डीएम और एसएसपी ने किया गंगा घाटों का संयुक्त निरीक्षण, तैयारियों को अंतिम रूप देने के दिए निर्देश
भागलपुर: आगामी त्योहारों और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। सोमवार को जिला पदाधिकारी (डीएम) और वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने जिले के विभिन्न गंगा घाटों का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने घाटों की सुरक्षा व्यवस्था, सफाई, बैरिकेडिंग और आवागमन के रास्तों का बारीकी से जायजा लिया।
सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों का जायजा
निरीक्षण के दौरान डीएम और एसएसपी ने मुख्य रूप से सीढ़ी घाट, बरारी घाट और आसपास के अन्य प्रमुख घाटों का दौरा किया। बैठक के दौरान यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि गंगा में स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। अधिकारियों ने विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया:
बैरिकेडिंग: गहरे पानी वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां बांस की मजबूत बैरिकेडिंग करने का निर्देश दिया गया, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित दायरे से आगे न बढ़ें।
प्रकाश की व्यवस्था: घाटों के आसपास पर्याप्त रोशनी के लिए हाई-मास्ट लाइट और अतिरिक्त स्ट्रीट लाइटें लगाने के आदेश दिए गए हैं, ताकि अंधेरा होने पर भी दृश्यता बनी रहे।
गोताखोरों की तैनाती: संभावित आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कुशल गोताखोरों और एनडीआरएफ की टीम को संवेदनशील घाटों पर तैनात रहने का निर्देश दिया गया है।
स्वच्छता और जन-सुविधा पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्थानीय नगर निगम के अधिकारियों को घाटों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि घाटों की सीढ़ियों और तटों पर जमा सिल्ट (मिट्टी) को जल्द से जल्द हटाया जाए ताकि फिसलन न हो। इसके अलावा, घाटों तक पहुँचने वाले रास्तों की मरम्मत और वहां से अतिक्रमण हटाने के भी कड़े निर्देश दिए गए हैं।
एसएसपी ने यातायात प्रबंधन के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि त्योहार के दौरान घाटों की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। इसके लिए ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाएगा, ताकि एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता हमेशा साफ रहे। पुलिस बल की तैनाती का खाका भी तैयार कर लिया गया है, जिसमें महिला पुलिस बल की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
आम जनता से सहयोग की अपील
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए वरीय अधिकारियों ने आम जनता से अपील की कि वे जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य हर श्रद्धालु की सुरक्षा है। लोगों को उन क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए जिन्हें खतरनाक घोषित किया गया है।"
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि घाटों पर नियंत्रण कक्ष (Control Room) बनाए जाएंगे, जहाँ से पूरे क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जाएगी। साथ ही, चिकित्सा शिविरों की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की शारीरिक परेशानी होने पर तुरंत सहायता उपलब्ध हो सके।
बैठक के अंत में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को एक डेडलाइन दी गई है। डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां पाई गई हैं, उन्हें 48 घंटों के भीतर दुरुस्त कर लिया जाए। प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है कि श्रद्धालुओं की आस्था का यह महापर्व बिना किसी अनहोनी के संपन्न हो।