कन्या मध्य विद्यालय, बेनौत में दिवंगत रसोईया चंद्रभूषण सिंह को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, विद्यालय में आयोजित हुई शोकसभा
छपरा: सारण जिले के कन्या मध्य विद्यालय, बेनौत में कार्यरत रसोईया चंद्रभूषण सिंह के निधन पर विद्यालय परिसर में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, रसोईया साथी, छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा उनके परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
विद्यालय परिसर का वातावरण शोकमय था। दिवंगत चंद्रभूषण सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उपस्थित लोगों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके द्वारा विद्यालय तथा विद्यार्थियों के प्रति किए गए योगदान को याद किया।
प्रधानाध्यापक ने व्यक्त की गहरी संवेदना
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक व्यास सिंह ने चंद्रभूषण सिंह के निधन को विद्यालय परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
उन्होंने कहा कि चंद्रभूषण सिंह वर्षों से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ विद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनका व्यवहार अत्यंत सरल, विनम्र और सहयोगपूर्ण था, जिसके कारण वे सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के बीच बेहद लोकप्रिय थे।
प्रधानाध्यापक ने कहा कि उनका अचानक निधन पूरे विद्यालय परिवार को गहरा आघात पहुंचाने वाला है।
विद्यार्थियों ने भी दी श्रद्धांजलि
विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी अपने प्रिय रसोईया को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की।
कई विद्यार्थियों ने कहा कि चंद्रभूषण सिंह हमेशा स्नेहपूर्वक उनसे बात करते थे और मध्याह्न भोजन की व्यवस्था पूरी लगन से करते थे। उनके व्यवहार और अपनापन को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।
बच्चों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी।
शिक्षा कर्मियों ने साझा की यादें
श्रद्धांजलि सभा के दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों ने चंद्रभूषण सिंह से जुड़ी अनेक स्मृतियां साझा कीं।
उन्होंने बताया कि वे हमेशा समय के पाबंद रहते थे और विद्यालय की जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभाते थे। चाहे मौसम कैसा भी हो, वे नियमित रूप से विद्यालय पहुंचकर बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार करने में अपनी भूमिका निभाते थे।
उनकी कर्मनिष्ठा और सेवा भावना सभी के लिए प्रेरणास्रोत थी।
समाज में भी थी अच्छी पहचान
स्थानीय लोगों ने बताया कि चंद्रभूषण सिंह केवल विद्यालय तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेते थे।
वे जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए हमेशा तैयार रहते थे और अपने मिलनसार स्वभाव के कारण क्षेत्र में सम्मानित व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे।
उनके निधन से विद्यालय के साथ-साथ पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
मौन रखकर दी श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि सभा के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इसके बाद उपस्थित लोगों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा उनके परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य और साहस प्रदान करें।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी जताया शोक
विद्यालय परिवार के साथ-साथ शिक्षा विभाग से जुड़े कई अधिकारियों और शिक्षकों ने भी चंद्रभूषण सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है और उनके योगदान को हमेशा सम्मानपूर्वक याद रखा जाएगा।
विद्यालय में रहा शोक का माहौल
श्रद्धांजलि सभा के कारण पूरे विद्यालय में शोक का वातावरण बना रहा।
छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने दिवंगत के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उनके जीवन और कार्यों को याद किया। कई लोगों की आंखें नम हो गईं जब उनके साथ बिताए गए पलों को साझा किया गया।
परिवार के प्रति संवेदना
सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा विद्यालय परिवार उनके साथ खड़ा है और हर संभव सहयोग के लिए तैयार रहेगा।
सेवा और समर्पण की मिसाल
वक्ताओं ने कहा कि चंद्रभूषण सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
उनका जीवन यह संदेश देता है कि किसी भी कार्य को समर्पण और ईमानदारी के साथ करने वाला व्यक्ति हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहता है।
कन्या मध्य विद्यालय, बेनौत में आयोजित श्रद्धांजलि सभा दिवंगत रसोईया चंद्रभूषण सिंह के प्रति सम्मान, संवेदना और कृतज्ञता का भावपूर्ण उदाहरण बनी। प्रधानाध्यापक व्यास सिंह, शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सभी ने उनके सेवा भाव, सादगी और समर्पण को याद करते हुए कहा कि उनका योगदान विद्यालय परिवार के लिए सदैव प्रेरणादायक रहेगा और उनकी स्मृतियां हमेशा जीवित रहेंगी।