डेहरी ईओ विमल कुमार हत्याकांड: तेजस्वी यादव ने की सीबीआई जांच की मांग, विधायक की गिरफ्तारी पर उठाए तीखे सवाल
बिहार के रोहतास जिले के डेहरी में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार की सनसनीखेज हत्या मामले ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस हाई-प्रोफाइल और सनसनीखेज हत्याकांड को लेकर अब विपक्षी दल हमलावर हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की जोरदार मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए पूछा है कि इस मामले में नामजद विधायक को अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है? तेजस्वी यादव ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय नहीं मिला, तो एक बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला और हत्या की पृष्ठभूमि?
रोहतास जिले के डेहरी-डल्होनगर परिषद में तैनात कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार की हत्या से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया था। प्रशासनिक महकमे में ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों में शुमार विमल कुमार की हत्या के बाद से राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक बार फिर बड़े सवालिया निशान लग गए हैं।
आरोप है कि आधिकारिक कार्यों और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के कारण उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं।
इस घटना के सामने आने के बाद से ही प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों में भारी रोष देखा जा रहा है, वहीं विपक्षी दल भी इस मुद्दे को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
तेजस्वी यादव का तीखा हमला: "विधायक की गिरफ्तारी क्यों नहीं?"
बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर आक्रामक रुख अपनाते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीधे तौर पर सत्ता पक्ष को घेरा है। उन्होंने एक तीखे बयान में कहा कि राज्य में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब ईमानदार प्रशासनिक अधिकारी भी सुरक्षित नहीं हैं।
गिरफ्तारी पर सवाल: तेजस्वी यादव ने मुख्य रूप से यह सवाल उठाया कि इस गंभीर हत्याकांड में नामजद आरोपी विधायक को अभी तक पुलिस ने गिरफ्तार क्यों नहीं किया है? उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक रसूख और सत्ता के दबाव के कारण पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है।
कानून व्यवस्था पर चोट: उन्होंने कहा कि बिहार में जंगलराज का दावा करने वाले लोग आज खुद अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं, जिसके कारण राज्य में कानून का इकबाल पूरी तरह समाप्त हो चुका है।
सीबीआई (CBI) जांच की मांग और आंदोलन की चेतावनी
राज्य पुलिस और स्थानीय प्रशासन की जांच पर अविश्वास जताते हुए तेजस्वी यादव ने मांग की है कि इस पूरे मामले की सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए।
सीबीआई जांच: उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मामले की लीपापोती को रोकने और निष्पक्ष तह तक जाने के लिए इस हत्याकांड की जांच तुरंत CBI को सौंपी जानी चाहिए।
आंदोलन की हुंकार: तेजस्वी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मृत अधिकारी के परिवार को न्याय नहीं मिला और नामजद रसूखदार लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो उनकी पार्टी और जनता सड़क पर उतरकर एक उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
राजनीतिक सरगर्मी और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
इस हत्याकांड के बाद बिहार की सियासत पूरी तरह सुलग उठी है। एक तरफ जहां अधिकारी संगठन और विपक्ष सरकार पर हमलावर हैं, वहीं सत्ता पक्ष की ओर से भी लगातार बयान सामने आ रहे हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, जनता और विपक्षी दलों के बढ़ते दबाव के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस मामले में आगे क्या ठोस कदम उठाती है और क्या वाकई जांच सीबीआई को सौंपी जाती है या नहीं।