सीबीएसई 12वीं कंपार्टमेंटल परीक्षा को लेकर बढ़ी चिंता, परीक्षा 15 जुलाई से लेकिन अब तक शुरू नहीं हुई फॉर्म भरने की प्रक्रिया
नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं कक्षा की कंपार्टमेंटल परीक्षा 15 जुलाई से प्रस्तावित है, लेकिन परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इस स्थिति ने छात्रों, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है। परीक्षा की तारीख नजदीक आने के बावजूद ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं होने से हजारों छात्र असमंजस में हैं। वहीं, सीबीएसई के कई महत्वपूर्ण ऑनलाइन पोर्टल बंद होने के कारण परीक्षा से जुड़ी अन्य प्रक्रियाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि आमतौर पर कंपार्टमेंटल परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया परीक्षा से काफी पहले शुरू कर दी जाती है, ताकि छात्रों को पर्याप्त समय मिल सके। लेकिन इस बार स्थिति अलग दिखाई दे रही है। बोर्ड द्वारा परीक्षा कार्यक्रम घोषित किए जाने के बावजूद आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
परीक्षा की तारीख तय, लेकिन आवेदन प्रक्रिया अधूरी
सीबीएसई ने पहले ही घोषणा कर दी है कि 12वीं बोर्ड की कंपार्टमेंटल परीक्षा 15 जुलाई से आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण होती है जो मुख्य परीक्षा में एक या अधिक विषयों में सफल नहीं हो सके हैं और अपने शैक्षणिक वर्ष को बचाने के लिए दोबारा परीक्षा देना चाहते हैं।
हालांकि परीक्षा में अब कुछ ही सप्ताह का समय बचा है, लेकिन आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं होने के कारण छात्र यह नहीं समझ पा रहे हैं कि उन्हें आगे क्या करना चाहिए। कई छात्रों का कहना है कि परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ उन्हें आवेदन प्रक्रिया को लेकर भी चिंता सताने लगी है।
बंद पड़े पोर्टल बने परेशानी की वजह
स्कूलों और छात्रों के अनुसार सीबीएसई के कई महत्वपूर्ण पोर्टल पिछले कुछ दिनों से बंद हैं या तकनीकी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इन पोर्टलों के माध्यम से ही स्कूल छात्रों का विवरण अपलोड करते हैं, आवेदन फॉर्म जमा करते हैं और परीक्षा संबंधी अन्य प्रक्रियाएं पूरी करते हैं।
पोर्टल बंद होने के कारण न केवल कंपार्टमेंटल परीक्षा के आवेदन प्रभावित हुए हैं, बल्कि कई अन्य प्रशासनिक कार्य भी रुक गए हैं। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि वे बोर्ड के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है।
छात्रों में बढ़ रही बेचैनी
कंपार्टमेंटल परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए यह परीक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस परीक्षा के परिणाम पर ही उनका अगला शैक्षणिक और व्यावसायिक भविष्य निर्भर करता है। ऐसे में आवेदन प्रक्रिया में हो रही देरी ने छात्रों की चिंता और बढ़ा दी है।
कई छात्रों का कहना है कि यदि फॉर्म भरने की प्रक्रिया अंतिम समय में शुरू की जाती है तो उन्हें जल्दबाजी में आवेदन करना पड़ेगा। इससे तकनीकी समस्याओं और त्रुटियों की संभावना भी बढ़ सकती है। कुछ छात्रों ने यह भी आशंका जताई कि यदि समय रहते आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो उनकी परीक्षा में शामिल होने की तैयारी प्रभावित हो सकती है।
अभिभावकों की चिंता भी बढ़ी
छात्रों के साथ-साथ अभिभावक भी इस स्थिति को लेकर परेशान हैं। उनका कहना है कि परीक्षा की तारीख घोषित होने के बाद आवेदन प्रक्रिया में इतनी देरी होना समझ से परे है। अभिभावकों का मानना है कि बोर्ड को छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
कई अभिभावकों ने कहा कि उनके बच्चे पहले ही परीक्षा परिणाम के बाद मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं। ऐसे में आवेदन प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता उनकी परेशानी और बढ़ा रही है। उनका मानना है कि बोर्ड को समय रहते स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए ताकि छात्रों का आत्मविश्वास बना रहे।
स्कूल प्रबंधन भी असमंजस में
स्कूल प्रशासन के सामने भी कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। सामान्यतः स्कूलों को छात्रों की जानकारी सत्यापित कर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होती है। लेकिन पोर्टल बंद होने के कारण वे यह कार्य नहीं कर पा रहे हैं।
कई स्कूलों के प्रधानाचार्यों का कहना है कि वे लगातार बोर्ड और क्षेत्रीय कार्यालयों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। इससे स्कूलों के लिए छात्रों और अभिभावकों को संतोषजनक जवाब देना मुश्किल हो गया है।
विशेषज्ञों ने जताई चिंता
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में तकनीकी बाधाएं गंभीर विषय हैं। यदि आवेदन प्रक्रिया समय पर शुरू नहीं होती है तो इसका सीधा असर छात्रों की तैयारी और परीक्षा प्रबंधन पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार बोर्ड को तकनीकी समस्याओं का शीघ्र समाधान कर आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ करनी चाहिए। साथ ही, यदि आवश्यक हो तो आवेदन की अंतिम तिथि और अन्य प्रक्रियाओं में भी उचित संशोधन किया जाना चाहिए ताकि किसी छात्र को नुकसान न हो।
बोर्ड की ओर से स्पष्ट जानकारी का इंतजार
अब तक सीबीएसई की ओर से आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की कोई आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की गई है। इसी कारण छात्रों और स्कूलों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। सभी की निगाहें बोर्ड की अगली घोषणा पर टिकी हैं।
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि बोर्ड जल्द ही स्थिति स्पष्ट करेगा और पोर्टल से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का समाधान कर आवेदन प्रक्रिया शुरू करेगा। हालांकि जब तक आधिकारिक सूचना जारी नहीं होती, तब तक छात्रों और अभिभावकों की चिंता बनी रहेगी।
छात्रों की प्रमुख मांगें
छात्रों और अभिभावकों ने सीबीएसई से कुछ प्रमुख मांगें रखी हैं:
- कंपार्टमेंटल परीक्षा के फॉर्म भरने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए।
- बंद पड़े पोर्टलों को जल्द से जल्द चालू किया जाए।
- आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा से संबंधित स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
- तकनीकी देरी के कारण किसी छात्र को नुकसान न हो, इसकी गारंटी दी जाए।
- आवश्यकता पड़ने पर आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए।