फरपुर के बोचहां में हुई यह घटना साफ करती है कि आपसी रंजिश के कारण लोग त्योहारों के उल्लास को भी बट्टा लगाने से नहीं चूकते। अब देखना यह है कि बोचहां पुलिस कितनी जल्दी इन सात नामजद आरोपियों को दबोचकर सलाखों के पीछे पहुंचाती है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।