मारवाड़ी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर अचानक पहुंचे परीक्षा नियंत्रक; विवि के उड़नदस्ता दल ने की सख्ती से जांच, कॉलेज प्रशासन ने भेजी अपनी रिपोर्ट

भागलपुर, विशेष संवाददाता: सिल्क सिटी भागलपुर के अंतर्गत आने वाले प्रमुख शिक्षण संस्थानों में शुमार मारवाड़ी कॉलेज (Marwari College) परीक्षा केंद्र इन दिनों विश्वविद्यालय परीक्षाओं के सुचारू संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खासी सुर्खियों में है। परीक्षा की शुचिता (Sainctity of Examination) और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी क्रम में, परीक्षा की कमान संभाल रहे विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने अचानक मारवाड़ी कॉलेज परीक्षा केंद्र का औचक निरीक्षण किया। परीक्षा हॉल से लेकर स्ट्रांग रूम तक की गई इस सघन जांच के बाद, कॉलेज प्रशासन ने भी परीक्षा संचालन से जुड़ी अपनी विस्तृत रिपोर्ट विश्वविद्यालय को भेज दी है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

औचक निरीक्षण: परीक्षा नियंत्रक के पहुँचते ही मचा हड़कंप

विश्वविद्यालय परीक्षाओं में नकल, कदाचार या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने बिना किसी पूर्व सूचना के मारवाड़ी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर धावा बोला।

सघन तलाशी और हॉल निरीक्षण: परीक्षा नियंत्रक सीधे परीक्षा कक्षों के भीतर दाखिल हुए और परीक्षार्थियों की कतारों के बीच जाकर उनकी उत्तर पुस्तिकाओं और एडमिट कार्ड का मिलान किया। उन्होंने परीक्षा कक्ष में तैनात वीक्षकों (Invigilators) को भी पूरी सख्ती बरतने और किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने के कड़े निर्देश दिए।

गंभीरता से ली गई व्यवस्थाएं: परीक्षा केंद्र पर पेयजल, रोशनी, बेंच-डेस्क और कमरों की वेंटिलेशन व्यवस्था का जायजा लेने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया गया कि प्रश्न पत्र समय पर खुले हैं या नहीं और कॉपियों के बंडल सुरक्षित सील हुए हैं या नहीं।

कड़े सुरक्षा इंतजाम और कदाचार मुक्त परीक्षा का संकल्प

बिहार के विश्वविद्यालयों में परीक्षाओं को पूरी तरह से कदाचार मुक्त (Malpractice-free) और पारदर्शी बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बन चुकी है। मारवाड़ी कॉलेज केंद्र पर भी इसी नीति का कड़ाई से पालन किया जा रहा है:

सीसीटीवी कैमरों की पैनी नजर: कॉलेज के प्रत्येक परीक्षा कक्ष में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के जरिए परीक्षा की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। नियंत्रण कक्ष में बैठकर विवि और कॉलेज के अधिकारी हर एक गतिविधि पर अपनी नजर बनाए हुए हैं।

प्रवेश द्वार पर सघन जांच (Frisking): परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर ही परीक्षार्थियों की कड़ी शारीरिक तलाशी (Frisking) ली जा रही है। किसी भी छात्र को इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, मोबाइल फोन या किसी भी प्रकार की पठन-पाठन सामग्री (चीट-पुर्जे) के साथ परीक्षा हॉल के अंदर जाने की अनुमति नहीं है।

कॉलेज प्रशासन ने विश्वविद्यालय को भेजी विस्तृत रिपोर्ट

औचक निरीक्षण के उपरांत और परीक्षा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करते हुए मारवाड़ी कॉलेज के परीक्षा केंद्र अधीक्षक (Center Superintendent) और प्राचार्य की ओर से विश्वविद्यालय को एक आधिकारिक रिपोर्ट प्रेषित की गई है:

दैनिक उपस्थिति और शांतिपूर्ण माहौल: भेजी गई रिपोर्ट में इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि कॉलेज में आयोजित परीक्षाएं पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित और कदाचार मुक्त वातावरण में संपन्न हो रही हैं।

छात्रों की उपस्थिति: रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा में पंजीकृत कुल छात्र-संख्या में से अधिकांश परीक्षार्थी उपस्थित रहे, और किसी भी पाली में किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि या नकल का मामला सामने नहीं आया है।

संसाधनों की उपलब्धता: विश्वविद्यालय को भेजी गई रिपोर्ट में यह भी आश्वस्त किया गया है कि कॉलेज प्रशासन के पास परीक्षा से जुड़े सभी लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा मानक दुरुस्त हैं।

छात्रों में अनुशासन और अभिभावकों में राहत का माहौल

परीक्षा केंद्र पर विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारियों के औचक निरीक्षण और कड़े प्रशासनिक पहरे का सकारात्मक असर छात्रों पर भी देखने को मिल रहा है:

अनुशासन का पालन: छात्र अब परीक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर नजर आ रहे हैं और वे समय से पहले केंद्र पर पहुंचकर निर्धारित नियमों का पालन कर रहे हैं।

अभिभावकों की प्रतिक्रिया: स्थानीय अभिभावकों ने विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन के इस सख्त रुख की सराहना की है। उनका मानना है कि इस तरह की पारदर्शी और कड़ी व्यवस्था से मेधावी छात्रों को उनका वास्तविक हक मिलेगा और शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा।

मारवाड़ी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर परीक्षा नियंत्रक का औचक दौरा और उसके बाद कॉलेज प्रशासन द्वारा विवि को भेजी गई रिपोर्ट यह साबित करती है कि भागलपुर में उच्च शिक्षा की परीक्षाओं की गरिमा को बनाए रखने के लिए प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। यदि इसी प्रकार की सख्ती और पारदर्शिता पूरे सत्र के दौरान बनी रही, तो निश्चित रूप से परीक्षा प्रणाली में आमूल-चूल सुधार देखने को मिलेगा, जिससे छात्रों का भविष्य और अधिक उज्जवल हो सकेगा।