भीषण गर्मी के बीच घंटों की कटौती से नागरिक बेहाल, विभाग ने साधी चुप्पी

पीरपैंती/बाराहाट (भागलपुर): भागलपुर जिले के पीरपैंती और बाराहाट फीडर के अंतर्गत आने वाले इलाकों में इन दिनों बिजली की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। अघोषित बिजली कटौती ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जहाँ एक ओर भीषण गर्मी और उमस से लोग परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग की लचर कार्यप्रणाली ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है।

बिजली कटौती से जनता में आक्रोश

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों से बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। उपभोक्ताओं के अनुसार, पहले बिजली की स्थिति काफी बेहतर थी और कटौती का समय भी निश्चित था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। दिन हो या रात, बिजली कब गुल हो जाएगी, इसका कोई ठिकाना नहीं रहता।

इस अव्यवस्था का सबसे ताजा उदाहरण रविवार को देखने को मिला, जब पूरे क्षेत्र में करीब तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी के बीच बिजली गुल होने से लोगों का जीना मुहाल हो गया। बच्चों की पढ़ाई से लेकर घरेलू कामकाज और व्यापारिक गतिविधियां तक बुरी तरह प्रभावित हुईं।

विभाग की लापरवाही और खोखले दावे

जब स्थानीय लोगों ने इस संबंध में बिजली विभाग के कर्मियों और अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्हें हमेशा की तरह 'तकनीकी खराबी' या 'मेंटेनेंस' का रटा-रटाया जवाब मिला। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिजली विभाग के कर्मी समस्याओं का स्थायी समाधान करने के बजाय केवल बहानेबाजी कर रहे हैं।

एक स्थानीय दुकानदार ने बताया, "हमें हर महीने बिजली का भारी-भरकम बिल भरना पड़ता है, लेकिन बदले में हमें पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। रविवार को जब तीन घंटे बिजली कटी, तो विभाग के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा।"

आधारभूत संरचना की कमी या कुप्रबंधन?

विशेषज्ञों का मानना है कि पीरपैंती और बाराहाट क्षेत्र में बिजली की समस्या का मुख्य कारण पुराने हो चुके तार, ढीले जंपर और क्षमता से अधिक लोड का होना है। फीडर की क्षमता में वृद्धि किए बिना नए कनेक्शन दिए जाने के कारण सिस्टम पर दबाव बढ़ गया है, जिसके चलते मामूली हवा या बारिश होते ही बिजली गुल हो जाती है।

क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने अब विभाग को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने मांग की है कि फीडर के मेंटेनेंस का काम युद्धस्तर पर किया जाए और लोड शेडिंग के लिए एक स्पष्ट समय-सारणी (Time Table) जारी की जाए।

इस मामले पर जब स्थानीय बिजली उपकेंद्र के कनीय अभियंता से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी और पेड़ों की टहनियों के तारों से टकराने के कारण आपूर्ति बाधित होती है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही पूरे क्षेत्र में 'स्पेशल मेंटेनेंस ड्राइव' चलाई जाएगी ताकि आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सके।

फिलहाल, पीरपैंती और बाराहाट के नागरिक विभाग के आश्वासनों के भरोसे बैठे हैं, लेकिन धरातल पर सुधार की प्रतीक्षा अभी भी जारी है। बिजली विभाग की यह लापरवाही न केवल लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि सरकारी तंत्र के प्रति लोगों का विश्वास भी कम कर रही है।