रूपौली के बसंतपुर पंचायत में भीषण अग्निकांड: शनिवार रात आग लगने से एक परिवार का पूरा घर जलकर राख, इलाके में मचा हड़कंप
बिहार के पूर्णिया जिले के रूपौली प्रखंड के अंतर्गत आने वाली बसंतपुर पंचायत से एक बेहद दर्दनाक और मर्मस्पर्शी घटना सामने आई है। शनिवार की देर रात अचानक एक परिवार के घर में भीषण आग लग गई, जिसने पल भर में विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते आग की इन लपटों ने पूरे आशियाने को अपनी चपेट में ले लिया और देखते-देखते पूरा घर जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गया। इस अचानक हुई दुर्घटना से पूरे गाँव में हड़कंप मच गया और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। इस भीषण अग्निकांड में परिवार की गृहस्थी का सारा सामान जल गया, जिससे पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आने को मजबूर हो गया है।
क्या है पूरा मामला? (शनिवार रात की भयावह रात)
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार की रात उस वक्त हुई जब पूरा बसंतपुर गाँव गहरी नींद में सो रहा था। अचानक पीड़ित परिवार के घर से तेज रोशनी और धुएँ का गुबार उठने लगा।
आग का तेजी से फैलना: जब तक परिवार के सदस्य और आसपास के लोग कुछ समझ पाते, तब तक आग की लपटें इतनी तेज हो चुकी थीं कि उन्होंने पूरे घर को अपने आगोश में ले लिया। हवा तेज होने के कारण आग ने पलक झपकते ही भयानक रूप ले लिया।
सब कुछ जलकर स्वाहा: इस अचानक लगी आग के कारण घर के अंदर रखे गए अनाज, कपड़े, नकदी, जेवरात और अन्य घरेलू उपयोग का सारा सामान जलकर खाक हो गया। परिवार का कोई भी सदस्य घर से एक सुई तक बाहर नहीं निकाल सका, क्योंकि आग इतनी तेजी से फैली थी कि जान बचाकर भागना ही एकमात्र विकल्प बचा था।
ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत और बेबस कोशिशें
घटना की भनक लगते ही बसंतपुर गाँव के लोग अपनी-अपनी नींद छोड़कर मौके की तरफ दौड़े।
बुझाने का प्रयास: स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह किए बिना बाल्टी, मोटर और अन्य उपलब्ध संसाधनों से पानी डालकर आग बुझाने का पुरजोर प्रयास किया।
अग्निशमन विभाग की विफलता/देरी: ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना दमकल विभाग (Fire Department) को दी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जब तक दमकल की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचतीं, तब तक घर की दीवारें और छत छोड़कर बाकी सब कुछ जलकर राख हो चुका था। ग्रामीणों की यह कोशिश जरूर सराहनीय थी कि उन्होंने आग को आसपास के अन्य घरों तक फैलने से रोक लिया, जिससे एक बड़ा इलाका जलने से बच गया।
पीड़ित परिवार की दयनीय स्थिति और प्रशासनिक मदद की आस
इस भीषण अग्निकांड के बाद पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
खुले आसमान के नीचे जीवन: सिर पर छत का साया छिन जाने के बाद अब यह परिवार पूरी तरह बेसहारा हो चुका है। खाने के लिए अनाज और पहनने के लिए कपड़े तक नहीं बचे हैं।
प्रशासन से गुहार: स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन तथा रूपौली अंचल कार्यालय से मांग की है कि इस गरीब पीड़ित परिवार को तत्काल राहत सामग्री, पॉलीथिन शीट (त्रिपाल) और सरकारी मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि वे इस आपदा की घड़ी में अपना जीवन-यापन शुरू कर सकें।
रूपौली के बसंतपुर पंचायत में शनिवार रात हुई इस अग्निकांड की घटना ने एक बार फिर से ग्रामीण इलाकों में आग लगने से होने वाले नुकसान की विभीषिका को सामने ला दिया है। गनीमत यह रही कि समय रहते लोग बाहर निकल आए, जिससे किसी बड़े जान का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन पीड़ित परिवार का सब कुछ लुट गया। प्रशासन को चाहिए कि त्वरित संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था करे, ताकि वे इस बड़े संकट से उबर सकें।