प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मचा हड़कंप, करीब ढाई घंटे तक चली जांच से महकमे में दौड़ी खलबली; लापरवाही बरतने वाले कर्मियों को मिली कड़ी चेतावनी

बिहार के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों जिलाधिकारियों द्वारा जमीनी स्तर पर सरकारी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए लगातार औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पूर्णिया जिले के युवा और तेजतर्रार जिलाधिकारी अंशुल कुमार (District Magistrate Anshul Kumar) ने बुधवार को भवानीपुर क्षेत्र का औचक दौरा किया। जिलाधिकारी ने भवानीपुर प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय और स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (Community Health Center) में एक-एक बिंदु की करीब ढाई घंटे तक गहन जांच की।

डीएम के इस अचानक दौरे से कार्यालयों में पदस्थापित अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया। कई कर्मचारी अपनी कुर्सियों से नदारद मिले, तो कई जगहों पर फाइलों के रख-रखाव में भारी अनियमितताएं पाई गईं। जिलाधिकारी ने सख्त तेवर दिखाते हुए कामकाज में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों को कड़ी फटकार लगाई और व्यवस्था में तुरंत सुधार लाने के निर्देश दिए। आइए जिलाधिकारी अंशुल कुमार के इस औचक निरीक्षण, प्रखंड कार्यालय व स्वास्थ्य केंद्र की कमियों और प्रशासनिक सुधार की दिशा में उठाए गए कदमों का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।

औचक निरीक्षण की पृष्ठभूमि: प्रशासनिक कसावट की बड़ी पहल

जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि सरकार की कल्याणकारी योजनाएं और बुनियादी सेवाएँ बिना किसी बाधा के सीधे आम जनता तक पहुँच सकें।

शिकायतों का संज्ञान: पिछले कुछ दिनों से भवानीपुर प्रखंड और अंचल कार्यालय में व्याप्त कथित अनियमितताओं, बिचौलियों की सक्रियता और समय पर काम न होने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार फीडबैक आ रहा था।

अचानक पहुँचा अमला: बिना किसी पूर्व सूचना के जिलाधिकारी अंशुल कुमार जब सीधे भवानीपुर प्रखंड कार्यालय पहुँचे, तो वहाँ मौजूद कर्मियों के होश उड़ गए। उनके साथ प्रशासनिक अधिकारियों का दल भी मौजूद था।

प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय में औचक जांच: फाइलों से लेकर उपस्थिति पंजी तक खंगाली गई

जिलाधिकारी ने सबसे पहले भवानीपुर प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय का रुख किया और वहाँ की एक-एक व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया।

उपस्थिति पंजी (Attendance Register) की जांच: डीएम ने सबसे पहले कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी की मांग की। जांच के दौरान कई अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिनका कोई वैध अवकाश आवेदन भी दर्ज नहीं था। जिलाधिकारी ने अनुपस्थित कर्मियों के खिलाफ स्पष्टीकरण (Show Cause) जारी करने का निर्देश दिया।

आरटीपीएस काउंटर और कार्यप्रणाली: जाति, आवासीय और आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आने वाले आम नागरिकों से मिलकर डीएम ने उनकी समस्याओं को सुना। आरटीपीएस काउंटर पर उमड़ी भीड़ को देखकर उन्होंने काउंटर की संख्या बढ़ाने और कार्य प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने का आदेश दिया।

भूमि विवाद और दाखिल-खारिज (Mutation) के मामले: अंचल कार्यालय में दाखिल-खारिज और भूमि सुधार से जुड़ी फाइलों की पेंडेंसी को देखकर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अंचल अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित मामलों का निपटारा एक निश्चित समय सीमा के भीतर किया जाए, अन्यथा सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

कार्यालय परिसर की साफ-सफाई: प्रखंड परिसर में फैली गंदगी और जलजमाव को देखकर डीएम ने गहरी असंतोष व्यक्त किया और तुरंत सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का निरीक्षण: स्वास्थ्य सेवाओं की खुली पोल

प्रखंड कार्यालय के बाद जिलाधिकारी ने सीधे भवानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए उन्होंने अस्पताल के हर वार्ड का मुआयना किया।

चिकित्सकों और कर्मियों की अनुपस्थिति: अस्पताल के निरीक्षण के दौरान रोस्टर के अनुसार कई डॉक्टर और चिकित्साकर्मी ड्यूटी से गायब मिले। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और अनुपस्थित पाए गए चिकित्सा कर्मियों का उस दिन का वेतन रोकने का आदेश दिया।

दवाइयों की उपलब्धता और स्टॉक: अस्पताल के दवा काउंटर (Pharmacy) का निरीक्षण करते हुए डीएम ने स्टॉक रजिस्टर की जांच की और आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि मरीजों को बाहर से दवाइयां लिखने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।

साफ-सफाई और मरीजों से संवाद: अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मिलकर डीएम ने मिलने वाली सुविधाओं (जैसे भोजन, शुद्ध पेयजल और बिस्तर की साफ-सफाई) के बारे में फीडबैक लिया। मरीजों ने कुछ कमियों की शिकायत की, जिस पर डीएम ने अस्पताल प्रबंधन को तुरंत सुधार करने की चेतावनी दी।

निरीक्षण के बाद प्रशासनिक हलकों में मचा हड़कंप

करीब ढाई घंटे तक चले इस मैराथन औचक निरीक्षण से भवानीपुर प्रखंड और स्वास्थ्य विभाग के महकमे में भूचाल सा आ गया है।

सुधार के सख्त निर्देश: निरीक्षण के अंत में डीएम अंशुल कुमार ने प्रखंड सभागार में सभी संबंधित अधिकारियों के साथ एक संक्षिप्त बैठक की। बैठक में उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जनता के पैसों से चलने वाले इन कार्यालयों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कर्मचारियों में चेतावनी का असर: इस औचक कार्रवाई के बाद से न केवल भवानीपुर बल्कि आसपास के अन्य प्रखंडों के सरकारी कर्मियों में भी यह संदेश साफ चला गया है कि अब ड्यूटी में कोताही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

जिलाधिकारी अंशुल कुमार द्वारा भवानीपुर प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का यह ढाई घंटे का औचक निरीक्षण सुशासन की दिशा में एक बेहद सराहनीय कदम है। इस प्रकार की जमीनी कार्रवाई से न केवल सरकारी कार्यालयों की कार्यशैली में सुधार आता है, बल्कि आम जनता का प्रशासनिक व्यवस्था पर विश्वास भी मजबूत होता है। यदि इसी प्रकार नियमित रूप से औचक निरीक्षण होते रहें, तो सरकारी योजनाओं का लाभ सही मायनों में जरूरतमंदों तक पहुँच सकेगा और लापरवाह कर्मियों की जवाबदेही तय होगी।