वन विभाग द्वारा एक हजार फलदार और छायादार पौधों का भव्य वृक्षारोपण; अमरूद, कटहल और आंवला जैसी प्रजातियों से हरा-भरा हुआ परिसर

बिहार के पूर्णिया जिले के अंतर्गत गढ़बनैली क्षेत्र से पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के संबंध में एक बेहद सराहनीय और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। पर्यावरण संतुलन और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर समस्याओं से निपटने के लिए वृक्षारोपण ही सबसे बड़ा और कारगर उपाय है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए गढ़बनैली के प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान मोदो साह महिला उच्च माध्यमिक विद्यालय के परिसर में वन विभाग (Forest Department) के सहयोग से एक विशाल वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान के तहत शुक्रवार को विद्यालय परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में कुल एक हजार (1000) पौधों का रोपण किया गया। इस महाअभियान में मुख्य रूप से पर्यावरण की दृष्टि से उपयोगी और फलदार पौधे जैसे अमरूद, कटहल, आंवला आदि विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इस आयोजन के दौरान वन विभाग के अधिकारियों, विद्यालय के शिक्षकों और छात्राओं ने भारी उत्साह के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि लगाए गए इन पौधों का संरक्षण करना हम सबका नैतिक कर्तव्य है ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक शुद्ध और स्वस्थ पर्यावरण मिल सके।

वृक्षारोपण अभियान की रूपरेखा और उसका महत्व

आज के आधुनिक युग में अंधाधुंध वनों की कटाई और कंक्रीट के जंगलों के विस्तार के कारण हमारी धरती का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) असंतुलित होता जा रहा है। ऐसे समय में स्कूलों और कॉलेजों जैसे शैक्षणिक संस्थानों में वृक्षारोपण करना न केवल पर्यावरण को बचाता है, बल्कि युवा पीढ़ी में प्रकृति के प्रति प्रेम और संवेदनशीलता भी पैदा करता है।

एक हजार पौधों का वृहद रोपण: मोदो साह महिला उच्च माध्यमिक विद्यालय के विशाल परिसर में वन विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से गड्ढे खुदवाकर एक हजार पौधे लगवाए। यह संख्या इस बात का प्रमाण है कि इस अभियान को केवल औपचारिकता के रूप में नहीं, बल्कि एक बड़े जन-आंदोलन के रूप में चलाया गया है।

फलदार और छायादार पौधों का चयन: इस अभियान के तहत जिन पौधों का चयन किया गया, वे पर्यावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ भविष्य में स्थानीय लोगों और पक्षियों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होंगे। अमरूद, कटहल और आंवला जैसे पौधे न सिर्फ प्राणवायु (ऑक्सीजन) प्रदान करेंगे, बल्कि इनकी हरियाली विद्यालय की सुंदरता में भी चार चांद लगाएंगी।

कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण और अधिकारियों के विचार

इस वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और विद्यालय के प्रधानाचार्य की उपस्थिति में किया गया।

अधिकारियों का संदेश: कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वन विभाग के अधिकारियों ने मीडिया और छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि पेड़-पौधे हमारे जीवन के सच्चे आधार हैं। उन्होंने बताया कि केवल पौधे लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनके बड़े होने तक उनकी देखभाल करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अधिकारियों ने छात्राओं से अपील की कि वे अपने-अपने हिस्से का एक पौधा गोद लें और उसकी नियमित देखभाल करें।

छात्राओं और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी: इस अभियान में विद्यालय की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। छात्राओं ने अपने हाथों से मिट्टी में पौधे रोपे और संकल्प लिया कि वे इन पौधों की रक्षा अपने बच्चों की तरह करेंगी। शिक्षकों ने भी इस कार्य में पूरा सहयोग दिया और बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ाया।

भविष्य की उम्मीदें और पर्यावरण के प्रति जागरूकता

मोदो साह महिला उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित यह एक हजार पौधों का वृक्षारोपण अभियान क्षेत्र के लिए एक मिसाल बन गया है।

हरियाली से संवरता विद्यालय परिसर: कुछ ही वर्षों में जब ये पौधे बड़े होकर वृक्ष का रूप लेंगे, तो पूरा विद्यालय परिसर ठंडी छांव और मीठे फलों से महक उठेगा। इससे छात्राओं को पढ़ने के लिए एक शांत और अनुकूल प्राकृतिक वातावरण मिलेगा।

समाज के लिए प्रेरणा: इस प्रकार के अभियान समाज के अन्य संस्थानों और नागरिकों को भी प्रेरित करते हैं कि वे अपने आसपास अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और धरती को हरा-भरा बनाएं।