न्यू दरभंगा रेलवे स्टेशन से वासुदेवपुर जाने वाली जर्जर सड़क की हुई मरम्मत: ग्रामीणों को मिली आंशिक राहत, लेकिन पक्कीकरण की मांग को लेकर स्थानीय लोगों में अब भी बरकरार है असंतोष
दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले के विकास और बुनियादी ढांचागत सुधारों की कड़ी में एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। न्यू दरभंगा रेलवे स्टेशन से वासुदेवपुर (Vasudevpur) की ओर जाने वाली ग्रामीण कार्य विभाग की सड़क, जो पिछले काफी लंबे समय से अत्यंत जर्जर और बदहाल अवस्था में थी, उसकी आखिरकार मरम्मत कर दी गई है। इस सड़क के सुधरने से दैनिक यात्रियों और स्थानीय निवासियों को आवागमन में कुछ हद तक राहत जरूर मिली है, लेकिन क्षेत्र के लोगों की मूल मांग अभी भी पूरी नहीं हुई है। ग्रामीण और स्थानीय यात्री इस सड़क के केवल पैच वर्क या आंशिक मरम्मत से संतुष्ट नहीं हैं, बल्कि वे लंबे समय से इस मार्ग के स्थायी पक्कीकरण और उच्चस्तरीय कालीकरण (Metalling and Carpeting) की पुरजोर मांग कर रहे हैं। खराब और टूटी-फूट सड़कों के कारण वर्षों से झेलनी पड़ रही परेशानियों के चलते लोगों का गुस्सा और चिंताएं अभी पूरी तरह शांत नहीं हुई हैं।
सड़क की जर्जर स्थिति: क्यों थी मरम्मत की सख्त जरूरत?
न्यू दरभंगा रेलवे स्टेशन क्षेत्र और वासुदेवपुर को जोड़ने वाली यह सड़क ग्रामीण अर्थव्यवस्था और शहरी आवाजाही दोनों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मार्ग मानी जाती है।
लंबे समय से बदहाल थी सड़क: पिछले कई वर्षों से उचित रखरखाव के अभाव में इस सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके थे। बारिश के दिनों में इन गड्ढों में जलभराव हो जाने के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए इस पर चलना किसी खतरे से खाली नहीं रहता था। कई बार तो वाहन दुर्घटनाएं भी आम बात हो चुकी थीं।
आवागमन में भारी कठिनाई: सड़क के जर्जर होने के कारण न्यू दरभंगा रेलवे स्टेशन आने वाले यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ती थी। ऑटो और टोटो चालक भी इस रास्ते पर जाने से कतराते थे, जिससे आपातकालीन स्थिति में लोगों को अस्पताल या अन्य स्थानों पर पहुंचने में भारी विलंब का सामना करना पड़ता था।
ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा मरम्मत कार्य और जनता की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों की शिकायतों और मीडिया में खबरें आने के बाद ग्रामीण कार्य विभाग ने इस मार्ग पर संज्ञान लिया और सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू करवाया।
गड्डों को भरने का कार्य: विभाग द्वारा सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों को भरकर इसे फिलहाल चलने योग्य बनाया गया है, जिससे आवागमन में तुरंत आ रही रुकावटें कुछ हद तक दूर हुई हैं।
असंतोष और पक्कीकरण की जिद: हालांकि सड़क की मरम्मत होने से तात्कालिक राहत तो मिली है, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों और बुद्धिजीवियों का कहना है कि यह मरम्मतीकरण केवल एक खानापूर्ति है। कुछ ही महीनों की बारिश या भारी वाहनों के आवागमन के बाद यह सड़क फिर से अपनी पुरानी जर्जर स्थिति में लौट आएगी। यही कारण है कि ग्रामीण इस सड़क के स्थायी समाधान के रूप में इसके पूर्ण पक्कीकरण (Pucca Road Construction) की मांग पर अड़े हुए हैं।
स्थानीय निवासियों और यात्रियों की प्रमुख मांगें
सड़क मरम्मत के बाद भी क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष अपनी निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं:
स्थायी पक्की सड़क का निर्माण: सरकार और ग्रामीण कार्य विभाग इस सड़क को केवल गिट्टी और मिट्टी से दुरुस्त करने के बजाय इसे मजबूत आरसीसी या उच्च कोटि की पिच सड़क (Blacktopped Road) में तब्दील करे।
निकासी और नाला निर्माण: सड़क के दोनों किनारों पर पानी की उचित निकासी के लिए नालों का निर्माण कराया जाए, ताकि जलभराव के कारण सड़क को नुकसान न पहुंचे।
गुणवत्ता की निगरानी: सड़क निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय नागरिकों और इंजीनियरों द्वारा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की कड़ी निगरानी की जाए ताकि लंबे समय तक सड़क टिकाऊ बनी रहे।
न्यू दरभंगा रेलवे स्टेशन से वासुदेवपुर जाने वाली सड़क की मरम्मत होना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन यह स्थानीय जनता की उम्मीदों और समस्याओं का पूर्ण समाधान नहीं है। जब तक इस मार्ग का पक्कीकरण नहीं होता, तब तक क्षेत्र के लोगों को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम यातायात की सुविधा मिलने की संभावना कम ही है। स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण कार्य विभाग को चाहिए कि वे जनता की इस न्यायसंगत मांग को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द इस महत्वपूर्ण मार्ग के पक्कीकरण के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान करें, ताकि दरभंगा के इस क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।