मनसा विषहरी महारानी केंद्रीय पूजा समिति की आमसभा में पूजा की तैयारियों को लेकर हुआ व्यापक मंथन; नई कार्यकारिणी का गठन, शोभायात्रा और विसर्जन के समय का हुआ निर्धारण

भागलपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि: अंग क्षेत्र की प्राचीन लोक संस्कृति, आस्था और पौराणिक परंपरा के प्रतीक पावन पर्व बिहुला-विषहरी पूजा को लेकर प्रशासनिक और सामाजिक तैयारियां अब युद्धस्तर पर शुरू हो गई हैं। इसी सिलसिले में रविवार को भागलपुर के लालूचक भट्ठा रोड स्थित एक विवाह भवन के प्रांगण में मनसा विषहरी महारानी केंद्रीय पूजा समिति की ओर से एक महत्वपूर्ण और भव्य आमसभा सह बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय समिति के नवनिर्वाचित अध्यक्ष भोला कुमार मंडल ने की, जबकि कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व मेयर डॉ. वीणा यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा मां मनसा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके किया। इस उच्चस्तरीय बैठक में भागलपुर और बांका जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए पूजा समितियों के अध्यक्ष, मेढ़पति और वरिष्ठ पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए, जहां आगामी पूजा के सफल संचालन, सुरक्षा व्यवस्था, रूट चार्ट और विभिन्न बुनियादी समस्याओं को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया।

नई कार्यकारिणी का गठन और सर्वसम्मति से पदाधिकारियों का चयन

बैठक की शुरुआत में सबसे पहले पुरानी समिति को औपचारिक रूप से भंग किया गया और इसके बाद सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया पूरी की गई।

प्रमुख पदों पर चयन: अंग क्षेत्र के इस बड़े धार्मिक आयोजन को सुचारू रूप से चलाने के लिए भागलपुर और बांका जिले की विभिन्न पूजा समितियों के प्रतिनिधियों ने एक बार फिर भोला कुमार मंडल पर भरोसा जताते हुए उन्हें केंद्रीय समिति का अध्यक्ष चुना है।

इसके अलावा, प्रदीप कुमार को कार्यकारी अध्यक्ष, शशि शंकर राय को महामंत्री और बचपन/बब्लू भगत को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का फूल-मालाओं और जोरदार नारों के साथ स्वागत किया गया।

शोभायात्रा, प्रतिमा स्थापना और विसर्जन का विस्तृत शेड्यूल तय

बैठक के दौरान केंद्रीय समिति ने इस वर्ष की पूजा और शोभायात्रा के समय व नियमों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अध्यक्ष भोला कुमार मंडल ने बैठक में मौजूद सभी समितियों के सदस्यों को जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासनिक समन्वय के साथ इस बार के जलूस और विसर्जन को अत्यंत अनुशासनबद्ध तरीके से संपन्न कराया जाएगा।

परबत्ती की प्रतिमा का प्रस्थान: निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, परबत्ती से उठने वाली मां विषहरी की मुख्य प्रतिमा दोपहर 3:45 बजे तक स्टेशन चौक पहुंचेगी।

भव्य शोभायात्रा का समय: स्टेशन चौक पहुंचने के बाद शाम ठीक 4:00 बजे से पारंपरिक और भव्य शोभायात्रा का विधिवत शुभारंभ होगा, जिसमें शहरभर के विभिन्न अखाड़ों और समितियों की झांकियां शामिल होंगी।

विसर्जन की समय-सीमा: सभी प्रतिमाओं के विसर्जन का समय रात ठीक 12:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा या अव्यवस्था से बचा जा सके।

विभिन्न पूजा समितियों द्वारा उठाई गई समस्याएं और प्रमुख मांगें

बैठक के दौरान जिले के अलग-अलग कोनों से आए पूजा समितियों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने इलाकों की जमीनी समस्याओं को खुलकर रखा और उनके त्वरित समाधान की मांग की:

सड़क और यातायात की समस्या: ईश्वर नगर और सस्तु भगत पूजा समिति ने बौसी पुल से गुरहट्टा चौक तक की सड़क को समतल और दुरुस्त कराने की पुरजोर मांग उठाई, ताकि श्रद्धालुओं और झांकियों को आने-जाने में परेशानी न हो।

सफाई और जलभराव: पासी टोला और ईशाकचक समिति के सदस्यों ने नालियों के गंदे पानी और कचरे के उठाव की समस्या को प्रमुखता से उठाया। वहीं, हसनगंज, कुतुबगंज और मुंदीचक की समितियों ने सड़कों पर लटक रहे खतरनाक बिजली के तारों को ठीक करने, रास्ते में आने वाली पेड़ों की टहनियों की छंटाई करने तथा अस्थायी कृत्रिम तालाबों व बड़े प्रतिमाओं के लिए अलग विसर्जन कुंड बनाने की मांग रखी।

सुरक्षा और अतिरिक्त बल: महेशपुर समिति ने मेले के दौरान असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और महिला बलों की तैनाती की मांग की है।

सांस्कृतिक जागरूकता और विशेष पहल: घर-घर दीप और सिंदूर का पौधा

इस बार की विषहरी पूजा को केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित न रखकर इसे सामाजिक जागरूकता का माध्यम भी बनाया जा रहा है।

हर घर जलेगा दीप: केंद्रीय समिति की ओर से एक अनूठा आह्वान किया गया है कि इस वर्ष विषहरी पूजा के पावन अवसर पर भागलपुर और आसपास के प्रत्येक घर में सती बिहुला-विषहरी के नाम पर कम से कम एक दीप जरूर जलाया जाए, जिससे सांस्कृतिक चेतना और दीपियों का यह पर्व घर-घर तक पहुंचे।

रासायनिक सिंदूर के प्रति जागरूकता: समाज में केमिकल या रासायनिक सिंदूर के दुष्प्रभावों से लोगों को बचाने और पारंपरिक धरोहर को सहेजने के लिए प्रमुख स्थानों पर सिंदूर का पौधा लगाने का भी संकल्प लिया गया है।

बैठक में प्रमुख रूप से इनकी रही उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण बैठक को सफल बनाने में भगवान यादव, ओम प्रकाश तिवारी, निरंजन चंद्रवंशी, प्रमोद चौधरी, राजा मंडल, कैलाश यादव, श्यामल किशोर मिश्र, दिनेश मंडल, राजीव शर्मा, पिंकी बागोरिया, रंजू देवी, मनोज कुमार, नवीन कुमार चिंटू, छांगुरी शर्मा सहित सैकड़ों गणमान्य लोग और विभिन्न पूजा समितियों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

निष्कर्ष

मनसा विषहरी महारानी केंद्रीय पूजा समिति द्वारा आयोजित यह आमसभा इस बात का प्रमाण है कि भागलपुर में इस ऐतिहासिक लोकपर्व की तैयारियां अब अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी हैं। नई कार्यकारिणी के गठन और विभिन्न समस्याओं के समय रहते प्रशासनिक स्तर पर निदान की मांग ने इस आयोजन को और अधिक पुख्ता बना दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन और समिति के आपसी तालमेल से इस वर्ष की बिहुला-विषहरी पूजा बेहद भव्य, शांतिपूर्ण और ऐतिहासिक रूप से संपन्न होगी।