शिवनारायणपुर के मथुरापुर गांव में देर रात अज्ञात अपराधियों का तांडव, ग्रामीणों में दहशत
कहलगांव (भागलपुर): भागलपुर जिले के कहलगांव अनुमंडल अंतर्गत शिवनारायणपुर थाना क्षेत्र का मथुरापुर गांव बुधवार की देर रात अशांत हो उठा। रात के सन्नाटे में अज्ञात अपराधियों द्वारा मचाए गए उत्पाद ने स्थानीय निवासियों की नींद उड़ा दी है। हालांकि घटना के विस्तृत विवरण की अभी पुष्टि की जा रही है, लेकिन प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, इस वारदात ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मध्यरात्रि की घटना और ग्रामीणों की आपबीती
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना बुधवार की देर रात हुई जब ग्रामीण अपने घरों में गहरी नींद में सोए हुए थे। अचानक हुए शोर-शराबे और संदिग्ध गतिविधियों ने लोगों को सतर्क कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि अंधेरे का फायदा उठाते हुए अज्ञात अपराधी बेखौफ होकर गांव में घूम रहे थे और उन्होंने कुछ घरों व संपत्तियों को निशाना बनाने का प्रयास किया।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकले, लेकिन तब तक अपराधी अंधेरे का लाभ उठाकर वहां से फरार होने में सफल रहे। मथुरापुर गांव के निवासियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से अब उनका चैन छीन गया है।
पुलिस की सक्रियता और जांच
घटना की सूचना मिलते ही शिवनारायणपुर थाना पुलिस हरकत में आई। पुलिस बल के साथ वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ की और साक्ष्य जुटाने के लिए आसपास के रास्तों को खंगाला। थाना प्रभारी ने बताया कि अज्ञात अपराधियों की पहचान के लिए छापेमारी की जा रही है। इलाके के सीसीटीवी फुटेज (यदि उपलब्ध हो) को भी खंगाला जा रहा है ताकि अपराधियों का सुराग मिल सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
मथुरापुर गांव में हुई इस घटना ने स्थानीय निवासियों के मन में सुरक्षा को लेकर गहरा डर पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में पुलिस की रात्रि गश्त काफी लचर है, जिसका फायदा अपराधी उठा रहे हैं। पूर्व में भी कहलगांव और आसपास के क्षेत्रों में चोरी और आपराधिक घटनाओं के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए लोगों में पुलिस प्रशासन के प्रति असंतोष है।
व्यापारियों और ग्रामीणों की मांग
इस घटना के बाद मथुरापुर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने प्रशासन से निम्नलिखित कदम उठाने की मांग की है:
गश्त बढ़ाना: पुलिस को रात के समय गांव के आंतरिक रास्तों और संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त करनी चाहिए।
सीसीटीवी का जाल: गांव के प्रवेश और निकास द्वारों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
चौकीदार की जवाबदेही: स्थानीय चौकीदारों की निगरानी बढ़ाकर उन्हें सजग रहने के सख्त निर्देश दिए जाएं।
सघन छापेमारी: संदिग्ध व्यक्तियों की धर-पकड़ के लिए पुलिस विशेष अभियान चलाए।
प्रशासन का आश्वासन
शिवनारायणपुर पुलिस ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि अपराधियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने यह भी कहा है कि गांव में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा सकती है। साथ ही, ग्रामीणों से भी अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत डायल 100 या स्थानीय थाने को दें।
मथुरापुर गांव में हुई यह घटना क्षेत्र की वर्तमान कानून-व्यवस्था की स्थिति को दर्शाती है। अपराधियों का बेखौफ होना न केवल पुलिस के लिए एक चुनौती है, बल्कि समाज के लिए भी खतरे की घंटी है। अब देखना यह है कि क्या पुलिस इस मामले का खुलासा कर अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज पाती है या फिर यह घटना भी महज एक फाइल बनकर रह जाएगी। फिलहाल, गांव के लोग डरे हुए हैं और उम्मीद लगाए बैठे हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द सुरक्षा की गारंटी देगा।