अकादमिक जगत में नई जिम्मेदारी: डॉ. शबनम कुमारी बनीं ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की NSS कार्यक्रम समन्वयक-II
दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU), दरभंगा के प्रशासनिक और शैक्षणिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत, राजनीति विज्ञान की प्रखर शिक्षाविद् डॉ. शबनम कुमारी को राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का 'कार्यक्रम समन्वयक-II' (Program Coordinator-II) नियुक्त किया गया है। उनकी इस नियुक्ति ने न केवल विश्वविद्यालय प्रशासन में बल्कि पूरे मिथिलांचल के शैक्षणिक गलियारों में उत्साह का संचार किया है।
नई जिम्मेदारी का सफर
डॉ. शबनम कुमारी इससे पूर्व समस्तीपुर स्थित बीआरबी कॉलेज (BRB College) में एनएसएस पदाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थीं। वहां उन्होंने एनएसएस के माध्यम से समाज सेवा, ग्रामीण विकास और छात्र सहभागिता के क्षेत्र में प्रशंसनीय कार्य किए। उनकी कार्यशैली और समर्पण को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
वर्तमान में डॉ. शबनम कुमारी एमआरएम कॉलेज (MRM College) के राजनीति विज्ञान विभाग में अपनी सेवाएं दे रही हैं। राजनीति विज्ञान की गहरी समझ और सामाजिक सरोकारों से उनका जुड़ाव, एनएसएस जैसी महत्वपूर्ण विंग के लिए उन्हें एक आदर्श विकल्प बनाता है।
NSS: समाज सेवा और युवा शक्ति का संगम
राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का मूल मंत्र ही है—'स्वयं से पहले सेवा' (Not Me But You)। एक समन्वयक के रूप में, डॉ. शबनम कुमारी का कार्य केवल प्रशासनिक नहीं होगा, बल्कि उन्हें विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न कॉलेजों में एनएसएस इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित करना होगा।
उनकी नियुक्ति पर विश्वविद्यालय के कुलपति और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में एनएसएस की गतिविधियां अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी होंगी।
डॉ. शबनम कुमारी का विजन
अपनी नियुक्ति के बाद एक संक्षिप्त साक्षात्कार में डॉ. शबनम कुमारी ने कहा:
"एनएसएस केवल एक औपचारिक संगठन नहीं है, बल्कि यह युवाओं को देश के प्रति जिम्मेदार बनाने का एक माध्यम है। मेरी प्राथमिकता होगी कि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को समाज सेवा के उन कार्यों से जोड़ा जाए जो उनके व्यक्तित्व निर्माण के साथ-साथ समुदाय के उत्थान में भी सहायक हों।"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य जागरूकता, और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेंगी।
एमआरएम कॉलेज से विश्वविद्यालय स्तर तक का सफर
राजनीति विज्ञान के क्षेत्र में डॉ. शबनम कुमारी का एक विशिष्ट स्थान है। एमआरएम कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग में उन्होंने छात्रों को न केवल किताबी ज्ञान दिया, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक भी किया है। कॉलेज स्तर से विश्वविद्यालय स्तर पर उनकी यह पदोन्नति इस बात का प्रमाण है कि लगनशील शिक्षकों को प्रशासन द्वारा उचित सम्मान मिल रहा है।
छात्रों और शिक्षकों में हर्ष
उनकी नियुक्ति की खबर मिलते ही समस्तीपुर के बीआरबी कॉलेज और दरभंगा के एमआरएम कॉलेज के छात्र-छात्राओं में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके पूर्व छात्रों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि डॉ. मैडम का मार्गदर्शन छात्रों को हमेशा नई प्रेरणा देता है। वहीं, सहकर्मी शिक्षकों ने भी उनकी नियुक्ति को एक योग्य निर्णय बताया है।
भविष्य की चुनौतियाँ और संभावनाएं
एक समन्वयक-II के रूप में, डॉ. शबनम कुमारी के सामने कई चुनौतियां होंगी:
सक्रियता बढ़ाना: सभी संबद्ध कॉलेजों में एनएसएस की इकाइयों को सक्रिय करना और उनमें नियमित कार्यक्रम आयोजित करना।
स्वयंसेवकों का विकास: छात्रों को प्रशिक्षण देकर उनमें नेतृत्व क्षमता का विकास करना।
सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन: केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों को जनता तक पहुँचाना।
डॉ. शबनम कुमारी की यह नियुक्ति बिहार के उच्च शिक्षा तंत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का एक और प्रमाण है। उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय का एनएसएस विभाग नई ऊंचाइयों को छुएगा और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगा।