सोलर प्लेट सप्लाई के नाम पर जालसाजों ने पटना बुलाकर की धोखाधड़ी, साइबर थाने में मामला दर्ज
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बार फिर ठगी और विश्वासघात का एक बड़ा मामला सामने आया है। मुजफ्फरपुर के एक प्रतिष्ठित व्यवसायी विजय ठाकुर के साथ सोलर प्लेट सप्लाई के नाम पर 50 लाख रुपए की भारी-भरकम ठगी की गई है। शातिर अपराधियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत व्यवसायी और उनके पार्टनर को बिजनेस के सिलसिले में पटना बुलाया और वहां से बड़ी सफाई से 50 लाख रुपए लेकर फरार हो गए। इस सनसनीखेज धोखाधड़ी के बाद पीड़ित व्यवसायी ने मुजफ्फरपुर साइबर थाने में पहुंचकर नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई है। इस घटना के बाद व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला? सोलर प्लेट सप्लाई का झांसा
यह पूरा मामला मुजफ्फरपुर के एक व्यापारी विजय ठाकुर से जुड़ा है। वर्तमान समय में ऊर्जा के क्षेत्र में सौर ऊर्जा (सोलर एनर्जी) और सोलर प्लेट्स की मांग बाजार में काफी तेजी से बढ़ रही है। इसी का फायदा उठाते हुए कुछ ठगों और जालसाजों ने सोलर प्लेट्स की बड़ी खेप सप्लाई करने या व्यवसाय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर विजय ठाकुर को अपने जाल में फंसाया।
व्यवसायिक डील की बात: आरोपियों ने पीड़ित व्यवसायी के साथ सोलर प्लेट सप्लाई को लेकर एक बड़ी व्यावसायिक डील तय की, जिसके एवज में भारी रकम की जरूरत बताई गई।
भरोसा जीतना: शुरुआत में जालसाजों ने इस तरह से बातचीत की और कागजी औपचारिकताएं दिखाईं कि व्यवसायी को उन पर पूरा भरोसा हो गया।
पटना बुलाकर दिया गया ठगी को अंजाम
योजना के मुताबिक, जब पैसों के लेनदेन और फाइनल डील की बात आई, तो आरोपियों ने व्यवसायी विजय ठाकुर और उनके बिजनेस पार्टनर को पटना बुलाया।
पैसे लेकर हुए चंपत: पीड़ित व्यवसायी और उनके पार्टनर तय समय पर पटना पहुंचे। आरोपियों ने विश्वास में लेकर उनसे 50 लाख रुपए की नकद या अन्य माध्यम से बड़ी रकम ले ली। इसके बाद शातिर जालसाज विभिन्न बहानों से वहां से खिसक गए और फिर वापस लौटकर नहीं आए।
धोखाधड़ी का अहसास: जब काफी देर तक आरोपियों का कोई अतापता नहीं चला और उनके फोन भी बंद आने लगे, तब विजय ठाकुर को समझ आया कि उनके साथ बहुत बड़ी ठगी हो चुकी है। ठगी का शिकार होने के बाद दोनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
साइबर थाने में एफआईआर दर्ज और पुलिस की तफ्तीश
इस घटना के बाद सदमे में आए व्यवसायी विजय ठाकुर ने हिम्मत जुटाई और मुजफ्फरपुर वापस आकर मामले की शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया।
साइबर थाने में मामला दर्ज: पीड़ित ने मुजफ्फरपुर के साइबर थाने में लिखित आवेदन देकर उन तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई है, जिन्होंने इस पूरी साजिश को अंजाम दिया था।
पुलिस की कार्रवाई: साइबर थाने की पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद तकनीकी अनुसंधान (Technical Investigation) और बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जिन लोगों ने इस ठगी को अंजाम दिया है, उनका पुराना आपराधिक इतिहास क्या है और वे किस गिरोह से जुड़े हुए हैं। साथ ही, पटना में जिस जगह पर यह घटना हुई थी, वहां के सीसीटीवी फुटेज को भी खंगालने की तैयारी की जा रही है।
व्यापारिक सुरक्षा और बढ़ती साइबर-ठगी पर चिंता
इस घटना ने एक बार फिर व्यापारियों की सुरक्षा और डिजिटल व व्यावसायिक युग में बढ़ती धोखाधड़ी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
सावधानी की अपील: पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि व्यापारियों को किसी भी बड़े व्यावसायिक लेनदेन से पहले संबंधित व्यक्ति या कंपनी की पूरी सत्यता और दस्तावेजों की गहन जांच जरूर कर लेनी चाहिए। अनजान लोगों के साथ भारी मात्रा में नकदी या ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
न्याय की गुहार: दूसरी ओर, पीड़ित व्यवसायी विजय ठाकुर और उनके सहयोगियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द उन ठगों को गिरफ्तार किया जाए और उनके 50 लाख रुपए की बरामदगी सुनिश्चित की जाए, ताकि उनकी मेहनत की कमाई उन्हें वापस मिल सके।